Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt

quiz & poll - Timepass for curious minds

Brindavan Express - ರೈಲು ಹೆಸರು ಬೃಂದಾವನ್ ,ಇದು ಯಾವಾಗಲೂ Number 1 - Vijay Baradwaj

Search Forum
<<prev entry    next entry>>
Blog Entry# 4854827
Posted: Jan 23 (22:55)

No Responses Yet
Rail News
6192 views
Commentary/Human Interest
NER/North Eastern
Jan 23 (22:55)   इन गांवों से कोई मुसाफिर भूखा न गुजरा

Anupam Enosh Sarkar^~   27778 news posts
Entry# 4854827   News Entry# 434831         Tags   Past Edits
25 मई की बात है मैजापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही भूख व प्यास से परेशान यात्री रेलवे लाइन के किनारे स्थित तालाब से गंदा पानी पीने लगे। यह देख आसपास के गांवों के लोगों की आंखें भर आई। सभी ने मिलकर इनकी मदद करने का निर्णय लिया।
शिव प्रसाद तिवारी, हलधरमऊ (गोंडा)
कोरोना काल में लॉकडाउन से हर कोई जूझ रहा था। दिल्ली, मुंबई, पंजाब व अन्य शहरों में फंसे प्रवासी मुश्किलों से जूझने लगे। लोगों का काम छिन गया। खाने का संकट हो गया। घर से निकलने पर
...
more...
पाबंदी थी। ऐसे में सरकार ने दूर शहरों में रह रहे मजदूरों की घरवापसी की योजना तैयार की। गोरखपुर, बस्ती व अन्य शहरों को जाने वाले यात्रियों को लेकर जब ट्रेनें यहां पहुंचनी शुरू हुई तो गोंडा रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म फुल हो गया। ऐसे में ट्रेनों को कुछ दूरी वाले स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
25 मई की बात है, मैजापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही भूख व प्यास से परेशान यात्री रेलवे लाइन के किनारे स्थित तालाब से गंदा पानी पीने लगे। यह देख आसपास के गांवों के लोगों की आंखें भर आई। सभी ने मिलकर इनकी मदद करने का निर्णय लिया।
इस तरह हुई मदद : मैजापुर, हलधरमऊ, उत्तरपुरवा, खालेपुरवा, हाता, साईंतकिया, कपूरपुर के ग्रामीणों ने स्टेशन के आउटर पर कैंप लगा दिया। कैंप में पानी के साथ ही भोजन तक तैयार करके बांटा गया। ट्रेन रुकते ही एक माह तक गांवों के लोगों ने यात्रियों को भोजन की व्यवस्था कराई। यहां के रहने वाले भाजपा नेता इमरान खां का कहना है कि हर किसी को इस तरह की गतिविधियों में आगे आकर प्रयास करना चाहिए। इसने समाज को एक नई सीख दी है। शंकरशरण शुक्ल, रामनाथ दूबे, सूफियान खां आदि ने कहा कि परहित से बढ़कर कुछ नहीं है। करीब एक माह तक ट्रेनों से लाए गए यात्रियों की ग्रामीणों ने मदद करके एक मिसाल कायम की है। ग्रामीणों को कई संगठनों ने सम्मानित किया।
कायम की मिसाल : ग्रामीणों के इस प्रयास को कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मौके पर पहुंचकर सराहा। उन्होंने कहा कि जब देश से संकट से जूझ रहा था तो यहां के ग्रामीणों ने उम्मीदों का एक नया संसार तैयार किया। इनसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Desktop site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy