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Blog Entry# 1924563  
Posted: Jul 10 2016 (10:22)

2 Responses
Last Response: Jul 10 2016 (11:13)
  
Rail News
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1002 views
Commentary/Human InterestWCR/West Central  -  
Jul 10 2016 (10:01)   नर्मदा और तवा समेत 12 रेलवेब्रिज को बारिश से खतरा
 

Few SF trains in NCR have silver spoon of PRIORITY*^   375 news posts
Entry# 1924563   News Entry# 273312         Tags   Past Edits
जबलपुर। प्रदेश में हो रही झमाझम बारिश का असर ट्रेनों पर दिखने लगा है। नदी और नाले उफान पर आते ही रेलवे अधिकारियों की नींद उड़ गई है। रेलवे के ट्रैक समेत ब्रिज और पुलियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जबलपुर रेल मंडल में 12 रेल ब्रिज सबसे संवेदनशील हैं, जिन पर दुर्घटना होने की संभवना ज्यादा होती है। इसमें सबसे खतरनाक ब्रिज नर्मदा और तवा रेल ब्रिज हैं, जहां पर रेलवे ने 24 घंटे वॉचमेन तैनात किया है। हालात पर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग समेत, ऑपरेटिंग, सिंग्नल विभाग के अधिकारी नजर रखे हुए हैं।
सबसे खतरनाक 7 बड़े रेल ब्रिज
1.
...
more...
नर्मदा ब्रिज
2. तवा ब्रिज इटरासी
3. हिरण ब्रिज
4. कोपरा ब्रिज दमोह
5. बेरवी ब्रिज भटेरा मद
6. सोनब्रिज- ब्यौहारी
7. महानदी- ब्यौहारी
एक ही जगह आती है दिक्कत
जबलपुर मंडल में तकरीबन 21 से 22 ऐसे रेलवे ब्रिज हैं जो दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील माने गए हैं। इसमें भी सबसे संवेदनशील रेल ब्रिज भी हैं, जिनकी संख्या तकरीबन 11 से 12 के आस-पास है। इन ब्रिज को संवेदनशील मानने की मुख्य वजह है कि सुरक्षा की दृष्टि से दुर्घटनाओं की संभावना होना।
ऑटोमेटिक वॉटर लेवल मेजरिंग इक्यूपमेंट
बारिश से रेलवे ब्रिज पर वाटर लेवल तेजी से बढ़ रहा है। इस पर नजर रखने के लिए संवेदनशील रेल ब्रिज में ऑटोमैटिक वाटर लेवल मेजरिंग इक्यूपमेंट लगाए गए हैं। इनकी मदद से संबंधित ब्रिज में पानी के लेवल की स्थिति की जानकारी एसएमएस पर लग रही है। जैसे ही ब्रिज पर पानी का लेवल कम या ज्यादा होता है, रेल अधिकारी के मोबाइल पर सीधे एसएमएस पहुंच जाता है। खतरे के निशान के आस-पास वाटर लेवल पहुंचते ही हाई अलार्ट जारी होता है। हालांकि अभी तक ऐसी स्थिति नहीं आई है।
अभी यह है स्थिति
तेज बारिश से रेलवे को सबसे ज्यादा खतरा ट्रैक पर पानी भरने या फिर रेल ब्रिज का वाटर लेवल बढ़ने से होता है। अभी तक सतना और दमोह में ऐसी स्थिति आई है, जहां बारिश के पानी से रेलवे ट्रैक डूब गए हैं। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों के अलावा सीनियर डीईएम नार्थ को सतना और सीनियर डीईएम वेस्ट को तत्काल भेज दिया गया है।
रेलवे ने उठाए कदम
- इटारसी से मनिकपुर, कटनी से बीना, कटनी से सिंगरौली समेत तकरीबन 1 हजार किमी के ट्रैक की पेटोलिंग बढा दी गई है। दिन और रात को स्पेशल वॉचमैन लगाए गए हैं। इतना ही नहीं मोबाइल पेट्रोलिंग से हर घंटे की खबर ली जा रही है ताकि पिछले साल भोपाल मंडल में हुए हरदा जैसा हादसा न हो।
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6360 views
Jul 10 2016 (10:22)
™Smart City Bhagalpur ®~   1157 blog posts   20 correct pred (76% accurate)
Re# 1924563-1            Tags   Past Edits
God save life of people of these area

  
6279 views
Jul 10 2016 (11:13)
™Smart City Bhagalpur ®~   1157 blog posts   20 correct pred (76% accurate)
Re# 1924563-2            Tags   Past Edits
Ye bad se kafi nuksaan ho rha hai
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