PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt

quiz & poll - Timepass for curious minds

Vaigai வந்துருச்சு, ஆசையில் ஓடி வந்தேன்

Search News
<<prev entry    next entry>>
News Entry# 391421
भास्कर संवाददाता|कोरबा
मंगलवार को रेलवे अधिकारियों ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि हसदेव एक्सप्रेस एक माह के अंदर हफ्ते के सातों दिन चलेगी। शिवनाथ एक्सप्रेस पहले की तरह अपने स्थाई रैक के साथ चलाई जाएगी। वहीं दो सवारी गाड़ियों को भी नियमित रूप से चलाया जाएगा।
लंबे अरसे से रेलवे की मनमानी से परेशान कोरबा के लोगों ने बिना किसी राजनैतिक दल का सहारा लिए जब अपनी आवाज बुलंद की तो रेल प्रबंधन को इस हक की आवाज के सामने झुकना पड़ा। शिवनाथ और हसदेव एक्सप्रेस के संचालन में मनमानी और कोरबा
...
more...
आने जाने वाली सवारी गाड़ियों को कैंसिल करने से परेशान लोगों ने सोशल मीडिया के प्लेटफाॅर्म पर जुड़ना शुरू किया। धीरे-धीरे लोग बढ़ते गए। एक हफ्ते पहले चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की गई। आंदोलन उग्र रूप लेता इससे पहले ही रेलवे प्रबंधन ने नरम रुख अख्तियार कर लिया। और रेल सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालन करने का लिखित आश्वासन दे दिया। मंगलवार को सुबह 10.30 बजे शुरू हुए आंदोलन के तहत प्रदर्शनकारियों ने डीआरएम का पुतला दहन किया। इसी बीच बिलासपुर डिवीजन से आए सीनियर डीओएम के साथ वार्ता करने कोतवाली में समिति के प्रतिनिधि मंडल को बुलाया गया। समिति की ओर से रामकिशन अग्रवाल, प्रेम मदान, निर्मल जैन, अशोक तिवारी, अंबरीश प्रधान प्रतिनिधि के रूप में मिलने गए। कोतवाली में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के वरिष्ठ मंडल प्रचालन प्रबंधन (सीनियर डीओएम) सचिन अशोक शर्मा, एआरएम एके सिंह, एसडीओपी कटघोरा पंकज पटेल, कोतवाल दुर्गेश शर्मा, प्रशासन की ओर से कोरबा तहसीलदार सलामे की मध्यस्थता में चर्चा की गई। सीनियर डीओएम ने लिखित आदेश की कापी प्रतिनिधि मंडल को सौंपा। उसके बाद उन्होंने आंदोलन स्थल उषा काम्प्लेक्स रेलवे फाटक पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे रेल संघर्ष समिति के लोगों को आदेश की जानकारी दी। एक माह के मिले आश्वासन के बाद समिति ने दोपहर 1 बजे आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
सातों दिन चलेगी हसदेव एक्स.: शर्मा
सीनियर डीओएम सचिन अशोक शर्मा ने कहा कि रैक की कमी व मेंटेनेंस में आ रहे तकनीकी कारण से हसदेव एक्सप्रेस को सप्ताह में 2 दिन रद्द करना पड़ रहा है। एक माह बाद यह स्थिति नहीं आएगी। कोरबा के लोगों के लिए यह ट्रेन सातों दिन चलेगी। इसका लिखित आदेश रेल संघर्ष समिति को दिया गया है।
ऊषा काम्पलेक्स में डीआरएम का पुतला जलाते आंदोलनकारी।
लिखित आदेश में यह लिखा, मेमू रैक अब नहीं आएगा
सीनियर डीओएम शर्मा ने जो प्रति समिति को सौंपा हैं उसमें लिखा है कि रेल संघर्ष समिति की मांग को रेल प्रबंधन ने मंजूर कर लिया है। दो जोड़ी मेमू लोकल ट्रेन को 13 सितंबर से ही नियमित कर दी गई है, जबकि शिवनाथ एक्सप्रेस को अब पैसेंजर बनाकर पहले की तरह कोरबा भेज रहे हैं। इसके स्थान पर मेमू रैक अब नहीं आएगा। हसदेव एक्सप्रेस के नए रैक की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके लिए एक माह लगेगा। इसके बाद यह ट्रेन सातों दिन चलेगी।
सभी मांगों पर बनी सहमति : रेल संघर्ष समिति
रेल संघर्ष समिति के रामकिशन अग्रवाल, प्रेम मदान ने बताया रेल प्रबंधन ने समिति की सभी मांग मान ली है। हसदेव एक्सप्रेस को सातों दिन चलाने की घोषणा की गई है। इसके लिए प्रबंधन ने एक माह का समय मांगा है। एक माह में घोषणा पर अमल नहीं हुआ तो समिति फिर आंदोलन करेगी।
आंदोेलन सफल होने का यह रहा मूल कारण
जिले का संभ‌वत: यह पहला आंदोलन था जो बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के चलाया गया। खुला मंच था जो भी जुड़े वे अपना आंदोलन समझकर सक्रिय भागीदारी निभाए। न तो किसी जनप्रतिनिधि का चेहरा सामने किया गया न ही किसी दल को। जनता का मंच, जनता के लिए था।
कोतवाली में एसडीओपी की मध्यस्थता में समिति से चर्चा करते सीनियर डीओएम।
इसलिए जिले वासियों को करना पड़ा आंदोलन
कोरबा रेलखंड कोयले के परिवहन के कारण देश में सर्वाधिक आय देने वाला रेलखंड है। इसी की बदौलत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भी सभी 10 जोनों में सर्वाधिक आय अर्जित करने वाला जोन भी बनता है। मगर यहां से जब कभी भी यात्री सुविधाओं व ट्रेन के विस्तार की बात आती है तब रेलवे कन्नी काट जाता है। इससे तो यहां के लोग आदि हो ही गए थे, मगर पिछले तीन माह से जो ट्रेन यहां से चल रही थी उन्हें भी जोन के अलग-अलग क्षेत्र में होने वाले विस्तार व सुरक्षा आधुनिकीकरण कार्यों का हवाला देकर रोक दिया जा रहा था। जब प्रमुख राजनैतिक दल ने लोगों की यह आवाज नहीं सुनी तब कुछ अरसा पहले टीपी नगर के कुछ उत्साही युवाओं ने एक वाट्सअप ग्रुप बनाकर आवाज उठानी शुरू की। वे ट्वीटर, फेसबुक आदि के माध्यम से केन्द्रीय रेल मंत्री तक भी अपनी बात पहुंचा रहे थे। धीरे धीरे इस ग्रुप से विभिन्न सेवाभावी व सामाजिक संगठन के जागरुक लोग भी जुड़ने लगे। बैठक का सिलसिला शुरु हुआ। विगत एक लंबे अरसे से रेलवे को लेकर सतत जागरुकता लाने वाले रामकिशन अग्रवाल के कार्यालय में बैठक शुरु हुई। फिर रेल संघर्ष समिति के बैनर तले आवाज उठना तय हुआ। इसी के साथ पोस्ट कार्ड, हस्ताक्षर अभियान व समर्थन रैली निकालकर नगरवासियों को जोड़ा गया।
Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Desktop site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy