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Blog Entry# 1821760  
Posted: Apr 26 2016 (23:09)

1 Responses
Last Response: Apr 26 2016 (23:09)
  
रेल राज्‍य मंत्री श्री मनोज सिन्‍हा की अध्‍यक्षता में इस मुद्दे पर चर्चा
के लिए प्रथम गोलमेज बैठक आयोजित

गोलमेज बैठक में इसरो, सीएसआईआर, डीआरडीओ, आरडीएसओ, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा उत्‍पादन विभाग प्रमुखों ने भाग लिया
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‘‘स्‍थायी अंतर-सरकारी प्रौद्योगिकी सहयोग पैनल’’ (एसआईटीसीओपी) के
स्‍थायी तंत्र बनाने का निर्णय लिया

इस कदम से भारत में नई प्रौद्योगिकियों के निर्माण को प्रोत्‍साहन मिलेगा और यह भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल की प्रमुख
वृद्धि के रूप में सामने आएगा

भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल को महत्‍वपूर्ण रूप से बढ़ावा देते हुए रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने अपने उपभोक्‍ताओं के लिए सुरक्षित, अधिक आरामदायक, अधिक कुशल और किफायती सेवायें देने के लिए रेलवे के रोलिंग स्‍टॉक में सुधार के लिए विशेष सामग्री और प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु प्रमुख सरकारी तकनीकी और वैज्ञानिक एजेंसियों के बीच एक वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के निर्माण के लिए अभूतपूर्व दृष्टिकोण की परिकल्‍पना की है। इसका उद्देश्‍य अन्‍य देशों पर भारतीय रेल की निर्भरता को कम करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान और उत्‍पादन के क्षेत्र में प्रमुख सरकारी निकायों के बीच एक संगठित तालमेल बनाकर भारत में नई प्रौद्योगिकियों के निर्माण को प्रोत्‍साहन देना है। इससे भारतीय रेल को एक ऐसी व्‍यवस्‍था बनाने में मदद मिलेगी, जो देश की स्‍थानीय परिस्थितियों और आवश्‍यकताओं के अनुकूल हो। इसके माध्‍यम से रेल के डिब्‍बों, लोकोमोटिव, वैगन, क्रेन और विशेष वाहनों आदि के निर्यात योग्‍य उत्‍पाद बनाने के लिए निरंतर रूप से एक रोलिंग स्‍टॉक प्रौद्योगिकी विकास में भी मदद मिलेगी।
इस दिशा में प्रथम कदम के रूप में, रेल मंत्रालय ने 25 अप्रैल, 2016 को रेल भवन में इसरो, सीएसआईआर, डीआरडीओ, आरडीएसओ, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा उत्‍पादन विभाग प्रमुखों के साथ एक गोलमेज सत्र का आयोजन किया। इस बैठक की अध्‍यक्षता रेल राज्‍य मंत्री श्री मनोज सिन्‍हा द्वारा की गई। भारतीय रेल ने ट्रेनों और सोलर हीट इंजनों पर सुरक्षा कैमरों के लिए सॉफ्टवेयर, रोलिंग स्‍टॉक की ऑनबोर्ड स्थिति की निगरानी के लिए प्रणाली, कोहरे में देखने के लिए तकनीक, ध्‍वनि और तापीय रोधन सामग्री के अलावा संरचनात्‍मक सामग्री, कोचों के लिए पैनलिंग सामग्री, कीटाणुनाशक, प्रतिरोधी स्‍वच्‍छता सामग्री, कोटिंग और विशेष पेन्‍ट जैसे क्षेत्रों में सहयोग की मांग की। डीआरडीओ ने स्‍टील की बेहद मजबूत मिश्रित धातु और एल्‍युमीनियम सहित रक्षा और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में उपयोग के लिए विकसित की गई अपनी विशेष सामग्री के बारे में विस्‍तृत प्रस्‍तुति दी। बैठक में कोहरे में देखने के लिए विशेष प्रौद्योगिकियों के विकास और पटरियों पर होने वाले अवरोधों का पता लगाने के लिए लेजर आधारित इमेजिंग सिस्‍टम जैसी विशेष तकनीकों को भी साझा किया गया। डीआरडीओ द्वारा नौसेना के युद्धक विमानों पर उपयोग के लिए विकसित विशेष कोटिंग के रेलवे द्वारा संभावित उपयोग पर भी चर्चा की गई। सहयोग के लिए मैग्‍लेव और विशेष मिश्रित एल्‍युमीनियम कोचों के विकास जैसे क्षेत्रों की भी पहचान की गई।
बैठक का समापन महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में न्‍यूनतम विदेशी निर्भरता के साथ भारतीय रेल हेतु भविष्‍य में बेहतर रोलिंग स्‍टॉक बनाने के लिए सरकार की आंतरिक क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करने के लिए एक ‘‘स्‍थायी अंतर-सरकारी प्रौद्योगिकी सहयोग पैनल’’ (एसआईटीसीओपी) के स्‍थायी तंत्र की घोषणा के साथ हुआ। एसआईटीसीओपी निकाय के द्वारा अंतर-क्षेत्र कार्य दलों को आवंटित सहयोगी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए वर्ष में दो बार बैठक का आयोजन किया जाएगा।
***
एसएस/जीआरएस-2235
(Release ID 49576)
विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें

  
1644 views
Apr 26 2016 (23:09)
KARNAL JUNCTION KUN Will SOON Be A REALITY~   547 blog posts
Re# 1821760-1            Tags   Past Edits
मैगलैव ही भविष्य है .
Very Very Far Sighted & Encouraging Steps Initiated by The Present Government especially w.r.t. Maglev among others . Congratulations .
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