PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt

quiz & poll - Timepass for curious minds

अपनी संपूर्ण क्रांति, राजधानी से कम है के 🔥- Arjun Rai

Search Forum
<<prev entry    next entry>>
Blog Entry# 1750970
Posted: Feb 27 2016 (02:39)

2 Responses
Last Response: Feb 27 2016 (11:30)
Rail News
15285 views
Commentary/Human Interest
NCR/North Central
Feb 27 2016 (02:37)   रास्ते में हाथ देने पर ये ट्रेन - ऑटो की तरह रुक जाती है और सवारी बैठाकर आगे बढ़ती है
 

Vaibhav Agarwal   1405 news posts
Entry# 1750970   News Entry# 259313         Tags   Past Edits
झांसी. बुंदेलखंड के जालौन में कोंच-एट कस्बे के बीच एक ऐसी ट्रेन चलती है, जि‍से यात्री ऑटो कहते हैं। रास्ते में हाथ देने पर ये किसी ऑटो या बस की तरह रुक जाती है और सवारी बैठाकर आगे बढ़ती है। गौर करने वाली बात ये है कि इस ट्रेन से गार्ड तक की सैलरी नहीं निकल पाती, फिर भी यह रोजाना सवारी ढोती है।
क्या है ट्रेन की खासियत
- 118 साल से दो कस्बों के बीच चल रही यह ट्रेन अद्दा नाम से मशहूर है।
-
...
more...
35 मिनट में 13 किलोमीटर का सफर तय करती है।
- ट्रेन में सिर्फ 3 डिब्बे हैं।
- 5 रुपए है किराया।
- करीब 500 लोग एक बार में सफर करते हैं।
ट्रेन बंद करने की हो चुकी है कोशिश
- कोंच स्टेशन मास्टर अरुण पटेल कहते हैं, एट से कोंच तक सिर्फ यही एक ट्रेन चलती है।
- दोनों कस्बों के बीच ट्रेन 5 चक्कर लगाती है।
- ट्रेन के संचालन से स्टेशन मास्टर से लेकर गार्ड तक की तनख्वाह नहीं निकलती।
- इस कारण इसे बंद करने की कई बार कोशिश हो चुकी है।
- लोगों के विरोध के चलते यह बंद नहीं हो सकी।
- कोंच के लोगों का कहना है कि यही एकमात्र ट्रेन है, जो आधुनिक होने का अहसास दिलाती है।
- क्षेत्रीय सांसद भानुप्रताप वर्मा कहते हैं, शटल ट्रेन बंद नहीं होने देंगे।
पहले एक बोगी के साथ चलती थी ये ट्रेन
- अंग्रेजों ने 1902 में माल ढोने के लिए इस ट्रेन की शुरुआत की थी।
- उस समय यह ट्रेन मालगाड़ी के रूप में चलती थी। इसमें सिर्फ एक बोगी होती थी।
- जालौन जिले का कोंच कस्बा कभी देश का मुख्य कपास उत्पादक और बिक्री का बड़ा केंद्र हुआ करता था।
- एट में पहले से झांसी-कानपुर को जोड़ती हुई रेल लाइन थी।
- इसीलिए अंग्रेजी हुकूमत ने कोच मंडी तक रेल लाइन बिछाई।
- अंग्रेज मंडी से कपास की गांठें, गेहूं और अन्य सामान कोलकाता और मुंबई भेजा करते थे।
- वहां से माल मैनचेस्टर भेजा जाता था, जहां कपड़ा बनाकर ब्रिटेन और भारत में बेचा जाता था।

18044 views
Feb 27 2016 (02:39)
Vaibhav Agarwal   6714 blog posts
Re# 1750970-1            Tags   Past Edits
Train Board Pic & Ait Station Pic

1 Public Posts - Sat Feb 27, 2016
Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Desktop site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy