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Mon Mar 27, 2017 16:18:24 IST
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DHD/Dahod (3 PFs)
દાહોદ     दाहोद

Track: Double Electric-Line

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 86
Number of Originating Trains: 7
Number of Terminating Trains: 7
Godi Rd, Dahod
State: Gujarat
Elevation: 314 m above sea level
Zone: WR/Western
Division: Ratlam
3 Travel Tips
No Recent News for DHD/Dahod
Nearby Stations in the News

Rating: 3.5/5 (18 votes)
cleanliness - good (3)
porters/escalators - average (3)
food - average (3)
transportation - good (2)
lodging - excellent (2)
railfanning - average (2)
sightseeing - excellent (1)
safety - excellent (2)

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Station News

Page#    Showing 1 to 16 of 16 News Items  
Mar 01 2017 (08:32)  Transportation cost of goods through Indore-Tihi railway line to cut (www.nyoooz.com)
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IR AffairsWR/Western  -  

News Entry# 295032     
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Mar 01 2017 (08:32)
Station Tag: Dahod/DHD added by RAVI PRAJAPATI*^~/233871

Mar 01 2017 (08:32)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by RAVI PRAJAPATI*^~/233871

Mar 01 2017 (08:32)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by RAVI PRAJAPATI*^~/233871

Mar 01 2017 (08:32)
Station Tag: Tihi/TIHI added by RAVI PRAJAPATI*^~/233871

Posted by: RAVI PRAJAPATI*^~  934 news posts
Now, industries will be able to send goods directly from Pithampur to ports at comparatively lesser cost and duration. "Industrialists said that about 5 per cent of the goods get damaged due to multiple loading and unloading of goods at the source point and Ratlam. INDORE: Transportation of goods through Indore-Tihi railway line to ports will cut transportation cost by 30 per cent and save about a week's time of local industries , industrialists said.Industrialists delighted by the commencement of operations on the new 23-km line between Indore and Tihi under Indore-Dahod rail line project , expect cargo movement to increase due to it.Gautam Kothari, President, Pithampur Audhyogik Sangathan said, "Cargo movement from local industries will increase due to the Indore-Tihi rail line. "At present, industrialists of the region transport goods by road till Ratlam from where it is loaded on containers for Mumbai by rail route. Most of the consignments...
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from Indore go through JNPT and Kandla port, industrialists said.According to Pithampur Audhyogik Sangathan about one-third of the container traffic is handled by the Container Corporation of India (CONCOR) and the rest by private container operators.Kothari said, "Along with cost benefit, damage of goods will also reduce in sending goods through multiple routes.
INDORE: Transportation of goods through Indore-Tihi railway line to ports will cut transportation cost by 30 per cent and save about a week's time of local industries , industrialists said.Industrialists delighted by the commencement of operations on the new 23-km line between Indore and Tihi under Indore-Dahod rail line project , expect cargo movement to increase due to it.Gautam Kothari, President, Pithampur Audhyogik Sangathan said, "Cargo movement from local industries will increase due to the Indore-Tihi rail line. Now, industries will be able to send goods directly from Pithampur to ports at comparatively lesser cost and duration."At present, industrialists of the region transport goods by road till Ratlam from where it is loaded on containers for Mumbai by rail route. The loading at Ratlam is done only twice in a week increasing the travelling time.Industrialists said that the cost of transportation will reduce by 20 to 30 per cent as goods will be sent directly from Indore to desired ports avoiding multiple routes and loading charges.Non-availability of racks at Ratlam leads to further transportation delay causing production loss.Around 1.45 lakh containers are moved from the Indore region to various ports of the country in a year mostly by the railway route covering over 800 kms distance.
Most of the consignments from Indore go through JNPT and Kandla port, industrialists said.According to Pithampur Audhyogik Sangathan about one-third of the container traffic is handled by the Container Corporation of India (CONCOR) and the rest by private container operators.Kothari said, "Along with cost benefit, damage of goods will also reduce in sending goods through multiple routes."Industrialists said that about 5 per cent of the goods get damaged due to multiple loading and unloading of goods at the source point and Ratlam.. . .
Sep 15 2016 (15:17)  आज निर्णय नहीं हुआ तो सीधे रेलमंत्री से करूंगी बात (naidunia.jagran.com)
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New Facilities/TechnologyWR/Western  -  

News Entry# 280160     
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Sep 15 2016 (3:17PM)
Station Tag: Dahod/DHD added by For Better Managed Indian Railways~/1546020

Sep 15 2016 (3:17PM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by For Better Managed Indian Railways~/1546020

Posted by: For Better Managed Indian Railways~  948 news posts
इंदौर । नगर प्रतिनिधि
इंदौर-दाहोद परियोजना का शुभांरभ 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था। इसके बाद से इसमें से केवल टीही तक काम हुआ है। मैंने बैठक में रेल अधिकारियों, धार, झाबुआ के सांसद और वहां के कलेक्टर को भी बुलाया है। आज इंदौर-छोटा उदयपुर और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के बारे में मुझे ठोस निर्णय चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो मैं सीधे रेलमंत्री से बात करूंगी।
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंगलवार को रेसीडेंसी कोठी में रेल अधिकारियों के साथ बैठक में ऐसे तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने रेल अधिकारियों को
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जमकर आड़े हाथों लिया। इंदौर-पीथमपुर के बीच बिछाई जा रही रेल लाइन प्रोजेक्ट के प्रेजेंटेशन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि टीही स्थित पहाड़ी क्षेत्र में टनल बनाना पड़ेगी। इस पर ताई ने कहा कि क्षेत्र में इतने भी पहाड़ी क्षेत्र नहीं है कि टनल बनाना पड़े। अगर मैं दूसरा प्लान बनाने का कहूंगी तो आप लोग फिर से प्रोजेक्ट में देरी कर देंगे। इसलिए अब आप इसे ही शुरू करें। इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट में देरी पर ताई ने कहा कि यह आदिवासी क्षेत्र है लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। मैंने कलेक्टर और सांसद को भी बुलाया है। कुछ कठिनाई आए तो मुझे बताएं।
महाजन ने बताया कि मक्सी-देवास-इंदौर-दाहोद लाइन का हमारा लक्ष्य था जो इंदौर तक पूरा हो चुका है लेकिन अब दाहोद तक ले जाने में देरी हो रही है। पहले इस परियोजना के लिए राशि नहीं मिल पा रही थी, जिससे भूमि अधिग्रहण नहीं हो पा रहा था अब केन्द्र ने एकमुश्त 100 करोड़ रुपए दिए हैं। कलेक्टरों ने हमें विश्वास दिलाया है कि छह माह में वे भूमि अधिग्रहण और टेंडर से जुड़े सारे काम कर लेंगे जिसके बाद इस काम में तेजी आएगी। इंदौर से धार तक रेल लाइन का काम 2019 तक पूरा कर लेंगे। मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे धार से आगे का काम भी शुरू करें, ताकि प्रोजेक्ट जल्द पूरा हो। एक सवाल के जवाब में ताई ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर में किसी को दोष नहीं देना चाहती लेकिन हमें प्रधानमंत्री और रेलमंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। महाजन ने बताया कि हमने इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के सर्वे के लिए भी अधिकारियों को कहा है, लेकिन इसमें समय लग जाएगा।
राज्य सरकार जिम्मेदार
बैठक में हिस्सा लेने आए झाबुआ सांसद कांतिलाल भूरिया ने कहा कि दोनों प्रोजेक्ट में 300 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब अधिकारियों को छह माह का समय दिया गया है। इन प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है जो इनमें रुचि नहीं ले रही है। रेलवे जीएम जीसी अग्रवाल ने बताया कि बैठक में दोनों प्रोजक्ट में तेजी लाने पर बात की गई। राज्य सरकार और रेलवे मिलकर जल्द से जल्द काम खत्म करने का प्रयास करेंगे। हमें अधिकांश भूमि मिल गई है। शेष छह माह में मिल जाएगी।
Sep 15 2016 (15:09)  दाहोद रेल लाइन अभी भी हवा में, कांग्रेस-भाजपा नेताओं के बीच बयानों के तीर (naidunia.jagran.com)
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New Facilities/TechnologyWR/Western  -  

News Entry# 280155     
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Sep 15 2016 (3:09PM)
Station Tag: Dahod/DHD added by For Better Managed Indian Railways~/1546020

Sep 15 2016 (3:09PM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by For Better Managed Indian Railways~/1546020

Posted by: For Better Managed Indian Railways~  948 news posts
इंदौर, नगर प्रतिनिधि। मालवा और झाबुआ क्षेत्र की जनता के लिए इंदौर-दाहोद रेल लाइन का सपना अब तक इस वजह से हकीकत में नहीं बदल सका, क्योंकि यूपीए, एनडीए सरकारों के साथ ही रेलवे और राज्य सरकार ने भी समय पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
रतलाम-झाबुआ के सांसद कांतिलाल भूरिया ने पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आरोप लगाया था कि राज्य सरकार की लापरवाही और अरुचि के कारण अब तक परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण नहीं हो पाया है, जबकि असलियत यह है कि खुद रेलवे ने ही परियोजना संबंधी जमीन अधिग्रहण की जानकारियां राज्य सरकार को समय पर उपलब्ध नहीं कराई।
भूरिया
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के बयान से नई बहस छिड़ गई है, क्योंकि उन्होंने रेल परियोजना में देरी का ठीकरा प्रदेश सरकार पर फोड़ा है। इससे नाराज भाजपा नेताओं ने जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि जिस यूपीए सरकार ने यह परियोजना शुरू की थी, उसी ने सात साल में महज 163 करोड़ रुपए आवंटित किए, जबकि तीन साल में एनडीए ने परियोजना के लिए 271 करोड़ रुपए दिए हैं। हालांकि इसके बावजूद रेल लाइन अब तक हवा में ही है।
अभी ये है दाहोद लाइन की स्थिति
- इंदौर-टीही के बीच जमीन अधिग्रहण के बाद लाइन बिछाने का काम प्रगति पर है। संभवत: दिसंबर के अंत तक यह रास्ता रेल ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। दाहोद-कतवारा के बीच 11 किलोमीटर हिस्से में जमीन अधिग्रहण के बाद रेल लाइन संबंधी ज्यादातर काम पूरे हो गए हैं।
- टीही से पीथमपुर (8.29 किमी) और पीथमपुर से सागौर (9.12 किमी) के बीच रेल लाइन के लिए जमीन रेलवे को मिल चुकी है, लेकिन वहां काम शुरू नहीं किया गया।
- सागौर से गुणावद होते हुए धार के बीच (27.40 किमी लंबा हिस्सा) रेल लाइन के लिए कुछ जमीन मिली है और कुछ जमीन मिलना बाकी है।
- धार-झाबुआ के लिए 104 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए फिलहाल रेलवे फाइनल लोकेशन सर्वे ही कर रहा है। उक्त हिस्से में कितनी जमीन की जरूरत होगी। यह जानकारी 2017 में पता लग पाएगी।
- झाबुआ-पिटोल के बीच 13.97 किमी लंबे हिस्से में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हो रही है, जो महीनेभर में पूरी होने की उम्मीद है।
- पिटोल-कतवारा के बीच 11.96 और कतवारा-दाहोद का 11.32 किमी हिस्सा गुजरात में आता है।
कब-कितनी राशि मिली दाहोद परियोजना को ?
साल आवंटित राशि (रुपए में)
2007-08 आठ लाख
2008-09 44.14 करोड़
2009-10 20.07 करोड़
2010-11 13.91 करोड़
2011-12 24.36 करोड़
2012-13 46.14 करोड़
2013-14 15 करोड़
(यूपीए के शासन में 2007 से 2013 के बीच दाहोद परियोजना को करीब 163.69 करोड़ रुपए मिले।)
2014-15 70.92 करोड़
2015-16 100 करोड़
2016-17 100 करोड़
(एनडीए के शासन में 2014 से 2016 तक रेल लाइन के लिए लगभग 271 करोड़ रुपए आवंटित हो चुके हैं। 2007 से अब तक परियोजना को 334.62 करोड़ रुपए की राशि मिल चुकी है।)
अफसर भी बोले- इतना पैसा मिलना अप्रत्याशित था
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने जो बैठक बुलाई थी, उसमें रेल अफसरों से सवाल हुआ कि दाहोद परियोजना में इतनी देरी क्यों की जा रही? इस पर अफसरों का जवाब था कि पहले रेल लाइन के लिए बहुत ज्यादा पैसा नहीं मिल रहा था। जितना पैसा मिलता, उतना खर्च हो जाता। ऐसा नहीं है कि रेलवे ने आवंटित राशि का इस्तेमाल नहीं किया। पिछले कुछ साल में सरकार जो फंडिंग दाहोद प्रोजेक्ट को कर रही है, वह अप्रत्याशित है। इतनी राशि खर्च करने को हम भी मानसिक रूप से तैयार नहीं थे। यह आरोप भी सही नहीं है कि रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण करने में राज्य सरकार की रुचि नहीं है। जब रेलवे राज्य सरकार को जमीन संबंधी मांग पत्र देगा, उसी के बाद ही प्रक्रिया हो सकेगी। अभी तो रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे भी पूरा नहीं हो पाया है। - अंजू माखीजा, सदस्य, रेलवे बोर्ड पैसेंजर सर्विसेस कमेटी
Sep 14 2016 (11:25)  आज निर्णय नहीं हुआ तो सीधे रेलमंत्री से करूंगी बात: सुमित्राताई महाजन (mnaidunia.jagran.com)
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News Entry# 280004   Blog Entry# 1991171     
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Sep 14 2016 (11:26AM)
Station Tag: Manmad Junction/MMR added by 🚂मिनाक्षी एक्सप्रेस/873766

Sep 14 2016 (11:26AM)
Station Tag: Dahod/DHD added by 🚂मिनाक्षी एक्सप्रेस/873766

Sep 14 2016 (11:26AM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by 🚂मिनाक्षी एक्सप्रेस/873766

Sep 14 2016 (11:26AM)
Train Tag: Ahilya Nagari SF Express/22645 added by 🚂मिनाक्षी एक्सप्रेस/873766

Posted by: 🚂अलविदा खंडवा मिटरगेज🙋🙋~  87 news posts
इंदौर । नगर प्रतिनिधि
इंदौर-दाहोद परियोजना का शुभांरभ 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था। इसके बाद से इसमें से केवल टीही तक काम हुआ है। मैंने बैठक में रेल अधिकारियों, धार, झाबुआ के सांसद और वहां के कलेक्टर को भी बुलाया है। आज इंदौर-छोटा उदयपुर और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के बारे में मुझे ठोस निर्णय चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो मैं सीधे रेलमंत्री से बात करूंगी।
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंगलवार को रेसीडेंसी कोठी में रेल अधिकारियों के साथ बैठक में ऐसे तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने रेल अधिकारियों को
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जमकर आड़े हाथों लिया। इंदौर-पीथमपुर के बीच बिछाई जा रही रेल लाइन प्रोजेक्ट के प्रेजेंटेशन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि टीही स्थित पहाड़ी क्षेत्र में टनल बनाना पड़ेगी। इस पर ताई ने कहा कि क्षेत्र में इतने भी पहाड़ी क्षेत्र नहीं है कि टनल बनाना पड़े। अगर मैं दूसरा प्लान बनाने का कहूंगी तो आप लोग फिर से प्रोजेक्ट में देरी कर देंगे। इसलिए अब आप इसे ही शुरू करें। इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट में देरी पर ताई ने कहा कि यह आदिवासी क्षेत्र है लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी हो रही है। मैंने कलेक्टर और सांसद को भी बुलाया है। कुछ कठिनाई आए तो मुझे बताएं।
महाजन ने बताया कि मक्सी-देवास-इंदौर-दाहोद लाइन का हमारा लक्ष्य था जो इंदौर तक पूरा हो चुका है लेकिन अब दाहोद तक ले जाने में देरी हो रही है। पहले इस परियोजना के लिए राशि नहीं मिल पा रही थी, जिससे भूमि अधिग्रहण नहीं हो पा रहा था अब केन्द्र ने एकमुश्त 100 करोड़ रुपए दिए हैं। कलेक्टरों ने हमें विश्वास दिलाया है कि छह माह में वे भूमि अधिग्रहण और टेंडर से जुड़े सारे काम कर लेंगे जिसके बाद इस काम में तेजी आएगी। इंदौर से धार तक रेल लाइन का काम 2019 तक पूरा कर लेंगे। मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे धार से आगे का काम भी शुरू करें, ताकि प्रोजेक्ट जल्द पूरा हो। एक सवाल के जवाब में ताई ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर में किसी को दोष नहीं देना चाहती लेकिन हमें प्रधानमंत्री और रेलमंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। महाजन ने बताया कि हमने इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के सर्वे के लिए भी अधिकारियों को कहा है, लेकिन इसमें समय लग जाएगा।
राज्य सरकार जिम्मेदार
बैठक में हिस्सा लेने आए झाबुआ सांसद कांतिलाल भूरिया ने कहा कि दोनों प्रोजेक्ट में 300 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब अधिकारियों को छह माह का समय दिया गया है। इन प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है जो इनमें रुचि नहीं ले रही है। रेलवे जीएम जीसी अग्रवाल ने बताया कि बैठक में दोनों प्रोजक्ट में तेजी लाने पर बात की गई। राज्य सरकार और रेलवे मिलकर जल्द से जल्द काम खत्म करने का प्रयास करेंगे। हमें अधिकांश भूमि मिल गई है। शेष छह माह में मिल जाएगी।

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Sep 14 2016 (12:10)
Narendra yadav   152 blog posts
Re# 1991171-1            Tags   Past Edits

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Sep 14 2016 (14:21)
riz339~   2299 blog posts   111 correct pred (57% accurate)
Re# 1991171-2            Tags   Past Edits
The work must be speed up
Jul 27 2016 (13:22)  indore dahor rail jaamin adhigrahan ki dikkat 786695 (naidunia.jagran.com)
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News Entry# 275015   Blog Entry# 1943007     
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Jul 27 2016 (1:23PM)
Station Tag: Dahod/DHD added by For Better Managed Indian Railways~/1546020

Jul 27 2016 (1:23PM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by For Better Managed Indian Railways~/1546020

Posted by: For Better Managed Indian Railways~  948 news posts
चार माह में एक रुपया भी खर्च नहीं 12 माह में 100 करोड़ कैसे खपेंगे
-इंदौर-धार के बीच काम करने की आवश्यकता
-पीथमपुर में टनल निर्माण के लिए डिजाइन जल्द
धार। ब्यूरो
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना
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के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपए खर्च ही नहीं हो पा रहे हैं जबकि नए वित्तीय वर्ष के करीब चार माह पूरे हो चुके हैं। यह चिंता का विषय है। पश्चिम रेलवे का कहना है कि राशि को लेकर नहीं, जमीन अधिग्रहण में दिक्कत आ रही है। दूसरी ओर अब धार-इंदौर के बीच रेल परियोजना का प्रथम चरण पूरा हो, इसके लिए भी ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं धार से लेकर झाबुआ तक पहाड़ी इलाके में काम करना मुश्किल हो रहा है।
गौरतलब है कि उक्त रेल परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए बजट में मंजूर किए गए थे। पिछले बजट और वर्तमान बजट की राशि खर्च करने की ही स्थिति नहीं बन पा रही है। रेलवे के सूत्रों की मानें तो जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी नहीं होने से दिक्कत हो रही है। इंदौर से लेकर सागौर तक काम किया जा रहा है। इसमें सागौर के रेलवे स्टेशन तक काम हो, इसके लिए तैयारियां भी चल रही हैं। जबकि पीथमपुर क्षेत्र में टनल निर्माण को लेकर दिक्कत भी दूर नहीं हो पाई है।
निविदा प्रक्रिया शुरू
रेलवे सूत्रों ने कहा कि पीथमपुर में बनने वाली करीब 5 किमी लंबी टनल के लिए डिजाइन बनाने का काम शुरू होगा। इसके लिए पश्चिम रेलवे ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। डिजाइन बनाने के बाद में टनल बनाने वाली एजेंसी के लिए काम शुरू होगा।
धार-इंदौर के बीच ही शुरू हो ट्रेन
सबसे बड़ी बात यह है कि आगामी दो-तीन सालों में धार और इंदौर के बीच रेलवे संपर्क हो, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिला मुख्यालय को रेल सुविधायुक्त किया जा सकता है। यदि पूरी परियोजना का काम पूरा होने का इंतजार करेंगे तो बरसों लग जाएंगे। रेल लाओ समिति के अध्यक्ष पवन जैन का भी कहना है कि इस काम में प्राथमिकता तय होना चाहिए। इसके बाद ही काम को आगे बढ़ाना चाहिए।
मुख्य इंजीनियर ने दिखाई रुचि
इधर तमाम निराशाओं के बीच एक अच्छी खबर यह है कि सांसद सावित्री ठाकुर द्वारा किए गए प्रयास के बाद रेल परियोजना को लेकर मुख्य अभियंता ने रुचि दिखाई है। सूत्रों की मानें तो इस रेल परियोजना के लिए जल्द ही स्टाफ बढ़ाने की भी बात चल रही है। वहीं इस तरह की सूचना से उम्मीद बंधी है कि मैदानी स्तर पर काम होगा, लेकिन जमीन अधिग्रहण के मामले में तेजी लाने की आवश्यकता है।

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Jul 27 2016 (13:26)
For Better Managed Indian Railways~   1933 blog posts
Re# 1943007-1            Tags   Past Edits
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Jul 27 2016 (14:25)
® राहुल जैन ☺ झाडू वाले™🚅🚃🚃🚃🚃🚃*^~   9872 blog posts   14933 correct pred (63% accurate)
Re# 1943007-2            Tags   Past Edits
Jul 16 2016 (03:02)  रतलाम-दाहोद मेमू ट्रेन का एक अक्टूबर से समय बदलेगा (www.bhaskar.com)
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Commentary/Human InterestWR/Western  -  

News Entry# 273830     
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Jul 16 2016 (3:02AM)
Station Tag: Dahod/DHD added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Jul 16 2016 (3:02AM)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Posted by: Vaibhav Agarwal*^  1403 news posts
उज्जैन | रतलाम-दाहोद मेमू ट्रेन नं. 69188 का समय एक अक्टूबर से बदल जाएगा। पीआरओ जेेके जयंत ने बताया यह ट्रेन रतलाम स्टेशन से रात 2.05 बजे प्रस्थान करती है जबकि ट्रेन नं. 69187 1.25 बजे रतलाम आती है। यह ट्रेन 40 मिनट तक प्लेटफाॅर्म पर खड़ी रहती है। ट्रेन नं. 69188 को रतलाम स्टेशन से 1.35 बजे चलाया जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म खाली रहेगा और दूसरी ट्रेनों को जगह मिलेगी। एक अक्टूबर से यह ट्रेन रतलाम 1.35 बजे प्रस्थान कर 1.50 बजे मोरवानी, 1.59 बजे बिलड़ी, 2.22 बजे रावटी, 2.34 बजे भैरोगढ़, 2.42 बजे बामनिया, 2.48 बजे अमरगढ़, 3 बजे पंचपिपलिया, 3.20 बजे बजरंगगढ़, 3.28 बजे थांदला रोड, 3.37 बजे मेघनगर, 3.49 बजे अनास, 356 बजे बोरड़ी, 4.03 बजे धामड़दा होकर तड़के 4.25 बजे दाहोद पहुंचेगी।
Jun 12 2016 (20:27)  Indore Dahod rail line may take more time (www.google.co.in)
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News Entry# 270841   Blog Entry# 1904078     
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Jun 12 2016 (8:27PM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by govardhanshah456~/1338900

Jun 12 2016 (8:27PM)
Station Tag: Dahod/DHD added by govardhanshah456~/1338900

Posted by: Govardhan shah~  1 news posts
धार । इंदौर-दाहोद रेल परियोजना की स्थिति यह है कि उसके लिए नियुक्त मात्र दो जिम्मेदार कर्मचारी भी अब नीमच परियोजना में लगा दिए गए। इसके चलते इस वित्तीय वर्ष में मिले पैसे का उपयोग कैसे होगा, यह समझ से परे है। दूसरी ओर इस परियोजना को लेकर इंदौर और दाहोद में बोर्ड लगाकर इसे सात साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। जबकि कार्य की गति को देखते हुए सात साल तो क्या 17 सालों में भी यह योजना पूरी नहीं हो पाएगी। अब तक जमीन अधिग्रहण के मामले में ही काम हो रहा है वह भी गति नहीं पकड़ पा रहा है।
वर्षों से इंतजार कर रहे जिलेवासियों में अब इस परियोजना को लेकर निराशा बढ़ती जा
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रही है। इसकी वजह यह है कि यह बड़ी परियोजना लापरवाही की भेंट चढ़ते जा रही है। रेल बजट में मामूली रकम दी जाती है, जिससे कि काम पूरा नहीं हो सकता। लेकिन बजट खर्च भी नहीं हो पाता है। नईदुनिया ने जब पड़ताल की तो मालूम हुआ कि पश्चिम रेलवे द्वारा इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के लिए जिन दो कर्मचारियों की तैनाती की गई थी उन्हें भी अब नीमच रेल परियोजना के काम में लगा दिया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस रेल परियोजना के लिए कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी नहीं है जो कि प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा सके। जबकि इस परियोजना पर आगामी दिनों में तेजी से काम होना थे।
उपलब्धि दिखाने के लिए सात साल बताए
सूत्रों के मुताबिक इंदौर और दाहोद के रेलवे स्टेशन पर इस बात की जानकारी लिख दी गई है कि परियोजना को सात साल में पूरा कर दिया जाएगा। मोदी सरकार अपनी उपलब्धियां बताने के साथ-साथ प्रस्तावित कार्यों में भी तेजी दिखाने की बात कर रहा है लेकिन बोर्ड पर लिखे इन सात सालों में काम पूरा करने के लिए हर साल बजट में कम से कम 500 करोड़ चाहिए तब जाकर काम आगे बढ़ सकता है। जबकि अब वर्तमान में मात्र 200 करोड़ राशि दी जा रही है और उसका भी केवल जमीन अधिग्रहण में उपयोग हो रहा है।
गुणावद से धार तक के लिए प्रक्रिया में देरी
पीथमपुर से लेकर गुणावद तक की जमीन के लिए भूराजस्व संहिता की धारा 12 के तहत प्रक्रिया करके अधिग्रहण के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए निश्चित रूप से काम हुआ है लेकिन अभी भी किसानों को मुआवजा देना व अन्य प्रक्रिया में एक साल का समय लग सकता है। इस तरह के हालात में अधिग्रहण का मसला भी चिंताजनक है। दूसरी ओर गुणावद से लेकर उटावद, पीपलखेड़ा, धार, नौगांव में जमीन अधिग्रहण करने के लिए अभी तक प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई है। यदि पश्चिम रेलवे परियोजना पर पूरा ध्यान देता तो शायद काम तेजी से होता लेकिन जब कर्मचारी ही नहीं है तो जमीन अधिग्रहण कैसे हो पाएगा। -निप्र
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Jun 23 2016 (01:40)
Guest: 256127e3   show all posts
Re# 1904078-1            Tags   Past Edits
Ye neemuch pariyojna konsi hai???
इंदौर। महू-खंडवा और इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट को लेकर रेलवे गंभीर नहीं है। वन विभाग के बार-बार पूछने के बावजूद दोनों प्रोजेक्ट में जंगल के किस हिस्से से रेलवे ट्रैक को निकालना है, यह रेलवे अब तक नहीं बता पाया है और न ही वन भूमि की आवश्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर रहा है, जबकि पिछले साल दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच संयुक्त सर्वे को लेकर बैठक हो चुकी है। रेलवे के इस रवैए को लेकर इंदौर और धार डीएफओ ने वन विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखकर कड़े शब्दों में रेलवे की लापरवाही की जानकारी दी है।
पिछले साल 16 जून 2015 को वन विभाग और रेलवे के अधिकारियों के बीच संयुक्त सर्वे, ब्रिज-पीलर और मिट्टी परीक्षण पर चर्चा हुई।
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इसके बाद से रेलवे ने इसको लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। महू-खंडवा के बीच गेज परिवर्तन होना है। जहां मीटरगेज (छोटी लाइन) को हटाकर ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) बिछाना है। खास बात ये है कि महू से मुख्तियार बलवाड़ के बीच नया डायवर्शन किया गया है, जिससे 15 किमी का सफर लंबा होगा।
डायवर्शन के लिए लाइन को महू से बड़िया-राजपुरा-कुलथाना होकर मुख्तियार बलवाड़ तक मिलाया जाएगा। इसमें 143 हेक्टेयर वन भूमि आएगी, जहां से रेल लाइन गुजरेगी। इसके लिए दोनों विभागों को संयुक्त सर्वे करना है, जिसमें ये स्पष्ट हो जाएगा कि रेल लाइन के लिए कितने पेड़ काटे जाएंगे।
साथ ही स्थान चि-त कर पीलर लगाए जाना हैं। हालांकि सर्वे को लेकर 2014 में ही वन विभाग ने रेलवे को मंजूरी दे दी है, लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने इस पर काम शुरू नहीं किया है। मामले में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में डीएफओ वीके वर्मा ने मुख्यालय को पत्र लिखा है।
52 किमी का होगा सफर
महू-मुख्तियार बलवाड़ के बीच दूरी अभी 37 किमी की है। डायवर्शन के बाद दोनों स्टेशन के बीच 52 किमी का फर्क आएगा। इस डायवर्शन का फायदा ये मिलेगा कि इस ट्रैक पर 24 कोच की ट्रेन को 100 की स्पीड से दौड़ाया जा सकेगा।
ये करना है सर्वे में
* जंगल में रेलवे ट्रैक कहां-कहां से गुजरेगा।
* टनल और ब्रिज का निर्माण वन भूमि पर कहां-कहां होना है।
* मिट्टी परीक्षण करना।
* रेल लाइन के बीच आने वाले पेड़ों की गिनती करना।
* रेल लाइन के अलाइनमेंट के मुताबिक दोनों तरफ पीलर का स्थान चि-त करना।इंदौर-दाहोद का प्लान और नक्शा नहीं दिया
महू-खंडवा की तरह ही रेलवे इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट में लापरवाही दिखा रहा है। अब तक रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग ने जंगल से होकर गुजरने वाले रेलवे ट्रैक को लेकर प्लान के बारे में वन विभाग को जानकारी नहीं भेजी है, जबकि प्रोजेक्ट के सर्वे को लेकर कंस्ट्रक्शन विभाग ने 12 मार्च 2010 को ज्वाइंट सर्वे के लिए अनुमति मांगी है, जबकि पीलर का स्थान चयन को लेकर 10 मार्च 2015 को दोबारा रेलवे ने विभाग को पत्र लिखा था। मंजूरी मिलने के बावजूद रेलवे ने काम शुरू नहीं किया है। प्रोजेक्ट के तहत लाइन इंदौर से राऊ, टिही, पीथमपुर, धार, सरदारपुर, अमझेरा, झाबुआ, पिटोल होते हुए दाहोद तक डाली जाएगी। 2 मई 2016 को धार डीएफओ ने भी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा है।
शुरू नहीं हुआ सर्वे
दोनों प्रोजेक्ट में रेलवे ने वनभूमि को लेकर कोई जानकारी नहीं भेजी है। रेलवे ट्रैक को लेकर कई बार नक्शा मांगा है, मगर वे जवाब देने को तैयार नहीं है। मई में मुख्यालय को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। -पुरुषोत्तम धीमान, सीसीएफ, वन विभाग (इंदौर वृत)
कंस्ट्रक्शन विभाग दे रहा है प्रोजेक्ट
दोनों प्रोजेक्ट रेलवे के लिए बेहद अहम हैं। महू-खंडवा रेल प्रोजेक्ट की प्राथमिकता है। वैसे प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन विभाग दे रहा है। वर्तमान में दोनों प्रोजेक्ट की स्थिति की कोई जानकारी नहीं है। -मनोज शर्मा, डीआरएम, रतलाम मंडल, पश्चिम रेलवे

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May 18 2016 (20:25)
Madhur Upadhyay   68 blog posts
Re# 1844300-7            Tags   Past Edits
PM to flag off Agartala-Kolkata train on 27 may. Agartala joins on BG map of India. WR !!! ab to sharam karo! kuch kaam karlo !
Mar 07 2016 (20:14)  इन्दौर दाहोद रेल परियोजना हेतु सम्पत्ति का आन्कलन, सर्वे शुरु (epaper.bhaskar.com)
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Mar 07 2016 (8:14PM)
Station Tag: Dahod/DHD added by उज्जैन सिहस्थ २०१६/1084688

Mar 07 2016 (8:14PM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by उज्जैन सिहस्थ २०१६/1084688

Posted by: Indian Railways Railfan~  32 news posts
इन्दौर दाहोद रेल परियोजना हेतु सम्पत्ति का आन्कलन, सर्वे शुरु
Aug 29 2015 (18:11)  इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट पर टिही तक पहली बार रेलवे ने इंजन का ट्रायल किया (www.bhaskar.com)
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Aug 29 2015 (6:11PM)
Station Tag: Dahod/DHD added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Aug 29 2015 (6:11PM)
Station Tag: Indore Junction BG/INDB added by Vaibhav Agarwal*^/432532

Posted by: Vaibhav Agarwal*^  1403 news posts
इंदौर. इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट पर बुधवार को टिही तक पहली बार रेलवे ने इंजन का ट्रायल किया। 22 किमी के हिस्से में लाइन बिछने के बाद हुआ यह ट्रायल सफल रहा। सुबह 11.10 बजे पूजा के बाद इंजन इंदौर स्टेशन से रवाना हुआ, जो दोपहर 2 बजे टिही पहुंचा। वहां से शाम 4 बजे इंदौर लौटा। करीब 15 साल से इंदौर-दाहोद के बीच रेल चलाने की मांग चली आ रही है।
2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसका शिलान्यास किया था। ढाई महीने में इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग का काम होगा। इसके बाद पुरानी पटरियां हटाकर नई बिछाई जाएंगी। दिसंबर तक लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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