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BPHB/Bhilai Power House (3 PFs)
     भिलाई पावर हाउस

Track: Triple Electric-Line

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 60
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Garage Road, Sector 1, Bhilai
State: Chhattisgarh
Elevation: 311 m above sea level
Zone: SECR/South East Central
Division: Raipur
4 Travel Tips
No Recent News for BPHB/Bhilai Power House
Nearby Stations in the News

Rating: 4.7/5 (55 votes)
cleanliness - excellent (7)
porters/escalators - good (7)
food - excellent (7)
transportation - excellent (7)
lodging - excellent (6)
railfanning - excellent (7)
sightseeing - good (7)
safety - excellent (7)

Nearby Stations

BSPC/M/s. Steel Authority of India Ltd. Bhilai Steel Plant 2 km     BQR/Bhilai Nagar 4 km     BIA/Bhilai 5 km     DBEC/Devbaloda Charoda 8 km     DURG/Durg Junction 9 km     KMI/Kumhari 15 km     RSM/Rasmara 17 km     MXA/Marauda 20 km     SRWN/Saraswatinagar 24 km     MUP/Murhipar 25 km    

Station News

Page#    Showing 1 to 3 of 3 News Items  
Mar 03 2015 (02:08)  तीन प्लेटफार्म का छोटा सा स्टेशन हर महीने कमाता है 2 करोड़ (www.bhaskar.com)
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Commentary/Human InterestSECR/South East Central  -  

News Entry# 215220     
   Tags   Past Edits
Mar 03 2015 (2:08AM)
Station Tag: Bhilai Power House/BPHB added by JAi hO/718732

Posted by: जय हो ™^~  2051 news posts
भिलाई। रेल मंत्री सुरेश प्रभु आज साल 2015-16 का रेल बजट प्रस्तुत कर रहे हैं। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं देश के एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में जिसमें केवल तीन प्लेटफॉर्म हैं और लेकिन वह कमाई के मामले में बड़े-बड़े स्टेशनों से बहुत आगे है। हम बात कर रहे हैं भिलाई स्थित पावर हाउस स्टेशन की। 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया यह स्टेशन हर महीन दो करोड़ कमाता है,
इस स्टेशन में लम्बी दूरी की कई ट्रेनों का स्टॉपेज है, जिस कारण यहां से रोजाना सैकडों लोग रिजर्वेशन करवाते हैं। इस कारण छोटा स्टेशन होने के बाद भी यहां से रेलवे को अच्छा रेवेन्यू मिलता है। कमर्शियल डिपार्टमेंट के एएन मिंज के अनुसार यह स्टेशन
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रोजाना 6 से 7 लाख रुपए कमाकर रेलवे को देता है। महीने में इसकी औसत कमाई 2 करोड़ रुपए तक जाती है।
ट्रेनों का स्टॉपेज सिग्नल पर निर्भर नहीं
इस स्टेशन से जुड़ी एक और रोचक बात ये है कि यहां पर रुकने के लिए ड्रायवर को अमूमन कोई सिग्नल नहीं मिलता, उसे याद रखना पड़ता है कि इस स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज है या नहीं। यहां लोकल के अलावा एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है. लेकिन यहां का सिग्नल ठीक से संकेत नहीं देता। रेलवे के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पावर हाउस में ट्रेनों का स्टॉपेज सिग्नल पर निर्भर नहीं है। ड्राइवर को याद रखना पड़ता है। क्योंकि स्टेशन में पैनल बोर्ड (ट्रेन परिचालन मशीन) नहीं है।
1975 में बना, तब से ही वैसा है
बीएसपी की स्थापना 1956 में हुई। इसके बाद भिलाई में लोगों का आना-जाना बढ़ गया। 1 नवंबर 1975 में पावर हाउस रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई और ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हुआ। तब से सिर्फ बुकिंग और टिकिट की बिक्री होती है। स्टेशन को पैसेंजर हाल्ट का नाम दे दिया गया।
भिलाई-3 और भिलाई नगर से होता है ऑपरेट
पावर हाउस स्टेशन भिलाई-3 और भिलाई नगर से ऑपरेट होता है। स्टेशन पर सिग्नल बोर्ड भी लगे हैं, जो दोनों स्टेशनों से ऑपरेट होते हैं। डाउन ट्रेन भिलाई नगर और अप ट्रेन भिलाई-3 से ऑपरेट होती है। सुपेला और पावर हाउस क्रॉसिंग भी भिलाई-3 और भिलाई नगर स्टेशन से ऑपरेट होते हैं। यहां पैनल बोर्ड लगे हैं। जो रैक और ट्रेनों की स्थिति स्पष्ट करता है।
16 में से एक डिपार्टमेंट
रेलवे में 16 अलग-अलग डिपार्टमेंट होते हैं। इसमें से पावर हाउस स्टेशन पर सिर्फ एक डिपार्टमेंट कमर्शियल काम करता है। यहां सिर्फ कमर्शियल स्टाफ के लोग सेवाएं देते हैं। यहां से रोजाना 6 से 7 लाख रुपए की राजस्व आय होती है। स्टेशन का एक पंखा भी खराब हो जाता है तो भिलाई-3 या दुर्ग से मैकेनिकल डिपार्टमेंट को कॉल किया जाता है।
इन ट्रेनों का स्टॉपेज है
पावर हाउस रेलवे स्टेशन में सारनाथ एक्सप्रेस, कुर्ला, शिवनाथ, अमरकंटक, हावड़ा अहमदाबाद, हावड़ा पुरी, इंटरसिटी, छत्तीसगढ़, दल्लीराजहरा एक्सप्रेस, पटना समेत अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है। इसके अलावा सभी लोकल ट्रेनों का भी स्टॉपेज यहां है।
क्यों है भिलाई इतना खास
चूंकि भिलाई में एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है, यहां देश के कोने-कोने से आकर लोग बसे हैं इसलिए इस शहर को मिनी इंडिया भी कहा जाता है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की एंट्रेंस परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा के बाद सबसे ज्यादा छात्र भिलाई का ही रुख करते हैं। पिछले कुछ सालों में भिलाई एजुकेशन हब के रूप में देश के मानचित्र पर उभरा है। इन कारणों से यहां सालभर लोगों का आना-जाना रहता है। इसके साथ ही भिलाई देश के उन पहले टाउनशिप्स में से एक है जिन्हें प्लान करके बसाया गया है। पूरे देश की संस्कृति को खुद में समेटे इस शहर में छठ हो या दिवाली, दुर्गा पूजा हो या ओणम, पोंगल हो या गणपति का स्वागत सब धूम धाम से मनाया जाता है। चारों तरफ हरियाली से ढंका यह शहर देश के सबसे खूबसूरत टाउनशिप्स में से एक है।
Mar 01 2015 (21:55)  3 प्लेटफार्म का छोटा सा स्टेशन हर महीने कमाता है 2 करोड़ (www.bhaskar.com)
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Commentary/Human InterestSECR/South East Central  -  

News Entry# 215072     
   Tags   Past Edits
Mar 01 2015 (9:55PM)
Station Tag: Bhilai Power House/BPHB added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Posted by: Vaibhav Agarwal*^  1403 news posts
भिलाई। रेल मंत्री सुरेश प्रभु आज साल 2015-16 का रेल बजट प्रस्तुत कर रहे हैं। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं देश के एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में जिसमें केवल तीन प्लेटफॉर्म हैं और लेकिन वह कमाई के मामले में बड़े-बड़े स्टेशनों से बहुत आगे है। हम बात कर रहे हैं भिलाई स्थित पावर हाउस स्टेशन की। 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया यह स्टेशन हर महीन दो करोड़ कमाता है।
इस स्टेशन में लम्बी दूरी की कई ट्रेनों का स्टॉपेज है, जिस कारण यहां से रोजाना सैकडों लोग रिजर्वेशन करवाते हैं। इस कारण छोटा स्टेशन होने के बाद भी यहां से रेलवे को अच्छा रेवेन्यू मिलता है। कमर्शियल डिपार्टमेंट के एएन मिंज के अनुसार यह स्टेशन
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रोजाना 6 से 7 लाख रुपए कमाकर रेलवे को देता है। महीने में इसकी औसत कमाई 2 करोड़ रुपए तक जाती है।
ट्रेनों का स्टॉपेज सिग्नल पर निर्भर नहीं
इस स्टेशन से जुड़ी एक और रोचक बात ये है कि यहां पर रुकने के लिए ड्रायवर को अमूमन कोई सिग्नल नहीं मिलता, उसे याद रखना पड़ता है कि इस स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज है या नहीं। यहां लोकल के अलावा एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है. लेकिन यहां का सिग्नल ठीक से संकेत नहीं देता। रेलवे के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पावर हाउस में ट्रेनों का स्टॉपेज सिग्नल पर निर्भर नहीं है। ड्राइवर को याद रखना पड़ता है। क्योंकि स्टेशन में पैनल बोर्ड (ट्रेन परिचालन मशीन) नहीं है।
1975 में बना, तब से ही वैसा है
बीएसपी की स्थापना 1956 में हुई। इसके बाद भिलाई में लोगों का आना-जाना बढ़ गया। 1 नवंबर 1975 में पावर हाउस रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई और ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हुआ। तब से सिर्फ बुकिंग और टिकिट की बिक्री होती है। स्टेशन को पैसेंजर हाल्ट का नाम दे दिया गया।
भिलाई-3 और भिलाई नगर से होता है ऑपरेट
पावर हाउस स्टेशन भिलाई-3 और भिलाई नगर से ऑपरेट होता है। स्टेशन पर सिग्नल बोर्ड भी लगे हैं, जो दोनों स्टेशनों से ऑपरेट होते हैं। डाउन ट्रेन भिलाई नगर और अप ट्रेन भिलाई-3 से ऑपरेट होती है। सुपेला और पावर हाउस क्रॉसिंग भी भिलाई-3 और भिलाई नगर स्टेशन से ऑपरेट होते हैं। यहां पैनल बोर्ड लगे हैं। जो रैक और ट्रेनों की स्थिति स्पष्ट करता है।
16 में से एक डिपार्टमेंट
रेलवे में 16 अलग-अलग डिपार्टमेंट होते हैं। इसमें से पावर हाउस स्टेशन पर सिर्फ एक डिपार्टमेंट कमर्शियल काम करता है। यहां सिर्फ कमर्शियल स्टाफ के लोग सेवाएं देते हैं। यहां से रोजाना 6 से 7 लाख रुपए की राजस्व आय होती है। स्टेशन का एक पंखा भी खराब हो जाता है तो भिलाई-3 या दुर्ग से मैकेनिकल डिपार्टमेंट को कॉल किया जाता है।
इन ट्रेनों का स्टॉपेज है
पावर हाउस रेलवे स्टेशन में सारनाथ एक्सप्रेस, कुर्ला, शिवनाथ, अमरकंटक, हावड़ा अहमदाबाद, हावड़ा पुरी, इंटरसिटी, छत्तीसगढ़, दल्लीराजहरा एक्सप्रेस, पटना समेत अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है। इसके अलावा सभी लोकल ट्रेनों का भी स्टॉपेज यहां है।
क्यों है भिलाई इतना खास
चूंकि भिलाई में एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है, यहां देश के कोने-कोने से आकर लोग बसे हैं इसलिए इस शहर को मिनी इंडिया भी कहा जाता है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की एंट्रेंस परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा के बाद सबसे ज्यादा छात्र भिलाई का ही रुख करते हैं। पिछले कुछ सालों में भिलाई एजुकेशन हब के रूप में देश के मानचित्र पर उभरा है। इन कारणों से यहां सालभर लोगों का आना-जाना रहता है। इसके साथ ही भिलाई देश के उन पहले टाउनशिप्स में से एक है जिन्हें प्लान करके बसाया गया है। पूरे देश की संस्कृति को खुद में समेटे इस शहर में छठ हो या दिवाली, दुर्गा पूजा हो या ओणम, पोंगल हो या गणपति का स्वागत सब धूम धाम से मनाया जाता है। चारों तरफ हरियाली से ढंका यह शहर देश के सबसे खूबसूरत टाउनशिप्स में से एक है।
Nov 01 2014 (12:38)  तीन प्लेटफ़ॉर्म का छोटा सा स्टेशन हर महीने कमाता है 2 करोड् (www.bhaskar.com)
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Commentary/Human InterestSECR/South East Central  -  

News Entry# 199869     
   Tags   Past Edits
Nov 01 2014 (12:38PM)
Station Tag: Bhilai Power House/BPHB added by J A I H O/718732

Posted by: जय हो ™^~  2051 news posts
भिलाई। 1 नवंबर को छत्तीसगढ राज्य स्थापना दिवस के साथ-साथ भिलाई का पावर हाउस रेलवे स्टेशन भी अपनी स्थापना के 39 साल पूरे कर रहा है। महज तीन प्लेटफॉर्म वाला यह स्टेशन कमाई के मामले में बड़े-बड़े स्टेशनों से बहुत आगे है।

इस स्टेशन में लम्बी दूरी की कई ट्रेनों का स्टॉपेज है, जिस कारण यहां से रोजाना सैकडों लोग रिजर्वेशन करवाते हैं। इस कारण छोटा स्टेशन होने के बाद भी यहां से रेलवे को अच्छा रेवेन्यू मिलता है। कमर्शियल डिपार्टमेंट के एएन मिंज के अनुसार यह स्टेशन रोजाना 6 से
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7 लाख रुपए कमाकर रेलवे को देता है। महीने में इसकी औसत कमाई 2 करोड़ रुपए तक जाती है।

ट्रेनों का स्टॉपेज सिग्नल पर निर्भर नहीं
इस स्टेशन से जुडी एक और रोचक बात ये है कि यहां पर रुकने के लिए ड्रायवर को अमूमन कोई सिग्नल नहीं मिलता, उसे याद रखना पडता है कि इस स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज है या नहीं। यहां लोकल के अलावा एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है. लेकिन यहां का सिग्नल ठीक से संकेत नहीं देता। रेलवे के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पावर हाउस में ट्रेनों का स्टॉपेज सिग्नल पर निर्भर नहीं है। ड्राइवर को याद रखना पड़ता है। क्योंकि स्टेशन में पैनल बोर्ड (ट्रेन परिचालन मशीन) नहीं है।

1975 में बना, तब से ही वैसा है
बीएसपी की स्थापना 1956 में हुई। इसके बाद भिलाई में लोगों का आना-जाना बढ़ गया। 1 नवंबर 1975 में पावर हाउस रेलवे स्टेशन की स्थापना हुई और ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू हुआ। तब से सिर्फ बुकिंग और टिकिट की बिक्री होती है। स्टेशन को पैसेंजर हाल्ट का नाम दे दिया गया।

भिलाई-3 और भिलाई नगर से होता है ऑपरेट
पावर हाउस स्टेशन भिलाई-3 और भिलाई नगर से ऑपरेट होता है। स्टेशन पर सिग्नल बोर्ड भी लगे हैं, जो दोनों स्टेशनों से ऑपरेट होते हैं। डाउन ट्रेन भिलाई नगर और अप ट्रेन भिलाई-3 से ऑपरेट होती है। सुपेला और पावर हाउस क्रॉसिंग भी भिलाई-3 और भिलाई नगर स्टेशन से ऑपरेट होते हैं। यहां पैनल बोर्ड लगे हैं। जो रैक और ट्रेनों की स्थिति स्पष्ट करता है।

16 में से एक डिपार्टमेंट
रेलवे में 16 अलग-अलग डिपार्टमेंट होते हैं। इसमें से पावर हाउस स्टेशन पर सिर्फ एक डिपार्टमेंट कमर्शियल काम करता है। यहां सिर्फ कमर्शियल स्टाफ के लोग सेवाएं देते हैं। यहां से रोजाना 6 से 7 लाख रुपए की राजस्व आय होती है। स्टेशन का एक पंखा भी खराब हो जाता है तो भिलाई-3 या दुर्ग से मैकेनिकल डिपार्टमेंट को कॉल किया जाता है।

इन ट्रेनों का स्टॉपेज है
पावर हाउस रेलवे स्टेशन में सारनाथ एक्सप्रेस, कुर्ला, शिवनाथ, अमरकंटक, हावड़ा अहमदाबाद, हावड़ा पुरी, इंटरसिटी, छत्तीसगढ़, दल्लीराजहरा एक्सप्रेस, पटना समेत अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज है। इसके अलावा सभी लोकल ट्रेनों का भी स्टॉपेज यहां है।

क्यों है भिलाई इतना खास
चुंकि भिलाई में एशिया का सबसे बडा स्टील प्लांट है, यहां देश के कोने-कोने से आकर लोग बसे हैं इसलिए इस शहर को मिनी इंडिया भी कहा जाता है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की एंट्रेंस परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा के बाद सबसे ज्यादा छात्र भिलाई का ही रुख करते हैं। पिछले कुछ सालों में भिलाई एजुकेशन हब के रूप में देश के मानचित्र पर उभरा है। इन कारणों से यहां सालभर लोगों का आना-जाना रहता है। इसके साथ ही भिलाई देश के उन पहले टाउनशिप्स में से एक है जिन्हें प्लान करके बसाया गया है। पूरे देश की संस्कृति को खुद में समेटे इस शहर में छठ हो या दिवाली, दुर्गा पूजा हो या ओणम, पोंगल हो या गणपति का स्वागत सब धूम धाम से मनाया जाता है। चारों तरफ हरियाली से ढंका यह शहर देश के सबसे खूबसूरत टाउनशिप्स में से एक है।
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