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Large Station Board;

GTW/Gatora (4 PFs)
     गतोैरा

Track: Triple Electric-Line

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 4
Number of Halting Trains: 22
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Bilaspur
State: Chhattisgarh
Elevation: 265 m above sea level
Zone: SECR/South East Central
Division: Bilaspur
No Recent News for GTW/Gatora
Nearby Stations in the News

Rating: /5 (0 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - n/a (0)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)

Nearby Stations

BSP/Bilaspur Junction 6 km     JRMG/Jairamnagar 8 km     DPH/Dadhapara 13 km     USL/Uslapur 15 km     KTSH/Kotmi Sonar Halt 15 km     CHBT/Chakarbhatha 16 km     AKT/Akaltara 21 km     BYL/Belha 22 km     GTK/Ghutku 22 km     KPNA/Kapan 28 km    

Station News

Page#    Showing 1 to 1 of 1 News Items  
Mar 30 2015 (23:52)  यहां प्लेटफार्म पहुंचने के लिए लगाना पड़ता है जान दांव पर (naidunia.jagran.com)
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Commentary/Human InterestSECR/South East Central  -  

News Entry# 218717     
   Tags   Past Edits
Mar 30 2015 (11:52PM)
Station Tag: Gatora/GTW added by Make JbpPuneJbp sf spl train regular ASAP/886865

Posted by: 2017Year of hopes for JBP~  104 news posts
बिलासपुर(निप्र)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर डिवीजन में गतौरा एक ऐसा भी स्टेशन है जहां प्रवेश करने के लिए गेट तक की सुविधा नहीं है। यात्री हर रोज अपनी जान दांव पर लगाकर प्लेटफार्म तक पहुंचते हैं। इसके बाद ही ट्रेन में सफर की सुविधा मिल पाती है। यात्रियों की जान को हर पल खतरा है। इसके बावजूद रेल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
जोनल स्टेशन से करीब 9 किमी की दूरी पर स्थित गतौरा स्टेशन की हकीकत और यात्री किस तरह जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं इसे जानने के लिए नईदुनिया की टीम मौके पर पहुंची। प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए रास्ता खोजा गया तो कहीं नजर नहीं आया। पास ही खड़े स्टेशन के एक
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रेल कर्मचारी से जब पूछा गया कि प्लेटफार्म में कैसे चढ़े, तब उन्होंने ट्रैक पार करने का सुझाव दिया, जबकि ट्रैक पार करना दंडनीय अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। यहां स्टेशन पहुंचने के लिए कोई रास्ता ही नहीं है। इसलिए यात्री पहले लाइन नंबर एक को पार करते हैं। फिर काफी जद्दोजहद के बाद प्लेटफार्म एक पर चढ़ते हैं। उस समय बिलासपुर- कोरबा पैसेंजर ट्रेन आने वाली थी। इसे पकड़ने के लिए यात्री इसी तरह जद्दोजहद करते नजर आए। उनके चेहरे पर एक भय भी था कि कहीं कोई ट्रेन न आ जाए। क्योंकि उस परिस्थिति में यात्री का ट्रेन की चपेट में आना तय है। सबसे विडंबना की बात है कि जब से स्टेशन बना है तब से लेकर इसी तरह की परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। लेकिन रेल प्रशासन इतनी महत्वपूर्ण सुविधा से अंजान है। ऐसे में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
दो साल से अधूरा है एफओबी
स्टेशन में मौजूद कुछ यात्रियों से इस सुविधा के संबंध में पूछताछ की तब उन्होंने बताया कि रेल प्रशासन को यात्रियों की जान की परवाह नहीं है। यदि रहती है तो शायद अब तक एफओबी बनकर तैयार हो जाता। रेलवे ने यात्रियों की इस समस्या को संज्ञान में लेकर कुछ साल पहले एफओबी बनाने की योजना तैयार की थी। इसके बाद पहल करते हुए लोहे का खांचा भी फीड कर दिया गया। दो साल से लोहे का यह खांचा अधूरा पड़ा हुआ है। जबकि इसी पर एफओबी बनना है। इसके बाद यात्री प्लेटफार्म एक व दो पर आसानी से जा सकते हैं। इसके अलावा आगे भी जा सकते हैं।
कोल साइडिंग से हर तरफ काला
गतौरा स्टेशन में प्लेटफार्म दो की लाइनों के बाद कोल साइडिंग है। यहां 25 घंटे कोयला लोडिंग व अनलोडिंग होती है। इसके कारण हमेशा धूल उड़ती रहती है। कोयले के इस गर्दे के कारण स्टेशन की बिल्डिंग में काले धब्बे पड़ गए हैं। वहीं प्लेटफार्म का फर्श पर भी काली की धूल की मोटी परत जमी हुई थी। यात्री विश्राम कक्ष में भी यही हाल था। इसके चलते वहां कोई यात्री बैठने को राजी नहीं होता है।
विश्रामकक्ष में पंखा नहीं
इस श्रेणी के स्टेशन में सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे का चाहे जो भी मापदंड हो, लेकिन मानवता के नाते यह इतनी सुविधा बनती है कि यदि यात्रियों के लिए विश्रामकक्ष बनाए गए हैं, तो वहां कम से कम लाइन व पंखे उपलब्ध हो। इस स्टेशन के विश्रामकक्ष में दोनों सुविधा नहीं है। इसके कारण यात्री प्लेटफार्म में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पसंद करते हैं।
सूखे वृक्ष से खतरा
प्लेटफार्म एक व दो के बीचों- बीच एक बड़ा पेड़ इन दिनों यात्रियों के लिए खतरा बना हुआ है। दरअसल यह पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और कभी भी गिर सकता है। इस बीच यदि कोई यात्री प्लेटफार्म में खड़ा है तो वह चपेट में आ सकता है। इसके अलावा ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हो सकता है, क्योंकि पेड़ यदि लाइन की तरफ गिरता है तो इसकी चपेट में ओएचई तार आ जाएगा।
इन ट्रेनों का है स्टॉपेज
0 अप दिशा की ट्रेनें -
- 58113 टाटा- बिलासपुर पैसेंजर
- 58203 कोरबा- रायपुर पैसेंजर
- 68735 रायगढ़- डोंगरगढ़ लोकल
- 68745 कोरबा- रायपुर पैसेंजर
- 58117 झारसुगुड़ा - गोंदिया पैसेंजर
- 68733 कोरबा- रायपुर पैसेंजर
- 68737 रायगढ़- बिलासपुर पैसेंजर
- 58111 टाटा- इतवारी
- 58213 झारसुग़ुडा- बिलासपुर पैसेंजर
- 68731 कोरबा- बिलासपुर पैसेंजर
0 डाउन दिशा की ट्रेनें -
- 58214 बिलासपुर- झारसुगुड़ा पैसेंजर
- 58210 बिलासपुर- गेवरारोड पैसेंजर
- 58112 इतवारी- टाटा पैसेंजर
- 68734 डोंगरगढ़- कोरबा लोकल
- 68738 बिलासपुर- कोरबा लोकल
- 58118 गोंदिया- झारसुगुड़ा पैसेंजर
- 58212 बिलासपुर- कोरबा पैसेंजर
- 68746 रायपुर- कोरबा पैसेंजर
- 68732 बिलासपुर- कोरबा लोकल
- 58114 बिलासपुर- टाटा नगर पैसेंजर
- 68736 बिलासपुर- रायगढ़ पैसेंजर
- 58204 बिलासपुर- गेवरारोड पैसेंजर
डीआरएम के साथ हमने दो दिन पहले ही इस स्टेशन का निरीक्षण किया था। रास्ता नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। यह परेशानी ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी। बारिश से पहले अधूरे एफओबी के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। रही बात अन्य सुविधाओं की तो इस श्रेणी के स्टेशन में जितनी सुविधाएं होनी चाहिए वह यहां उपलब्ध है।
रविश कुमार सिंह
सीनियर डीसीएम, बिलासपुर रेल मंडल
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