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Trains in the News    Stations in the News   
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Mar 10 2017 (16:37)  PM MODI से 30 पहले इन्होंने दिया था बुलेट ट्रेन का आईडिया, इस रूट पर चलाना चाहते थे हाईस्पीड ट्रेन (m.patrika.com)
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Rail BudgetNCR/North Central  -  

News Entry# 295970   Blog Entry# 2192949     
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Mar 10 2017 (16:37)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by IRI~/1247208

Mar 10 2017 (16:37)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by IRI~/1247208

Mar 10 2017 (16:37)
Station Tag: Agra Cantt./AGC added by IRI~/1247208

Mar 10 2017 (16:37)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by IRI~/1247208

Mar 10 2017 (16:37)
Station Tag: Gwalior Junction/GWL added by IRI~/1247208

Mar 10 2017 (16:37)
Train Tag: Bhopal Habibganj - New Delhi Shatabdi Express/12001 added by IRI~/1247208

Mar 10 2017 (16:37)
Train Tag: New Delhi - Bhopal Habibganj Shatabdi Express/12002 added by IRI~/1247208

Posted by: Hogai Trip~  7 news posts
ग्वालियर। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पीएम मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी और बड़ी परियोजनाओं में शुमार है। क्या आप जानते हैं कि नरेन्द्र मोदी जब 2017 में पीएम बने तो उससे तीन दशक पहले ही कां्रग्रेस के इस बड़े नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने बुलेट ट्रेन का आईडिया दिया था।
वो शख्स थे ग्वालियर के सिंधिया घराने के महाराज और वरिष्ठ कांग्रेसी माधवराव सिंधिया। माधवराव सिंधिया का जन्म 10 मार्च को हुआ था। आज उनकी 72वीं जयंती पर हम आपको उनके जीवन से जुड़े ऐसे ही किस्से बताने जा रहे हैं, जो आप शायद नहीं जानते होंगे।
माधवराव
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सिंधिया का जन्म भले ही देश के सबसे बड़े राजघराने सिंधिया परिवार में हुआ, मगर वो दिल से एक आम आदमी ही थे और हमेशा ग्वालियर के आम आदमी के बारे में सोचते थे। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वो देश के विकास के मैप में ग्वालियर को अग्रणी देखना चाहते थे। जिस हाईस्पीड ट्रेन की बात आज की जा रही है, उसका सपना माधवराव सिंधिया ने करीब 30 साल पहले ही देख लिया था। वे चाहते थे कि ग्वालियर में बुलेट ट्रेन चले। उनका यह सपना आज भी अधूरा है।
माधवराव सिंधिया ने दी थी हाईस्पीड ट्रेन की सिफारिश
हाईस्पीड ट्रेन को लेकर पहला प्रस्ताव आज से करीब 32 साल पहले 80 के दशक के मध्य में राजीव गांधी सरकार में रेलमंत्री रहे माधवराव सिंधिया ने रखा था। तत्कालीन रेलमंत्री सिंधिया ने रेल बजट में ग्वालियर और आगरा के रास्ते होते हुए दिल्ली से कानपुर के लिए हाईस्पीड ट्रेन चलाने का प्रस्ताव बजट में शामिल किया था। यह 300 से350 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलाने के लिए प्रस्तावित की गई थी।
इसलिए पूरा नहीं हो पाया सिंधिया का सपना
तत्कालीन रेलमंत्री माधवराव सिंधिया के हाईस्पीड ट्रेन का सपना आज भले ही पूरा होने की कगार पर दिखता हो, मगर 80 के दशक में यह एक बेहद महंगा प्रोजेक्ट था, जिसे आउट ऑफ बजट होने के कारण उस समय लागू नहीं किया जा सका था। सूत्रों की माने तो उस वक्त इस प्रोजेक्ट को इस रोक दिया गया था, क्योंकि उस वक्त लोग ऐसी रफ्तार वाली ट्रेन के किराए को वहन करने में असमथ थे।
हाईस्पीड की जगह चलाई थी शताब्दी एक्सप्रेस
तत्कालीन रेलमंत्री सिंधिया का 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हाईस्पीड ट्रेन का सपना रह गया हो लेकिन ट्रेन की रफ्तार में इजाफा करने के लिए उस समय130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली शताब्दी एक्सप्रेस को लांच किया गया था, जो आज भी देश की टॉप हाईस्पीड ट्रेनों में शुमार होती हैं। नई दिल्ली से भोपाल तक जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस की स्पीड 150 किमी प्रति घंटा है, जो अन्य शताब्दी एक्सप्रेस से अधिक है।

17 posts - Fri Mar 10, 2017 - are hidden. Click to open.

  
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Mar 11 2017 (00:00)
Bina Jn   225 blog posts
Re# 2192949-18            Tags   Past Edits
Ye meri original id hi hai mene kuch.mahino pahele apni id delete mari thi...
Mere 1400 blogs aur 1000 k aas pas ratings thi

  
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Mar 11 2017 (00:01)
बन्दर के हाथ में नारियल~   8586 blog posts   119 correct pred (74% accurate)
Re# 2192949-19            Tags   Past Edits
Purana papi hai sayad

  
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Mar 11 2017 (06:33)
Hogai Trip~   541 blog posts   351 correct pred (70% accurate)
Re# 2192949-20            Tags   Past Edits
aab ham to article likhte nahi hain, jinne likha hai unse poochiye :)

  
4100 views
Mar 11 2017 (14:10)
a2z~   846 blog posts
Re# 2192949-21            Tags   Past Edits
Bullet (High Speed) Train in India??
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(1) Bullet train ko Bharat mein chalte dekhne ka sapna to kai Bhaytiyon ke man mein ScindiaJi ke pehle bhi Raha Hoga, Main swayam bhi 1987 mein TGV train ka lekh padhne ke baad sochta tha kaas aisee trains hamaare desh mein bhi chale.
(2) Pichle das varshon se Rail Budget mein bhi baar baar announcement
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kiya gaya, lekin isko iomplement karne ka koi sarthak prayaas nahin kiyaa gaya.
(3) PM ka sapna Bullet train kaa bahut mazaak udayaa gaya kyonki jaankaar log jaante the ki market se loan lekar iske liye bahut badaa, sasta liye practically koi sabse mushkil karya- funds jutaane ka kahin jikra bhi nahin hota tha. PM ne isko implement karne ki hammat dikhayee.
(1) Many Indians dreamed of existence of High Speed Bullet Trains in India even before Mr Scindia have thought of having them in India. After reading a technical literature of 270kmph TGV trains in 1987, I too wished that such trains should run in India.
(2) Since last decade, many announcements have been made in rail budgets about introducing HSTs on various routes in IR, but no concrete step was taken to implement it as the knowledgeable people are aware that most of the operating HSTs are not making profits and are subsidised by Govt.
(3) Bullet train is dream project of our PM and a lot of mockery has been made by the opponents of this project/PM. Thanks to efforts and diplomatic success of PM, extremely lucrative loan has been negotiated with Japan which has made Bullet train project feasible with economic rate of return of 12% which is a decent figure. All the brick bats about bullet train has gone to PM, and all the credits too must go to him.
(4) Actual benefits of Bullet train to IR/India shall depend how it is implemented, which will call for many innovative ideas & practices and we can only hope for the best.
  
Mar 10 2017 (16:13)  बजट की तंगी के चलते भोपाल स्टेशन पर नहीं बन पाई सुरक्षा दीवार (naidunia.jagran.com)
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Rail BudgetWCR/West Central  -  

News Entry# 295965     
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Mar 10 2017 (16:13)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by Is Holi Iphone ki umeed waali Holi^~/1270085

Posted by: Watching Sachin a Billion Dream^~  291 news posts
भोपाल। नवदुनिया न्यूज
राजधानी के मुख्य रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर रेलवे करोड़ों रुपए हर साल खर्च कर रही है, लेकिन सुरक्षा के पूरे इंतजाम बेकार हो रहे हैं। वजह, स्टेशन में आने-जाने के लिए कई रास्ते हैं। एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था (आईएसएस) के तहत स्टेशन पर दोनों ओर बाउंड्री वाल बनाकर आने-जाने के रास्ते सीमित करना था, लेकिन बजट की कमी के चलते दीवार नहीं बनाई जा सकी।
करीब पांच साल पहले रेल बजट में देश के 50 बड़े स्टेशनों को आईएसएस के दायरे में लाने की घोषणा की गई थी। इसमें भोपाल
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रेल मंडल के भोपाल, इटारसी और बीना स्टेशन शामिल थे। शुरू में इसके लिए करीब 3 करोड़ रुपए का बजट था। बॉकी राशि अलग-अलग चरणों में मिलना थी, लेकिन आईएसएस के बाद भी भोपाल स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम न के बराबर हैं। यहां आईएसएस के तहत सिर्फ बैगेज स्कैनर और सीसीटीवी कैमरे लग पाए हैं। स्टेशन के दोनों ओर एक किमी के दायरे में 4 फीट ऊंची दीवार भी आईएसएस के तहत बनाई जानी थी। दीवार के ऊपर फेंसिंग का प्रावधान था, लेकिन रेलवे बोर्ड से बजट नहीं मिलने की वजह से योजना खटाई में पड़ गई। बाउंड्री वाल नहीं होने का फायदा चोर-बदमाश, अवैध वेंडर और बेटिकट यात्री उठा रहे हैं। आने-जाने के रास्ते सीमित होते तो भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में विस्फोट करने वालों को भी पकड़ा जा सकता था।
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पीपीपी से दीवार बनाने के लिए नहीं मिली एजेंसी
रेलवे से बजट नहीं मिलने पर पश्चिम मध्य रेल ने भोपाल से हबीबगंज स्टेशन तक पीपीपी से दीवार बनाने के लिए करीब तीन साल पहले ऑफर बुलाए थे। इसमें दीवार बनाने वाली एजेंसी विज्ञापन के जरिए आमदनी कर सकती थी, लेकिन कोई एजेंसी इसके लिए तैयार नहंी हुई।
यहां से हैं आने-जाने के रास्ते
-एक नंबर तरफ मुख्य और वीआईपी गेट
- आरपीएफ थाने के पास से
- बीना छोर पर पानी की टंकी के पास से
-इटारसी छोर पर पार्सल ऑफिस के बगल से
आरपीएफ की खुफिया एजेंसियों ने सिविल ड्रेस में शुरू की जांच
घटना के बाद आरपीएफ क्राइम ब्रांच और विशेष खुफिया शाखा ने भोपाल समेत मंडल के सभी स्टेशनों पर खुफिया तरीके से चौकसी बढ़ा दी है। रेलवे बोर्ड ने छोटे-बड़े सभी स्टेशनों पर बारीकी से निरीक्षण करने के लिए कहा है।
  
Mar 02 2017 (16:35)  धनबाद-गिरीडीह रेल लाइन, रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने दी हरी झंडी (m.patrika.com)
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Rail BudgetECR/East Central  -  

News Entry# 295137     
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Mar 02 2017 (16:35)
Station Tag: Giridih/GRD added by হর হর মহাদেব ।~/1456759

Mar 02 2017 (16:35)
Station Tag: Dhanbad Junction/DHN added by হর হর মহাদেব ।~/1456759

Posted by: ~  3 news posts
धनबाद। स्थानीय सांसद पीएन सिंह ने बुधवार को धनबाद स्टेशन पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए स्थानीय लोगों को खुशखबरी दी है। कहा कि धनबाद रेल लाईन को गिरीडीह से जोड़ने के प्रस्ताव पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने हरी झंडी दे दी है। इसे परक्रिया में ले लिया गया है। अब राज्य सरकार को इस दिशा में पहल करने की जरूरत है।
सांसद धनबाद रेलवे स्टेशन में आउट सोसिंर्ग रेलवे इंक्वाइरी काउंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में रेलमंत्री के साथ हुई बैठक में धनबाद रेल लाइन को गिरीडीह से जोड़ने के प्रस्ताव को रखा गया था। इस नये कार्य में धनबाद रेल लाइन को टुंडी के रास्ते 65 किमी की लाइन बनेगी। उन्होंने कहा कि
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भाजपा सरकार के आने के बाद धनबाद स्टेशन पर कई बदलाव हुए।
एसक्लेटर का निर्माण, दक्षिण रेलवे स्टेशन के अलावे कई स्टेशनों पर बड़े ट्रेनों का ठहराव शुरू हुआ। रेलवे काउंटर को निजी हाथों में सौंपने के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि रेलवे के कुछ भागों का निजीकरण किया जाना नया नहीं है। यह यूपीए सरकार के कार्यकाल से ही होता आ रहा है। ट्रेनों में खाना बनाने का जिम्मा यात्रियों को भोजन परोसना आउट सोसिंर्ग के माध्यम होता आ रहा है और इससे रोजगार के अवसर भी बनते हैं।
  
Mar 02 2017 (10:02)  आउटर पर नहीं रुकेंगी ट्रेनें, बिछेगी तीसरी लाइन (epaper.livehindustan.com)
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Rail Budget

News Entry# 295088   Blog Entry# 2189287     
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Mar 02 2017 (10:02)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by Aditya Immortal ™ ©~/563869

Posted by: Aditya Immortal ™ ©~  235 news posts
आउटर पर नहीं रुकेंगी ट्रेनें, बिछेगी तीसरी लाइन
गोरखपुर वरिष्ठ संवाददाताआए दिन पर आउटर पर खड़ी हो जाने वाली ट्रेनें कुछ महीनों बाद बिना रुके गोरखपुर जंक्शन पर आ सकेंगी। छपरा-लखनऊ दोहरीकरण के बाद डोमिनगढ़ से कुसम्ही तक तीसरी लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी नियंत्रित तो होगी साथ ही आरामदायक यात्र का सुखद अहसास भी होगा। कुसम्ही से डोमिनगढ़ तक करीब 17 किमी तक 110 करोड़ रुपए से तीसरी लाइन को मंजूरी मिल जाने और धन अवमुक्त हो जाने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे बिछाने की तैयारी में जुट गया है। टेंडर प्रकिया शुरू हो गई है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इससे यहां तक तीसरी लाइन बन जाने से ट्रेनों का संचलन काफी
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आसान हो जाएगा। तीसरी लाइन से एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए मालगाड़ी बाधा नहीं बनेगी। इस लाइन से सिर्फ मालगाड़ी ही निकाली जाएगी।कम समय में पहुंचेंगे लखनऊ-दिल्ली-छपरा : तीसरी लाइन को अगर पंख लगे तो गोरखपुर से लखनऊ-दिल्ली तक कम से कम एक घंटे तक समय बचेगा। गोरखपुर से छपरा तक भी कम से कम 45 मिनट बचेंगे ही। तीसरी लाइन से ट्रेनों की रफ्तार तो बढ़ेगी ही साथ ही ट्रेनों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। दिल्ली, लखनऊ और छपरा के लिए दो-दो नई ट्रेनें मिल सकती हैं।

  
1214 views
Mar 07 2017 (19:55)
GKP LKO Section 120kmph Sucessful Trail Done~   3287 blog posts   5 correct pred (100% accurate)
Re# 2189287-1            Tags   Past Edits
very important line
  
Feb 25 2017 (19:11)  রায়গঞ্জে NF রেলের জিএম, কী বললেন কলকাতার দিনের ট্রেন ও ভারত-বাংলা বাণিজ্যপথ নিয়ে? (www.nblive.in)
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Rail BudgetNFR/Northeast Frontier  -  

News Entry# 294769     
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Feb 25 2017 (19:11)
Station Tag: RaiGanj/RGJ added by Sandip Madhu~/1394510

Feb 25 2017 (19:11)
Station Tag: Kaliyaganj/KAJ added by Sandip Madhu~/1394510

Feb 25 2017 (19:11)
Station Tag: Radhikapur/RDP added by Sandip Madhu~/1394510

Feb 25 2017 (19:11)
Train Tag: Kolkata - Radhikapur Express/13145 added by Sandip Madhu~/1394510

Feb 25 2017 (19:11)
Train Tag: Radhikapur - Kolkata Express/13146 added by Sandip Madhu~/1394510

Posted by: ßindass NFR  12 news posts
রায়গঞ্জঃ রাধিকাপুর-কলকাতা দিনের ট্রেনের দাবিতে ইতিবাচক মনোভাব দেখালেন রেলের নর্থ ফ্রন্টিয়ার জেনারেল ম্যানেজার চাহাতে রাম। এদিন রায়গঞ্জ স্টেশন পরিদর্শন করতে এসে রাধিকাপুর-কলকাতা দিনের ট্রেন প্রসঙ্গে বলেন, “এই এলাকার জন্য খুব গুরুত্বপূর্ণ বিষয় রাধিকাপুর-কলকাতা ট্রেন। বিভিন্ন সংগঠনের প্রতিনিধিদের সাথে কথা বলার পর এই বিষয়টি পরিষ্কার। বালুরঘাট-কলকাতা ট্রেনের সাথে লিঙ্ক অথবা একটি পৃথক ট্রেনের দাবি জানিয়েছেন প্রত্যেকেই। আমরা রেলের পক্ষ থেকে বিষয়টি গুরুত্বের সাথে খতিয়ে দেখছি”।
এদিন বেলা আড়াইটা নাগাদ মালিগাঁও থেকে একটি বিশেষ ট্রেনে রায়গঞ্জে পৌঁছান এনএফ রেলের জেনারেল ম্যানেজার চাহাতে রাম। তাঁর সাথে এসেছিলেন ডিআরএম কাটিহার সহ রেলের উচ্চপদস্থ আধিকারিকরা। রাধিকাপুর-কলকাতা দিনের ট্রেন, শহরের যানজট এড়ানোর জন্য সাবওয়ে, রাধিকাপুর -কলকাতা রাতের ট্রেনে আরও দুটি কোচ বাড়ানো, জেলার প্রত্যন্ত এলাকার স্টেশন রাধিকাপুর স্টেশনকে আন্তর্জাতিক স্টেশনের মর্যাদা দেওয়া ছাড়াও একাধিক দাবি নিয়ে জিএমের সাথে
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দেখা করেন রায়গঞ্জের সাংসদ মহম্মদ সেলিম, রায়গঞ্জের বিধায়ক মোহিত সেনগুপ্ত সহ দুই ব্যবসায়ী সংগঠন ও নাগরিক সংগঠন।
এরপরেই সাংবাদিক সম্মেলনে যোগ দিয়ে জিএম চাহাতে রাম জানান, দিনের ট্রেনের বিষয়টি আমরা খতিয়ে দেখছি। এছাড়া শহরের যানজটের সমস্যার জন্য সাবওয়ে তৈরি বিষয়টিও ভালো করে পর্যবেক্ষণ করা হবে। সম্ভব হলে অবশ্যই রেল সাবওয়ে তৈরি করবে। ভারত-বাংলাদেশ বৈদশিক বাণিজ্যের শুরুর বিষয়ে এখনও কোনও দিন ঘোষণা করা হয়নি। কারণ তিন মাস আগে ভারতীয় রেল তাদের কাজ শেষ করে ফেললেও বাংলাদেশ এখনও পরিকাঠামো সম্পূর্ণ ভাবে গড়ে তুলতে পারেনি। ফলে বাংলাদেশের কাজ শেষ হয়ে গেলেই পণ্যবাহী রেল চলাচল শুরু করে দেওয়া যাবে।
এদিন রায়গঞ্জ রেল স্টেশন ভালো ভাবে ঘুরে দেখেন জিএম। এরপর তিনি রাধিকাপুর স্টেশনের উদ্দেশ্যে রওনা দেন। পরিদর্শনের পর আজই তিনি ফিরে যাবেন বলে জানা গিয়েছে।
News post by #Sandip
  
Feb 23 2017 (13:47)  Merger of Rail, general budgets allowed Indian Railways to hide deficit in FY17 (www.financialexpress.com)
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Rail BudgetNR/Northern  -  

News Entry# 294590     
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Posted by: Ravichandra Madagala~  82 news posts
Had Indian Railways (IR) not got a waiver from dividend obligation thanks to the merger of the rail and general budgets, the transporter's operating ratio (OR) would have crossed 100 in 2016-17, 100.36 to be precise.
It is noteworthy that this was the first year when the decades-old practice of presenting a separate railway budget was discontinued and was merged with the Union Budget. (PTI)
Saurabh Kumar
Had
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Indian Railways (IR) not got a waiver from dividend obligation thanks to the merger of the rail and general budgets, the transporter’s operating ratio (OR) would have crossed 100 in 2016-17, 100.36 to be precise. An OR above 100 indicates an operational deficit. And if funds commensurate with demand were provided for essential replenishment of the railways’ physical assets like tracks and rolling stock, the OR would have a touched a deplorable 111.
While that’s how the transporter’s claim of running an internal surplus will fall flat, it is an admitted fact that whatever pittance it shows as excess of net revenue over operational expenditure is a far cry from what’s needed to fund its massive expansion plans. The ambitious expansion-cum-modernisation programme, now sought to be largely funded through off-budget means, are required to improve efficiency, ensure safety, boost revenue streams and regain the market share lost to trucks and airlines in recent years.
In the recent Budget, IR’s operating ratio for 2016-17 was revised from the initially budgeted 92 to 94.9, with the gross traffic revenue (GTR) falling far short of expectations; the GTR for the current year is now pegged at R1.72 lakh crore. The OR for 2017-18 is fixed at 94.57. Even though there is some pick-up in non-fare box revenue, these are still only a small part of the overall receipts.
It is noteworthy that this was the first year when the decades-old practice of presenting a separate railway budget was discontinued and was merged with the Union Budget. This means the railways will not have to pay dividend or the interest on capital-at-charge (mainly a loan in perpetuity from the government as gross budget support), starting this year. The budget estimate for dividend was R9,731.29 crore for FY17 but was made nil in the revised estimate. Had that not been the case, the railways would have a shortfall of R2,036.29 crore. The finance ministry would now want the rail PSUs like Concor, Ircon, IFRC and IRCTC to pay dividends to the exchequer like any other PSU, partly negating the benefit of dividend waiver at the IR level.
Taking note of the situation, the standing committee on railways recently asked some obvious questions to the ministry of railways — reasons for the poor state of finances wherein working expense is going up and net revenue is falling, in turn worsening the OR. Also, given the deterioration of OR, the committee has remarked that it reflects negatively on the efficiency of the railways and has for a asked response on measures taken to prevent the rise.
However, according to a person tracking the railways, the OR itself is being shown better than it really is. “Numbers till December 16, 2016, show that the operating ratio is 109.60 instead of 94 as projected for the current financial year,” added the person, requesting not to be named.
  
Feb 22 2017 (10:38)  Five years later, Kolar Coach Factory plan still only on paper (www.newindianexpress.com)
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Rail BudgetSWR/South Western  -  

News Entry# 294515     
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Posted by: karbang~  162 news posts
BENGALURU: The proposal to have the first factory in Karnataka to manufacture rail coaches was announced five years ago in the Railway budget. However, the project remains a paper project due to massive delays in land acquisition and non-allocation of funds.
“This factory and Railway Colony for employees spread across 1,118 acres in Srinivasapura taluk of Kolar are expected to generate employment for hundreds of locals during the construction stage itself,” said a top Railway official.
After the announcement of the project by then Union Railway Minister Dinesh Triwedi in his 2012-2013 budget,
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it has not made any progress. As is the norm for all railway projects, the land for the project would be acquired and handed over to Railways free of cost. The construction cost involved here, Rs 1,460 crores, would be shared 50:50 between the state and Centre.
“However, the acquisition process has not taken off yet. The state government is still in the process of identifying the parcel of land to be handed over for the project,” the official added. The major portion of the land presently contemplated belongs to government departments while at least 250 acres belongs to farmers.
Additional Chief Secretary, Commerce and Industries Department, D V Prasad told Express, “It is up to the Railways to take a final decision on whichever chunk of land they want to acquire. We will obtain it for them.” Asked about the time frame involved in the acquisition, Prasad said it would definitely be done this year (before December 2017).
Chief Administrative Officer, Constructions, SWR, Ashok Gupta said, “The state government has asked Railways for the minimum land that would be required for both the factory and the Colony. It has also asked us to examine if the two can be located across each other.”
  
Feb 20 2017 (15:53)  South Korea to redevelop New Delhi Railway Station: Here’s how world class NDLS will look like | The Indian Express (indianexpress.com)
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Rail BudgetNR/Northern  -  

News Entry# 294368     
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Posted by: 🚆Bhartiya Rail🚆  61 news posts
South Korea to redevelop New Delhi Railway Station: Here’s how world class NDLS will look like

Indian Railways’ modernisation plan has taken shape and there are some spectacular overhauls on the cards at the New Delhi Railway Station as South Korean Railways has proposed to redevelop the station into a world class junction at an estimated cost of ₹10,000 crore. Take a look at how New Delhi Railway Station stacks up against South Korean Railway Stations and what all may change:
On
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a regular day, the station caters over five lakh passengers and 361 trains. The redevelopment project is aimed at converting the station into a swanky hub for convenient travel and superior shopping experience to commuters.
Some of the features of the new station according to the plan unveiled by the Railways is a multi-storey building within the station. It will also have separate terminals for arrivals and departures. A proposal has been made for three commercial skyscrapers towards the Ajmeri Gate-facing section of the station.
The Railways has reportedly submitted a detailed plan to South Korean Railways to redevelop the station by leveraging open land and air spaces both inside and outside the station. According to the plans, a passengers’ waiting lobby will come up on the first floor of the station while disembarking passengers will have to use elevators and escalators to exit the platforms that will be on the ground level of the station. The plans allocate second floor for offices.
A joint inspection by officials of both Indian Railways and South korean Railway is expected soon before any further movement on the project. The additional modern features will include digital signage to display train schedules and platforms, escalators, elevators, automated systems to dispense tickets, executive lounges, shopping centre with leading brands and a slew of other facilities for travellers.
The project is part of Railways Ministry’s plan to draw revenue from public private partnership projects for the redevelopment of 400 stations. The first phase of the project for 23 junctions has already been launched.
  
Feb 20 2017 (07:29)  Rail Bhavan, North Block spar after Budget merger (www.thehindu.com)
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Rail Budget

News Entry# 294323   Blog Entry# 2171509     
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Posted by: rdb*^  129373 news posts
Finance Ministry demand for dividends from PSUs leaves Railways fuming
Less than a fortnight after the historic merger of the Rail Budget with the Union Budget, the Railways and Finance Ministries are not seeing eye-to-eye on some critical issues, including finances.
The Finance Ministry, which has taken charge of presenting the annual accounts for the Indian Railways, has asked the Railways Ministry to hereafter remit the annual dividends it receives from the 14 central public sector units (CPSUs) under its purview.
Rail
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Bhavan mandarins are not amused as saving on dividend payments to the MoF was one of the biggest arguments made in favour of scrapping the separate Rail Budget. The Railways ministry has shot back arguing that giving away the dividends from the CPSUs – estimated at about ₹850 crore for 2017-18 – would hit its earnings.
In its communication in January, the Finance Ministry told the Railways Ministry that since the ‘capital-at-charge’ of the Railways – on which annual dividend was paid by the Railways – would be wiped-off post the Budget merger, the investment made in the Railways-related PSUs would be treated as having come from the Central government’s accounts. ‘Capital-at-charge’ is the Centre’s investment in the Indian Railways — treated as loan in perpetuity.
“In view of this, the Ministry of Railways is requested to remit the dividends received from its CPSUs to General Revenues,” the Finance Ministry said in its letter of January 9.
  The Indian Railways will no longer be required to pay annual dividend of about ₹9,000 crore to the Finance Ministry for the capital invested in it following the Budget merger. “The government approved merger of Railway Budget with General Budget on the premise that, besides maintaining its distinct entity as a departmental commercial undertaking as at present, Railways would also retain its functional and financial autonomy,” the Railways Ministry said in its reply to the Finance Ministry on February 13. “The existing financial arrangements with regard to Railway revenue and expenditure has thus to continue even after merger.”
The Railways Ministry said the dividend received by the Indian Railways from its CPSUs is not part of the ‘capital-at-charge’. It went on to point out that since the dividends from CPSUs is a part of the Railways’ overall traffic earning projections for 2017-18, remitting the dividend to the Finance Ministry “would add to shortfall in the Railway earnings.”
“As Ministry of Finance, in the larger scenario, is responsible for meeting any gap in Railway resources, the present arrangement of retaining the dividend for Railway PSUs in the Railway earnings may continue,” the Railways Ministry said.
Earlier, the Railway Board members were surprised at Finance Minister Arun Jaitley’s Budget announcement listing three Railways PSUs — IRCTC, Indian Railway Finance Corporation and IRCON — on the stock markets. The Indian Railways had proposed forming a holding company for its stakes in 13 of its public sector companies.

  
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Feb 20 2017 (10:41)
Rail Fanning~   2645 blog posts
Re# 2171509-1            Tags   Past Edits
It was indeed a big call to merge the two budgets. Now it remains to be seen as to how will the officials of the two dept co-operate on various matters on day to day basis.
Hope the article below is not the sign of things to come.
  
Feb 19 2017 (23:08)  Project in Progress (www.rvnl.org)
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Rail BudgetNR/Northern  -  

News Entry# 294308   Blog Entry# 2190274     
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Posted by: Ravichandra Madagala~  82 news posts
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2 BURAMARA - CHAKULIA - NEW LINE WITH UPGRADING OF RUPSA - BURAMARA
3 CONSTRUCTION OF MULTI-FUNCTIONAL COMPLEXS(MFCS)
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6 DALLI - RAJHARA - RAOGHAT NEW LINE
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8 DANKUNI - SETTING UP OF ELECTRIC LOCO ASSEMBLY AND ANCILLARY UNIT OF CLW
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16 GOELKERA - MANOHARPUR 3RD LINE DOUBLING
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18 HABIBGANJ - BARKHERA 3RD LINE
19 HARIDASPUR - PARADEEP NEW LINE
20 HOSPET - GUNTAKAL AND TOMAGALLU - RANJITPURA RE
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22 IOCL SIDING AT SALAWAS (DEPOSIT WORK)
23 JAKHAL - DHURI- LUDHIANA - RAILWAY ELECTRIFICATION
24 JAKHAL - HISAR- RAILWAY ELECTRIFICATION
25 JAROLI (BANASPANI) - JAKHPURA - DOUBLING
26 JOKA - BINOY BADAL DINESH BAGH VIA MAJERHAT - CONSTRUCTION OF METRO RAILWAY
27 KARJODA - PALANPUR DOUBLING
28 KHARAGPUR WORKSHOP - SETTING UP OF CENTRE OF EXCELLENCE FOR WAGON PROTOTYPING
29 KHURDA ROAD - BARANG 3RD LINE DOUBLING
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31 MANHERU - HISSAR - RAILWAY ELECTRIFICATION
32 MOULA ALI - SETTING UP OF INDIAN RAILWAY INSTITUTE OF FINANCE MANAGEMENT
33 MULTI-MODAL TRANSPORT SYSTEM (MMTS) - PHASE-II
34 NABADWIPGHAT - NABADWIPDHAM - NEW LINE
35 NAUPARA(EX.) - BARANAGAR EXTENSION OF DUMDUM - BARANAGAR METRO RAIL LINK
36 NEORA - DANIWAN & BARBIGHA - SHEKHPUR - NEW LINE
37 OBULAVARIPALLE - KRISHNAPATTNAM NEW LINE
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46 RANI - PALANPUR - RAILWAY ELECTRIFICATION
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48 RISHIKESH - KARNAPRAYAG NEW LINE
49 Road Over Bridge at BARDHMAN(YARD) - 4 LANES
50 SALKA ROAD - ANNUPPUR DOUBLING
51 SAMBALPUR - TITLAGARH - DOUBLING
52 SAROTRA ROAD - KARJODA PATCH - DOUBLING
53 SECUNDERABAD- UPGRADATION OF FACILITES AT CENTRALISED TRAINING ACEDEMY FOR RAILWAY ACCOUNTS
54 SRIRANGAM - TIRUCHCHIRAPPALLI TOWN - 4 LANE ROB IN LIEU OF 2 - LANE BRIDGE NO. 380-A
55 SURAT - HAJIRA NEW LINE
56 SURENDERANAGAR - VIRAMGAM - DOUBLING
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58 TIKIAPARA - SANTRAGACHI DOUBLING
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62 VADODARA - SETTING UP OF NEW POH SOP FOR ELECTRICAL LOCOS
63 VARANASI - AUGMENTATION OF PRODUCTION CAPACITY FROM 200 TO 250 HIGH HP LOCOS PER YEAR
64 VIJAYWADA - GUDIVADA - BHIMAVARAM - NARASAPUR, GUDIVA DA - MACHILIPATNAM & BHIMAVARAM - NIDADAVOLU DOUBLING WITH RE
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2 posts - Wed Mar 08, 2017 - are hidden. Click to open.

  
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Mar 09 2017 (11:35)
Suvidha Provided a Side Lower fr Me☺😊😀😆~   1250 blog posts   6 correct pred (67% accurate)
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