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Blog Posts by Kishor*^~
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Rail News
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Crime/AccidentsNCR/North Central  -  
Mar 26 2017 (13:01)   गतिमान एक्सप्रेस से टकराई 2 नीलगाय

↪ abbas*^~   24 news posts
Entry# 2211699   News Entry# 297694         Tags   Past Edits
आगरा | हज़रात निजामुद्दीन से आगरा कैंट आ रही गतिमान एक्सप्रेस शनिवार सुबह कीठम के पास दो नीलगायों से टकरा गई| लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाये| लेकिन दोनों नीलगाय इंजन के कैटल गार्ड मैं फस चुकी थी | तक़रीबन 20 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही | इसके बाद ट्रेन आगरा कैंट पोह्ची जहा इंजन बदला गया.

  
319 views
Mar 26 2017 (18:36)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2211699-1            Tags   Past Edits
नीलगाय : Bigger than even Horse : higher in height...
But it does not give milk yet it is called "Cow" and Govt can not allow its slaughter, because its head resemble a cow !!!
all over north Farmers are complaining menace of blue Horse as it is officially called in English,
No man can stop blue horse eating away the standing
...
more...
crop .... and many farmers are ruined due to these blue horses

1 posts are hidden.
  
05
Station Tip
Amenities
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Mar 23 2017 (23:50)   LTT/Lokmanya Tilak Terminus (5 PFs)

vfirke~   617 blog posts   11 correct pred (73% accurate)
Entry# 2208531            Tags   Past Edits
Facilities at LTT station.

  
541 views
Mar 24 2017 (21:15)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2208531-1            Tags   Past Edits
Retiring Rooms for Ladies and Gents one each ? शयनगृह means retiring room ?
In fact Indian Language is lacking certain words which are originated only in West.
"Retiring" means 'निवृति" : now whether you retire from job, or from day work... has to have specified defined words.... Retired from services means "सेवा निवृत"
now if retiring room is applied hindi meaning it
...
more...
becomes "निवृतालय" and not शयनगृह"
गृह means home... and not Room
How funny Is Rigid Translation as done Officially by Official Languages Dept of India :)

  
462 views
Mar 25 2017 (01:23)
vfirke~   617 blog posts   11 correct pred (73% accurate)
Re# 2208531-2            Tags   Past Edits
It is definately funny, but officials have to consider using a word which would convey the proper meaning of the facility being provided. In this case, शयनगृह was more appropriate word to use as Retiring rooms are meant for taking rest/sleeping.
Washrooms are sometimes referred to as Restrooms in English, that does not mean one has to literally take a rest there :P
  
Greetings
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Mar 23 2017 (16:41)  

Guest: 6f3ccee2   show all posts
Entry# 2207977            Tags   Past Edits
जय भारत माता। जय हिन्द।
शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शत् शत् नमन्।
.
23 मार्च 1931 की रात भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की 'देश-भक्ति' को अपराध की संज्ञा देकर फाँसी पर लटका दिया गया। कहा जाता है कि मृत्युदंड के लिए 24 मार्च की सुबह तय की गई थी लेकिन किसी बड़े जनाक्रोश की आशंका से डरी हुई अँग्रेज़ सरकार
...
more...
ने 23 मार्च की रात्रि को ही इन क्रांति-वीरों की जीवनलीला समाप्त कर दी। रात के अँधेरे में ही सतलुज के किनारे इनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
24 मार्च को जब यह समाचार भारतवासियों को मिला तो लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई, जहां इन शहीदों की पवित्र राख और कुछ अस्थियाँ पड़ी थीं, फिर आरंभ हुआ अँग्रेज़ साम्राज्य को उखाड़ फैंकने का संकल्प'।
भगत सिंह को फाँसी दे देने भर से भगत सिंह की आवाज बंद न होकर और बुलंद हो गई क्योंकि अब हर युवा के मन में भगत सिंह जैसा बनने की इच्छा पैदा हो गई थी। कवि राजगोपाल सिंह के शब्दों में:
.
उनका मक़सद था
आवाज़ को दबाना
अग्नि को बुझाना
सुगंध को क़ैद करना
तुम्हारा मक़सद था
आवाज़ बुलंद करना
अग्नि को हवा देना
सुगंध को विस्तार देना
वे कायर थे
उन्होंने तुम्हें असमय मारा
तुम्हारी राख को ठंडा होने से पहले ही
प्रवाहित कर दिया जल में
जल ने
अग्नि को और भड़का दिया
तुम्हारी आवाज़ शंखनाद में तबदील हो गई
कोटि-कोटि जनता की प्राण-वायु हो गए तुम
- राजगोपाल सिंह

  
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Mar 24 2017 (21:20)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2207977-1            Tags   Past Edits
Pakistan is Celebrating as pakistan day .... because the hanging of Trio resulted ultimatly in Freedom of India and Pakistan was borne. Pakistan also considers Bhagat sinh as Hero before India Govt recognized giving official respect, though public has been respecting them for decades.
In this spirit Pakistan is 'instigating' Kashmir issue
  
Rail News
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ER/Eastern  -  IR Press Release 
Mar 24 2017 (18:37)   NEW LHB RAKES FOR DHAKA-KOLKATA MAITREE EXPRESS

Jayashree ❖ Amita*^   35881 news posts
Entry# 2209414   News Entry# 297461         Tags   Past Edits
In order to provide more passenger amenities and safety, the conventional rake of 13109/13110 Kolkata- Dhaka Cantt. & 13107/13108 Dhaka- Kolkata Maitree Express Trains will be converted into complete Air-Conditioned LHB (Linke Hofmann Busch) rakes with effect from 14thApril 2017.
Consequently the trains will have 4 First AC Coaches, 4 AC Chair Cars & 2 Power Cars i.e. 10 coaches in total with a capacity of a total 456 accommodation.

  
757 views
Mar 24 2017 (18:55)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2209414-1            Tags   Past Edits
composition of coaches " 4 First AC Coaches, 4 AC Chair Cars & 2 Power Cars"
Seems like a mini Shatabdi

2 posts are hidden.

  
Mar 24 2017 (19:32)
Pran Pratim Ghosh   20255 blog posts   94868 correct pred (75% accurate)
Re# 2209414-4            Tags   Past Edits
yes, Shatabdi rake allotted to ER, also arrived at KOAA.
Will be converted as Maitree AC Express on Bengali New Year Eve.
  
कहीं रेलवे को बेचने की तैयारी तो नहीं!... आज रेलवे की भयानक अराजकता और रेल कर्मचारियों की लापरवाही के साक्षात दर्शन हुए। सुबह मुझे कानपुर शताब्दी (12033) पकड़कर वापस गाजियाबाद आना था। कानपुर स्टेशन से यह गाड़ी सुबह छह बजे खुलती है। कानपुर में मैं वहां जहां रुका था, वह जूही कलाँ दो के विवेक विहार डब्लू-टू का इलाका स्टेशन से करीब सात किमी होगा। सुबह पहले तो बुकिंग के बावजूद ओला ने धोखा दे दिया। वह कैब आई ही नहीं और ड्राइवर ने फोन तक नहीं रिसीव किया। तब मेरे बहनोई स्वयं मुझे छोडऩे आए। इस तरह दो लोगों की नींद में खलल पड़ा।
हम घर से साढ़े पांच पर निकले थे और रास्ते भर यही सोचकर परेशान रहे कि कहीं
...
more...
टाटमिल चौराहे पर जाम न मिल जाए। खैर जब स्टेशन पहुंचे तो 5.48 हो रहा था। अपना सामान उठाए मैं भागता हुआ प्लेटफार्म में दाखिल हुआ तो गाड़ी का कहीं पता नहीं जबकि नियमत: उसे साढ़े पांच पर प्लेटफार्म पर लग जाना चाहिए। आखिर वहीं से यह ट्रेन चलती है। मगर ट्रेन प्लेटफार्म पर आई ही छह बजे। पूरी भीड़ ट्रेन के दरवाजों पर टूट पड़ी। मगर दरवाजे अंदर से ही बंद थे। सब उनके खुलने का इंतजार करते रहे। अब एक आदमी था जिसने एक के बाद एक कोच के दरवाजे खोलने शुरू किए। तेरह कोचों वाली इस ट्रेन के दरवाजे खुलने में ही 15 मिनट लग गए। सारे लोग एकदम से भड़भड़ा कर चढऩे लगे। और ट्रेन पांच मिनट बाद चल दी। अब जो चढ़ाने आए थे वे तो ट्रेन के अंदर तथा जिनको चढऩा था वे बाहर। हंगामा हुआ ट्रेन फिर रुकी और चली।
हमारा कोच सी-7 था। गाड़ी में बैठते ही मच्छरों ने घेर लिया। वृहदाकार के मच्छर जो भनभनाते तो डिस्टर्ब करते और चुप रहते तो हाथों-पांवों में काट लेते। हमे जो इंडियन एक्सप्रेस अखबार दिया गया उसे पढऩे की बजाय हम मच्छरों का शिकार करते रहे। मगर मच्छरों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि ट्रेन में चढ़ा हर मनुष्य परेशान हो गया। औरतें, बच्चे सब तंग। तब मैने अपना रौद्र रूप दिखाया और टिकट चेक करने आए बाबू से कंप्लेंट बुक लाने को कहा। बुक आ तो गई मगर उसमें पहले से जो शिकायतें थीं उन पर ही कोई जवाब नहीं आया था। दूसरी सवारियां भी उखड़ पड़ीं तब एक सफाई कर्मी आया और फर्श पर पोछा लगा गया। फिर जो चाय आई लाई गई उसका पानी ठंडा था। फिर टीटी बाबू को बुलाकर शिकायत की गई तो वेटर ने बताया कि ब्वायलर काम नहीं कर रहा। एक तो ट्रेन वैसे भी डिले थी उस पर उसकी गति ऐसी जैसे बारात चल रही हो।
कानपुर से इटावा आने में ही दो घंटे लग गए। उस शताब्दी से जिसकी स्पीड कम से कम 130 रखी जाती है। और कानपुर-इटावा की दूरी महज 133 किमी की है। फिर राम-राम करते ट्रेन चली तो जो नाश्ता आया वह भी ठंडा और ऊपर से मच्छरों की भरमार। टूंडला पार करने के बाद वह कर्मचारी आया जिसके कंधे पर ट्रेन की सफाई का भार था। उसने बताया कि मच्छर तो आएंगे ही ट्रेन रात को जंगल में खड़ी की जाती है। और हमारे पास हिट है नहीं। उसकी शैली से लग रहा था कि रेलवे सफाई के वास्ते जो सामान इसे मुहैया करवाता होगा उसे यह जरूर बाजार में बेच देता होगा। मजे से गुटखा खाते हुए और खूब फूला पेट लेकर वह जैसे आया था वैसे चला गया।
अलीगढ़ में स्टाप न होते हुए भी ट्रेन रोकी गई और तब कोच में एक अधिकारी आया और उसने हिट उसी कर्मचारी से मंगवाई और छिड़काव करवाया। उसके बाद ट्रेन चली मगर स्पीड वही साठ-सत्तर वाली। इस तरह जिस गाजियाबाद में हमें साढ़े दस पर पहुंच जाना था उस पर हम साढ़े बारह पर उतरे और एक बजे घर आए। समझ में नहीं आता कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने शताब्दी में तमाम तरह के सुविधा शुल्क लगाकर कानपुर तक का किराया लगभग 11 सौ रुपये कर दिया है मगर न तो कोई सुविधा बढ़ाई न खानपान की गुणवत्ता ही सुधारी। जबकि दस साल के मनमोहन राज और उसके पहले की सरकारों के वक्त भी शताब्दी जाड़ों के कोहरे के दौरान को छोड़ दिया जाए तो कभी लेट नहीं होती थी।
खाने का हाल यह है कि शताब्दी खाने और नाश्ते के नाम पर दो सौ रुपये और चार सौ रुपये वसूलती है पर नाश्ता ऐसा था कि उसे खाना दूभर। दो स्लाइस और एक डिब्बी मक्खन। न नमक न कालीमिर्च पाउडर। दो ही विकल्प थे या तो दो पीस कटलेट अथवा आमलेट। दोनों ही बेस्वाद और एकरस। पिछले 28 वर्षों से यही परोसते आ रहे हैं। प्रभु ने जब पैसे बढ़ाए थे तो कहा था कि खाने की क्वालिटी सुधरेगी। मगर क्वालिटी तो और गिरी। मजे की बात कि कानपुर और लखनऊ शताब्दी में इतनी भीड़ होती है कि कभी भी दो दिन पहले टिकट नहीं मिल पाती। पर इसका फायदा रेलवे उठाता है कि जो कुछ दे दो खा ही लेंगे। क्या ट्रेन को इस तरह लेट करने तथा साफ-सफाई न करने के पीछे रेलवे को निजी हाथों में देने की तैयारी तो नहीं चल रही है।

8 posts are hidden.

  
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Mar 22 2017 (23:25)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2207014-9            Tags   Past Edits
That does not justify the poor services offered by Railways...
Quality of service is affected due to various factors : and one is 'outsourcing' :
The money Railway charges to passenger and money reaches to service provider has BIG gap ...
and those contractor's employees are 'shrewd' that they too dance to the tunes of 'important' persons only, and others are 'cattle'
...
more...
for them....
"Cattle class" word was used by M.P. Sashi Tharoor for Air travel Economy class, for Railway travel when 'economy drive' by Govt of India lead Dr.Manmohan singh was in power. but now Railways too is making us feel like cattle

  
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Mar 22 2017 (23:27)
©The Dark Lord™~   5796 blog posts
Re# 2207014-10            Tags   Past Edits
1 compliments
corrected,if needed will do further
Correction- Mr. Tharoor had used the term ''cattle class'' for Economy class of Air planes not for trains.

  
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Mar 22 2017 (23:29)
Indian Railways the life line of our Nation~   13108 blog posts   137 correct pred (82% accurate)
Re# 2207014-11            Tags   Past Edits
Railway is trying to make profit by applying Flexi fare,20% more in Humsafar tejas trains but that Idea backfires on railways

5 posts are hidden.

  
251 views
Mar 24 2017 (12:58)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2207014-17            Tags   Past Edits
Your fears have some validity in this.. Please read news : /blog/post/2209024
  
Rail News
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New Facilities/Technology
Mar 24 2017 (10:15)   To boost fare revenue, Indian Railways may allow private passenger trains to use its tracks once DFCs become operational

a2z~   20 news posts
Entry# 2209024   News Entry# 297431         Tags   Past Edits
To accelerate its eroding fare revenue, the Indian Railways (IR) plans to allow private passenger trains, luxury trains and container operators to use its existing tracks once the dedicated freight corridors (DFCs) become operational, as it will move 70% of the freight traffic to the new routes.
While one railway official said there is a definite thinking in this direction and a study is already going on for utilisation of the released capacity on the IR network, another railway official confirmed that the carrier is open to all such possibilities. Both officials spoke on the condition of anonymity.
Though
...
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private container operators, albeit a few, already use the IR network by paying haulage charges, “private passenger train operators are yet to come in India”, said the first official quoted above. The Dedicated Freight Corridor Corporation of India (DFCCIL), a special purpose vehicle of the Indian Railways, has been mandated to develop six DFCs across the country, of which the Eastern DFC and the Western DFC are under construction at present, with funding assistance from the World Bank and Japan International Cooperation Agency, respectively.
The total track length of the two DFCs is around 3,300 km. The surveys of the other four DFCs are done, but the work is yet to start.
These DFCs, 80% of which will be built aligned to the existing IR tracks, will carry 70% of the existing freight traffic of the railways which will result in huge released capacity. “If you do not want to invest in rolling stock, you can lease these spaces to private parties,” said the first official. By December 2020, both the Easter DFC and Western DFC will be operational, though sections of each corridor will be commissioned as and when they are ready.
Once the slow-moving freight traffic moves to DFCs, the speed differential will come down drastically. “Right now there is a Gatimaan Express running at 160 km per hour and also others running at 75 km per hour, and goods train at 25 km per hour. Now, if these goods trains are taken off the IR track, there will be only express trains running at high speed. So, speed difference will be minimum. As a result, the throughput will increase as there could be more number of trains. If there are trains running at same speed, the sectional capacity goes up,” said the first official.
A consultant, which is a consortium, is being hired to recommend the possible ways to monetise the released capacity and the revenue potential is expected to be substantial.
Sectional capacity is referred to in terms of paths, which means the number of trains that can be pushed into a section. It is different for each section as some may predominantly have only passenger trains, and capacity released will be lower.
The Indian Railways’ freight-loading target for 2017-18 is 1,165 mt, a meagre increase of 71.5 mt from the revised estimate for 2016-17. The earnings from goods, contributing around 60% of the transporter’s total traffic receipts, have been estimated to be R1.18 lakh crore for 2017-18 compared with an estimated R1.17 lakh crore in 2016-17. The passenger revenue, meanwhile, at R50,125 crore is a little below last year’s target.

  
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Mar 24 2017 (12:50)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2209024-1            Tags   Past Edits
"....(IR) plans to allow private passenger trains, luxury trains and container operators to use its existing tracks...."
This is wow news :
Soul of GD Birla, must be happy who had offered GOI to handover Indian Railways to Birlas and he will turn it into 'profitable' and 'efficient' both together ...
Private airline,
Private
...
more...
buses
and now Private Trains :
India is surely on the path to Capitalism

7 posts are hidden.
  
Rail News
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Other News
Mar 24 2017 (12:42)   Don't wait for long at Banaswadi station

Kishor*^~   30 news posts
Entry# 2209020   News Entry# 297439         Tags   Past Edits
This news says story of Toilets at Banaswadi ...
in times of then RM Mallikarjun Khadge :
---------------------------------------------------------------
BANGALORE: Each time Krishnan L, 65, has a train booking from Banaswadi railway station, he makes sure he has a bottle of water and an umbrella. Before leaving home, he visits the toilet. For the railway station has a toilet but it's locked, no drinking
...
more...
water and no shelter for passengers.
Just two days ago, Union railway minister Mallikarjun M Kharge visited this station to flag off two new express trains: Bangalore City -Nagercoil- Bangalore City and Yeshwantpur - Kamakhya - Yeshwantpur, and inaugurated three other major railway projects. Though the minister was at the station for a while, he was oblivious to the absence of basic amenities here.
No one in the department really knows how old Banaswadi station is, where passenger traffic is around 700 a day, with over 40 trains crossing the station.
It's worse during the monsoon. The station has two platforms -- one doesn't have a shelter while the other does, but only a small one. Though the Railways claimed that construction of the shelter began a few months ago, there wasn't a single labourer at the construction site when TOI visited the station on Monday.
"Trains are often late. How do you expect senior citizens like us to wait at a station with no drinking water and toilets? The speakers announcing arrivals and departures weren't working for a long time. I live close by so this station is convenient for me. We're willing to pay for the facilities,'' says Krishnan, a retired HAL employee.
Manjunath M, a businessman who travels from Banaswadi to Yeshwantpur and on to Kannur frequently, said there are no metal detectors and other security measures at the station. "It's dangerous for railway stations to be so casual about security," he said.
Anil Kumar Agarwal, divisional railway manager, South Western Railway, Bangalore, said the toilets here have been repaired many times, but the public have rendered it useless, so it's locked.
A tender for a pay-and-use toilet system has been floated, but no one has come forward till now, said Agarwal. He admitted the station has a water crisis. "A ground level reservoir tank with a capacity of 1 lakh litres will be constructed in the station soon,'' he said.
Unmindful of the absence of basic facilities, work has begun on an additional line, at a cost of Rs 4.5 crore.
Times View:
It's a crying shame that Banaswadi railway station has been left way behind on the path of development. The lack of basic facilities is surprising, considering the Railways and the state government have taken on projects to turn Bangalore City, Byappanahalli and Yeshwantpur into world-class transit hubs. The authorities could spend a fraction of the funds on sanitation and water pipes for Banaswadi. The Railways should aim to provide comfort to all passengers, who often need to wait for hours when trains are delayed.

  
1125 views
Mar 24 2017 (12:46)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2209020-1            Tags   Past Edits
quote unquote :
"Anil Kumar Agarwal, divisional railway manager, South Western Railway, Bangalore, said the toilets here have been repaired many times, but the public have rendered it useless, so it's locked.
A tender for a pay-and-use toilet system has been floated, but no one has come forward till now, said Agarwal. He admitted the station has a water crisis. "A ground level reservoir tank with a capacity of 1 lakh litres will be constructed in the station soon,'' he said.
Unmindful
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of the absence of basic facilities, work has begun on an additional line, at a cost of Rs 4.5 crore."
  
Rail News
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Major Accidents/DisruptionsWR/Western  -  
Mar 24 2017 (10:38)   Duronto Express coaches get separated from engine; none hurt

karbang~   144 news posts
Entry# 2208901   News Entry# 297434         Tags   Past Edits
Passengers on Jaipur-Mumbai Duronto Express had a narrow escape when its engine got separated from the train near Vedchhi railway station in Navsari district of Gujarat, a railway official said today.
The incident occurred yesterday when the central buffer coupling (CBC) that attaches coaches and the engine, snapped minutes after its departure from Vedchhi, station manager at Vedchhi, Prakash C Meena told

  
1267 views
Mar 24 2017 (11:26)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2208901-1            Tags   Past Edits
Is this is not unnatural ?
Few weeks before stone throwing at loco driver in around Valsad
Last Year engine separated from ADI BCT shatabdi around Navsari
and now JP BCT duronto engine separated ...
Why
...
more...
Govt and IR not taking such incidents seriously ? @PMOIndia
  
रेलवे बोर्ड द्वारा सेफ्टी (संरक्षा) से जुड़े सुपरवाइजरों को 31 मार्च के बाद ट्रेड यूूनियन में हिस्सा नहीं लेने के निर्देश दिए जाने के खिलाफ रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियनें आंदोलनरत हैं। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को फेडरेशन के नेताओं की रेलमंत्री से बात होनी है। अगर दस दिन में यह आदेश रद नहीं हुआ तो झांसी रेल मंडल में ही 112 सुपरवाइजरों को यूनियन छोड़नी पड़ेगी।
रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च के बाद सेफ्टी से जुड़े विभागों के सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारी यूनियन में हिस्सा नहीं ले सकेेंगे। बोर्ड का मानना है कि रेल संरक्षा से जुड़े स्टेशन मास्टर, रेल पथ निरीक्षक, लोको इंस्पेक्टर के अलावा सिगनल और दूरसंचार, टीआरडी, सीएंडडब्लू विभागों के सुपरवाइजरों
...
more...
के यूनियन में शिरकत करने से काम प्रभावित होता है। रेल संरक्षा के हिसाब से यह ठीक नहीं है। इस आदेश के बाद से भारतीय रेल की सभी मान्यता प्राप्त यूनियनें लगातार आंदोलन चला रही हैं।
झांसी रेल मंडल में भी नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन और नॉर्थ सेंट्रल इंप्लाइज संघ का विरोध प्रदर्शन जारी है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन 23 मार्च को झांसी में जुलूस और 30 मार्च को मुख्यालय इलाहाबाद पर प्रदर्शन करने जा रही है। इसी तरह नार्थ सेंट्रल इंप्लाइज संघ 27 मार्च को डीआरएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेगा। यूनियन नेता इस आदेश को रेल कर्मचारियों के मौलिक अधिकार का हनन बता रहे हैं।
‘फेडरेशन के नेताओं की 21 व 22 मार्च को रेल मंत्री के साथ इस मुद्दे को लेकर बैठक है। अगर यह आदेश रद नहीं होता है तो 31 मार्च के बाद यूनियनें उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगी।’
आरएन यादव, मंडल सचिव नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन

  
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Mar 21 2017 (10:01)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2204931-1            Tags   Past Edits
This is right step towards nailing the bully employees of all cadre
  
Rail News
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Other News
Mar 20 2017 (12:10)   Travelling by train? Railways will soon offer you TV shows, movies

Jayashree ❖ Amita*^   35881 news posts
Entry# 2204026   News Entry# 296931         Tags   Past Edits
If you are passionate about television (TV) serials and movies, you needn’t worry about missing them while you are travelling. The Indian Railways is inching closer to the dream of providing entertainment directly on your personal devices such as mobile phones, tablets and laptops, while you are on trains and at railway stations. 
The ministry of railways is set to invite bids for content on demand (CoD) and rail radio services, to be provided for travellers in April. The CoD initiative will include streaming video content such as TV serials, movies, short videos, kids’ shows and devotional content; streaming audio such as movie songs, regional songs, and devotional music; and providing electronic newspapers, gaming and educational content. 
According
...
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to a recent report by the Boston Consulting Group (BCG), through CoD on trains and at stations, the railways sees an overall infotainment market of around Rs 2,277 crore in three years’ time. The infotainment sectors for the railways include radio, video, digital music and digital gaming. The report says the interested parties might include content owners such as Eros Entertainment, Balaji Productions and Shemaroo Entertainment, and content aggregators like Radio Mirchi, Fever FM, Hungama and Bindass. 
Major telecom firms, internet service providers and players in the offline streaming market — such as Vodafone, Idea, Airtel, PressPlay TV, Moving Talkies, Dwingloo, Fropcorn, TouringTalkies, MyFreeTV, Zonk and CloudPlay — are expected to show interest. “Bids will be invited for non-fare initiatives like CoD. We are expecting active participation from all the major industry players. CoD contracts will be awarded for 10 years. Bids for app-based cab services will also be invited by May,” said an official close to the development. The railways had set up a non-fare revenue directorate last year headed by Executive Director R P Thakur.
Railways Minister Suresh Prabhu had launched the non-fare revenue policy in January this year. 
 
The policy includes providing radio and video content through WiFi in stations and on trains, leasing spaces on platforms to automated teller machines, giving outdoor spaces for installing advertising hoardings and billboards, and selling the branding of rights of trains and stations to fast-moving consumer goods and other companies. The railways is expecting an overall revenue of Rs 16,000-20,000 crore through non-fare initiatives in the next 10 years. It is planning to implement CoD and rail radio on 30 per cent of the trains in the first year, 60 per cent of the trains in the second year and on all trains by the third year. According to the railways, audio and video content services are set to be provided in all trains and video content on all stations in a phased manner.
According to the BCG report, for providing offline content, the expense per coach will come to as low as around Rs 38,000. On the other hand, for content streamed through the internet, the cost to set up the infrastructure will come to around Rs 25 lakh per coach. The railways will also set up a non-fare revenue evaluation committee to monitor the projects.

  
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Mar 20 2017 (15:56)
Kishor*^~   4627 blog posts   123 correct pred (63% accurate)
Re# 2204026-1            Tags   Past Edits
Now one more addition to add to the sound pollution while on rail travel ...
sate called sleep, peace , relaxation.

  
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Mar 20 2017 (18:36)
vipult95   18 blog posts
Re# 2204026-2            Tags   Past Edits
2 DIN ME KHARAB HOGE BUT RLY PAISE WASOOL KARTA RAHEGA WO BHI SIRF INSTALLATION
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