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Train 18 - तेरी प्यारी प्यारी Livery को किसी की नज़र न लगे

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News Posts by swaqarmohsin^~

Page#    Showing 1 to 5 of 56 news entries  next>>
  
नुकसान में चल रहे रेलवे ने परिवर्तन संगोष्ठी में बनाया कॉस्ट कटिंग प्लानतीन चरण में कर्मचारी कम करने की योजना, वीआरएस फार्मूला लाने की भी तैयारी 
जाेधपुर (प्रवीण धींगरा). आय कम और खर्च ज्यादा की पटरी पर दौड़ रहा रेलवे अपने सिस्टम में बड़े परिवर्तन की सोच रहा है। इसके लिए दो दिन तक मंडल स्तर के अधिकारियों से लेकर डीआरएम व महाप्रबंधक ने साथ बैठकर बात की। अधिकारियों ने रेलमंत्री से कहा है कि पूरे देश में रेलवे के करीब 50 हजार कर्मचारी नेता हैं, जिनके काम का आउटपुट जीरो है। इनमें सुपरवाइजर स्तर के लोग भी हैं, जिनके अधीन कर्मचारियों से काम लेने पर भी असर पड़ रहा है।
कर्मचारियों
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की संख्या कम करने का प्रस्ताव
रेलवे की परिवर्तन संगोष्ठी के बाद कॉस्ट कटिंग के तहत कर्मचारियों की संख्या कम करने का प्रस्ताव रखा गया है। बताया गया है कि अगले तीन साल में 10 फीसदी और बाद में चरणबद्ध तरीके से 50 फीसदी कर्मचारी सिस्टम से बाहर कर दिए जाएंगे।
यूनियन की सहूलियतों पर पुनर्विचार की जरूरत
रेलवे में सुधार के लिए हुई इस संगोष्ठी में जोनल रेल कार्यालयों, उत्पादन इकाइयों, मंडल रेल कार्यालयों आदि के अधिकारियों ने दो हजार से अधिक सुझाव दिए। इनमें से महत्वपूर्ण सुझावों का चयन किया गया। इन पर महाप्रबंधक की अध्‍यक्षता में 12 समूहों में अधिकारियों ने विचार-विमर्श कर परिवर्तन का रोडमैप बनाया। रेलवे का मानना है कि प्रत्येक मंडल में करीब 250 पदाधिकारी यूनियन के लिए काम करते हैं। इनकी संख्या कम करने के साथ यूनियन को दी जाने वाली सहूलियतों पर गंभीरता के साथ पुनर्विचार करने की जरूरत है। देश में 50 हजार कर्मचारी इन यूनियन में हैं, जो रेल संचालन का कोई काम नहीं कर रहे।
अगले तीन साल में 10 फीसदी कर्मचारी कम किए जाएंगे
रेलवे ने माना है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग, रेल संचालन सिस्टम के आधुनिकीकरण व आउट सोर्सिंग के चलते अब काम करने वाले हाथ की संख्या कम करनी होगी। इसके लिए अगले तीन साल में 10 फीसदी कर्मचारी कम करने की बात कही गई है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 30 फीसदी और कुल 50 फीसदी तक कर्मचारी कम करने पर बात हो रही है। इसके लिए कर्मचारियों को फायदे का सौदे वाली स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने के फार्मूला बनाया जा सकता है। रेलवे का मानना है कि बजट का 60 फीसदी खर्च तो स्टाफ पर ही खर्च हो रहा है।
अगर ऐसा होता ताे रेलवे का ढांचा ही ढह जातानिजीकरण करने के लिए ही कर्मचारियों की संख्या कम करने की बात रखी गई है। यूनियन के 50 हजार लोग अगर काम नहीं करते तो रेलवे का ढांचा ढह जाता। यूनियंस पर शिकंजा कसने की कोशिश सफल नहीं होने दी जाएगी। - शिवगोपाल मिश्रा, महासचिव, ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन
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1 Public Posts - Wed Dec 11, 2019

  
369 views
Dec 11 (11:18)
swaqarmohsin^~   905 blog posts   3235 correct pred (82% accurate)
Re# 4510960-2            Tags   Past Edits
aise log hi desh ko and indian railway ko aage badhne main badha bante hai

  
370 views
Dec 11 (11:18)
We are Oldest Civilisation^~   81847 blog posts   48494 correct pred (79% accurate)
Re# 4510960-3            Tags   Past Edits
Har dept me aese log h

  
368 views
Dec 11 (11:20)
swaqarmohsin^~   905 blog posts   3235 correct pred (82% accurate)
Re# 4510960-4            Tags   Past Edits
bilkul in every govt. department main kam o besh yahi haal hai, but realty thoda change hui hai kuch department main

  
365 views
Dec 11 (11:24)
We are Oldest Civilisation^~   81847 blog posts   48494 correct pred (79% accurate)
Re# 4510960-5            Tags   Past Edits
Hmmm.. jbse pressure pda h tbse sudhare h

  
369 views
Dec 11 (11:28)
swaqarmohsin^~   905 blog posts   3235 correct pred (82% accurate)
Re# 4510960-6            Tags   Past Edits
aap pressure kah sakte hai but aisa nai hai abhi kuch din pahle ek department se night 12:00 ek notice jari hoti hai aur next day morning main employee ko pata chalta hai ki VR hogya, uske baad hi thoda change hua magar phir wapas usi line par chal pade hai sab
  
नई दिल्ली. ट्रेन में यात्रियों (Train Ticket) का सफर आसान करने के लिए रेलवे (Railway) लगातार कदम उठाता रहा है. साथ ही, कई ऐसे नियमों की जानकारी भी देता है जिन्हें जानकार यात्रा करना आसान होता है. ऐसे ही एक नियम के बारे में हम आपको बता रहे हैं. आपको बता दें कि आरपीएफ को चलती ट्रेन या फिर प्‍लेटफार्म पर टिकट चेक करने का अधिकार नहीं है. यह काम केवल टीटीई ही करेगा. बेटिकट यात्रियों को जुर्माना करने की पावर सिर्फ अधिकृत टिकट चेकिंग स्‍टाफ को ही है. आमतौर पर ट्रेनों में और प्‍लेटफार्म पर रेलवे पुलिस टिकट चेक करके भोले-भाले लोगों से उगाही करती है. ट्रेनों की जनरल बोगी में यह आए दिन का खेल है. जमकर उगाही चलती है और रेलवे प्रशासन उनका कुछ नहीं कर पाता.(1) कौन कर सकता हैं टिकट चेक- आपकी यात्रा के दौरान ट्रैवल टिकट एग्जामिनर (TTE) ही आपकी टिकट जांच सकता है. रेलवे की ओर...
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से जारी नियम बताते हैं कि रात 10 बजे के बाद TTE भी आपको डिस्टर्ब नहीं कर सकता है.ये भी पढ़ें- बुलेट ट्रेन से भी तेज है ये ट्रेन, 30 मिनट में पूरा होगा सफ़र(2) टीटीई को सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही टिकटों का वेरिफिकेशन करना जरूरी है. रात में सोने के बाद किसी भी पैसेंजर को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता. यह गाइडलाइन रेलवे बोर्ड की है. हालांकि, रात को 10 बजे के बाद यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों पर यह नियम लागू नहीं होता.(3) आप कर सकते हैं शिकायत- अगर आपके पास टिकट नहीं  है या फिर उसमें कोई दिक्‍कत है तो टीटीई से ही बात करें. आरपीएफ वाला उसमें कुछ नहीं करेगा. कोई पुलिसकर्मी अगर आपका टिकट चेक करने की जिद करे या धमकाए तो उसके वरिष्ठ अधिकारी से इसकी शिकायत कर सकते हैं. इंडियन रेलवे ने करप्शन खत्म करने के लिए नंबर जारी किया हुआ है. रेलवे यूजर 155210 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. यहां आप इंडियन रेलवे से जुड़ी किसी भी सर्विस के लिए 24 घंटे शिकायत कर सकते हैं और सलाह दे सकते हैं.Loading...  रेलवे के जारी किए एसएमएस नंबर 9717630982 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.  गूगल प्ले स्टोर से इंडियन रेलवे का ऐप 'इंडियन रेलवे सीओएमएस मोबाइल ऐप' डाउनलोड करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायतकर्ता सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रेविएंस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम की वेबसाइट पर जाकर भी कंप्लेंट दर्ज करा सकते हैं. यहां शिकायत करने पर आपको कंप्लेंट नंबर मिलेगा. इस नंबर के जरिए आप अपनी शिकायत पर की गई कार्रवाई को ट्रैक कर सकते हैं. शिकायतकर्ता रेलवे के ट्विटर पेज twitter@RailMinIndia और फेसबुक पेज facebook.com/RailMinIndia पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.(4) हो सकती है सख्त कार्रवाई- रेलवे सिक्‍योरिटी से जुड़े एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने न्यजू18हिंदी को बताया है कि अगर कोई पुलिसकर्मी टिकट चेकिंग या जुर्माना वसूलते पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी. टिकट चेक करने का अधिकार रेलवे पुलिस को कभी नहीं था. इसलिए यदि कोई वर्दीवाला टिकट चेक करता है तो वह गलत है. इसे बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा.(5) रेलवे के बड़े अधिकारियों को अगर अवैध टिकट चेकिंग की जानकारी मिलती है तो वे आरोपी पर सस्‍पेंड करने तक की कार्रवाई कर देते हैं. इसलिए अपने अधिकारों को लेकर सचेत रहिए.(6) रेलवे अधिकारी ने बताया कि मजिस्‍ट्रेट छापे जैसी कार्रवाई के दौरान ही रेलवे पुलिस सिर्फ टिकट चेक करने में सहायता कर सकती है. वरना इसके लिए सिर्फ कॅमर्शियल स्‍टाफ अधिकृत है.
  
Dec 10 (12:40) Mumbai gets new AC local train with swanky coaches: See pics (www.livemint.com)
Coach Augmentations
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News Entry# 396440  Blog Entry# 4509794   
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The financial capital of India, Mumbai, has got another AC local train. The second AC local is a gift from Railways to Mumbaikars. The new AC local was brought from the Integral Coach Factory (ICF), Chennai, in August. Railway Minister Piyush Goyal tweeted about the news, "Railways Gift to Mumbaikars: In line with our unwavering resolve to enhance passenger services, Mumbai gets another AC local." The first AC local train had made its maiden run on 25 December 2017.
Some of the features of Mumbai's new AC local train includes spacious coaches, electrically operated automatic door closure and passenger information system, to name a few. "The top of the line train includes spacious coaches, electrically operated automatic door closure & passenger information
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system," Goyal tweeted.
Railways Gift to Mumbaikars: In line with our unwavering resolve to enhance passenger services, Mumbai gets another AC local. The top of the line train includes spacious coaches, electrically operated automatic door closure & passenger information system. pic.twitter.com/oFQTlO0YXj
According to reports, the train is likely to be operated on the trans-harbour line, from Vashi-Thane or Panvel-Thane initially.
In other news, Railways have permitted discounts o­n base fares of AC Chair Car of the trains having poor occupancy. Fares for the following trains will be given variable discounts for a period of 6 months from 01.04.2020 to 30.09.2020 as under:
Comparison of basic fare and proposed discounted fare:
Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT)- Mumbai Metropolitan Region (MMR)
Existing basic fare in AC Chair Car class: ₹340/-
Range of Discounted base Fare in AC Chair Car: ₹255-306/-
Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT)- NKRD
Existing basic fare in AC Chair Car class: ₹267/-
Range of Discounted base Fare in AC Chair Car: ₹201-240/-
Mumbai Metropolitan Region (MMR) - Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT)
Existing basic fare in AC Chair Car class: ₹340/-
Range of Discounted base Fare in AC Chair Car: ₹306/-
NKRD- Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT)
Existing basic fare in AC Chair Car class: ₹267/-
Range of Discounted base Fare in AC Chair Car: ₹240/-
KLBG-HYB
Existing basic fare in AC Chair Car class: ₹302/-
Range of Discounted base Fare in AC Chair Car: ₹227-257/-
Indian Railways had recently introduced Uttam coaches for local trains in Mumbai. Every Uttam coach is equipped with CCTV cameras, anti-dent partitions, electrically-operated passenger alarm system, to name a few.
  
Dec 10 (10:39) South Western Railway strike: union reveals plan to resolve dispute (www.theguardian.com)
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News Entry# 396426  Blog Entry# 4509677   
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Train operator cautious over RMT’s ‘six-point road map to a settlement’ over guards
Gwyn Topham Transport correspondent
Mon 9 Dec 2019 17.28 GMTLast modified on Mon 9 Dec 2019 17.37 GMT
Hopes for a breakthrough in the month-long strike on South Western Railway have been raised after the RMT union issued a plan to resolve the dispute.
The
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train operator welcomed the move but cautioned that there was no formal offer of talks.
The strike, due to last 27 working days across December, entered its second week on Monday, spelling more misery for passengers on Britain’s second-busiest rail network.
Hundreds of thousands of commuters on SWR have been struggling with disruption that has resulted in more than 40% of normal services being axed from the schedule. Trains that are running have been even busier than usual, with passengers held outside some stations to queue at peak times.
Passengers protest to demand Northern rail be stripped of franchise
The last direct talks in the long-running row over the role and responsibilities of guards broke down without agreement in November. The RMT said its “six-point road map to a settlement” would guarantee to retain guards in an active, safety-critical role but acknowledged that it could prolong the time a train stops at each station.
Its general secretary, Mick Cash, said: “We are literally three seconds away from a deal that would achieve both our objectives and the company’s.”
An SWR spokesperson welcomed the RMT’s move but said the company needed to understand what was new or different in the plan. He added: “We actually agree with most of the RMT’s points but on a busy metro network like ours every second counts and we cannot have unnecessary and inefficient practices that increase delays for passengers.
“The best and safest way to operate the new trains we will introduce next year is with the driver closing the doors, as the industry’s own safety body, the RSSB, has said. Only by doing this can we free up guards to offer the customer assistance the RMT describes, making our trains more accessible and providing better customer service to everyone.”
Cash said SWR’s response should open the way for detailed talks at Acas and he confirmed that the union was prepared to call off the strike. “If the company can give us an assurance that they accept the principles we have outlined that would enable us to suspend the current action.‎”
The row over guards is now focused on SWR, which normally serves about 600,000 trips each day on a network encompassing London and counties including Surrey and Hampshire. RMT strikes on West Midlands Trains were suspended last week.
  
Dec 10 (10:33) Indian Railways takes decisive step to cut electricity bill, reduce operating cost: Piyush Goyal (economictimes.indiatimes.com)
IR Affairs
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News Entry# 396425  Blog Entry# 4509674   
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NEW DELHI: With the goal of reducing cost of electricity for traction, Indian Railways has commenced flow of additional 50 MW power (Total 100 MW) from Bhartiya Rail Bijli Company Limited (BRBCL) in Bihar with effect from November 28, 2019, which is expected to lead to an annual saving of Rs 110 Crores per annum on recurring basis. An additional flow of 10 MW power from BRBCL has also been started in Rajasthan with effect from November 20, which is expected to lead to an annual saving of Rs. 11.50 crores per annum. Union Railway Minister on Monday posted on his Twitter account: "Railways takes a decisive step to cut down on electricity bill & reduce operating cost. Securing additional power flow from Bihar & Rajasthan, Railways to save Rs 121 crores on a yearly basis." Indian Railways takes about 1475 MW of power under open access as deemed licensee in...
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11 states and Damodar Valley Corporation (DVC) area. These efforts are resulting into an annual saving of over Rs. 3600 Crores per annum and since the commencement of power flow under open access with effect from November 2015 on business as usual mode, it has resulted into a total saving of over Rs. 12400 Crores. The Bhartiya Rail Bijli Company Limited (BRBCL) is a joint venture company of National Thermal Power Corporation (NTPC) and Ministry of Railways to produce electricity for traction purpose to Railways at a low cost. It has equity participation of NTPC and Railways at 74 per cent and 26 per cent respectively. Out of four units (each unit of 250 MW), power flow from three units of this plant has already been started for Indian Railways. The first unit started operation in January 2017. The main beneficiary of this plant is Railways which is getting 90 per cent of the power produced and balance 10 per cent power is given to the Bihar.
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