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Godan Express: गोदान एक्सप्रेस - प्रेमचन्द की लेखनी ने रची यह अनुपम कृति, ये जोड़े मुंबई से पूंर्वांचली संस्कृति ।। - Saurabh

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News Posts by rdb

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बरमाणा से लेह तक 476 किलोमीटर लंबी रेललाइन के लिए 62 हजार करोड़ की लागत से पुलों और टनलों का निर्माण होगा। इसमें टनलों पर 56 हजार करोड़, पुलों पर करीब 6 हजार करोड़ खर्च होंगे। उत्तर रेलवे ने बरमाणा-मनाली-लेह रेललाइन की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर दी है। 31 दिसंबर से पहले रेलवे बोर्ड को फाइनल डीपीआर सौंप दी जाएगी। इस सामरिक रेललाइन के लिए करीब 150 किलोमीटर लंबर अप्रोच रोड बनेगा। ...
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  सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से रक्षा मंत्रालय का अति महत्वपूर्ण बरमाणा-मनाली-लेह रेललाइन का सपना साकार होने के नजदीक पहुंच गया है। उत्तर रेलवे ने इस परियोजना की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर ली है। जून 2021 में पीएमओ ने इस परियोजना का रिव्यू किया था। उत्तर रेलवे को इसकी डीपीआर जल्द तैयार करने के आदेश थे। डीपीआर तैयार करने के लिए उत्तर रेलवे ने सेटेलाइट और लिडार सर्वे करवाए। वहीं, तुर्की के जियोलॉजिस्टों ने इस बात की जांच की कि जिन पहाड़ों से इस रेललाइन के लिए टनल और पुल बनने हैं, वे पक्के हैं या नहीं। हाल ही में 28 से 31 अक्तूबर तक इस रेललाइन को अंतिम रूप देने के लिए रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर संजीव मित्तल ने भी रेलवे अधिकारियों की टीम के साथ लेह का दौरा किया। उन्होंने सेना और राज्य सरकार के अधिकारियों से इस संदर्भ में बैठक भी की।  उत्तर रेलवे ने उक्त परियोजना की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर ली है। दिसंबर 2021 में इसे उत्तर रेलवे के जीएम को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद डीपीआर रेलवे बोर्ड को जाएगी। अगर डीपीआर में कोई त्रुटि नहीं हुई तो उसके बाद रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से यह प्रोजेक्ट पीएमओ को मंजूरी के लिए जाएगा। सब सही रहा तो मार्च में प्रस्तावित 2022-23 के बजट सत्र में इस परियोजना को शामिल किया जा सकता है। बरमाणा-मनाली-लेह रेललाइन के परियोजना निदेशक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि दिसंबर तक उत्तर रेलवे डीपीआर तैयार कर जीएम को सौंप देगा।  मनाली से लेह तक अति दुर्गम क्षेत्र, बढ़ेगी 30 फीसदी लागत मनाली से लेह तक अति दुर्गम स्थलों से रेललाइन बिछाई जाएगी। इसके चलते बरमाणा से मनाली तक आने वाली लागत से आगे लेह तक करीब 30 फीसदी ज्यादा खर्च निर्माण कार्य में होगा। अभी उत्तर रेलवे स्टेशन, मेकेनिकल, अप्रोच रोड, सिगनल और जमीन अधिग्रहण का आकलन तैयार कर रहा है।
The Gorakhpur-Ernakulam Express Special Train (05303) will run on October 30, November 6 and November 13.

The Indian Railways has announced that they would operate several festive special trains or add extra coaches to the already operating trains for the comfort of the commuters.

According
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to a senior Indian Railways official, the Gorakhpur-Ernakulam-Gorakhpur special train will be operated via Bhopal and Itarasi during the festive season. The train will make a total of three trips in each direction.

As per the notification issued by the Indian Railways, the Gorakhpur-Ernakulam Express Special Train (05303) will run on October 30, November 6 and November 13. It will depart from Gorakhpur station at 8.30 am, while the Ernakulam-Gorakhpur Express special train (05304) will operate on November 1, 8 and 15. This train will leave Ernakulam station at 11.55 pm.

Gorakhpur-Ernakulam-Gorakhpur Express Special train will halt at Khalilabad, Basti, Gonda, Aishbagh, Kanpur Central, Orai, Jhansi, Bhopal, Itarsi, Nagpur, Ballarshah, Warangal, Khammam, Vijayawada, Ongal, Nellore, Gudur, Perambur, Katpadi, Jolarpettai, Salem, Erode, Tiruppur. , Coimbatore, Palakkad Junction, Thrissur and Alua stations.

14-day Indo-US Joint Military Exercise 'Yudh Abhyas' Concludes in Alaska

AS-W vs MR-W Dream11 Team Prediction: Check Captain, Vice-Captain, and Probable Playing XIs for WBBL 2021 match, October 31, 7:55 AM IST

The railways is also introducing a sleeper class special train (02183/02184 Bhopal-Pratapgarh-Bhopal) between Bhopal and Pratapgarh stations and has announced to add a coach to the Habibganj-Santragachi-Habibganj Humsafar Express Special train.

According to reports, railways will be adding additional coaches with the Ahmedabad-Darbhanga Express Special (09465/09466), Dr Ambedkar Nagar-Shri Mata Vaishnav Devi Katra Express Special (02919/02920) and Surat-Muzaffarpur Express Special (09059/09060).

The Indian Railways has also announced the operation of 14 passenger trains passing through Ratlam Division with extra coaches during the festive season. According to a railway officer, one additional sleeper class coach will be installed in Bandra Terminus-Udaipur special train (02901) from October 30 to November 18 and Udaipur-Bandra Terminus (02902) from October 31 to November 19.

In the Dr Ambedkar Nagar-Nagpur (09223) train, a sleeper class coach will be added from November 2 to November 23. Similarly, the Nagpur-Dr. In Ambedkar Nagar (09224), too, will have an additional sleeper class coach from November 3 to November 24. From November 4 to November 21, Dr Ambedkar Nagar-Kamakhya (09305) and Kamakhya-Dr Ambedkar Nagar (09306) will have an additional sleeper class coach from November 7 to November 28.
लखनऊवासी अगले महीने उड़ीसा के मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) ने उड़ीसा मंदिर दर्शन पैकेज बनाया है। इस पैकेज के तहत श्रद्धालु विमान सेवा से अपना सफर कर सकेंगे। उड़ीसा मंदिर दर्शन की यात्रा पांच रात और छह दिन की होगी।



लखनऊ,
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जागरण संवाददाता। शहरवासी अगले महीने उड़ीसा के मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) ने उड़ीसा मंदिर दर्शन पैकेज बनाया है। इस पैकेज के तहत श्रद्धालु विमान सेवा से अपना सफर कर सकेंगे। यह उड़ीसा मंदिर दर्शन की यात्रा पांच रात और छह दिन की होगी। यात्रा 14 नवंबर को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से आरंभ होगी। यह यात्रा 19 नवंबर को लखनऊ आकर समाप्त होगी।





आइआरसीटीसी की इस यात्रा में भुवनेश्वर के साथ पूरी, चिलका, कोणार्क के दर्शन भी होंगे। तीन लोगों के एक साथ होटल में ठहरने पर प्रति यात्री 33250 रुपए देना होगा। जबकि दो लोगों के एक साथ होटल में ठहरने पर प्रति यात्री 36000 और एकल यात्री के होटल में ठहरने पर उनकी पैकेज की बुकिंग 39000 रुपए की होगी। लखनऊ से भुवनेश्वर की इंडिगो एयरलाइन की विमान सेवा से यात्री रवाना होंगे। जबकि इसी विमान से वह वापस आएंगे। तीन रात पुरी और एक रात भुवनेश्वर के होटल में ठहरने के साथ यात्रियो के नाश्ते और डिनर के साथ एसी वाहनों से स्थानीय भ्रमण की व्यवस्था आइआरसीटीसी करेगा। साथ ही ट्रेवल इंश्योरेंस के साथ आइआरसीटीसी एक टूर मैनेजर भी उपलब्ध कराएगा।





यहां करें बुकिंग: आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पैकेज की बुकिंग शुरू हो गई है। यात्री आइआरसीटीसी के गोमतीनगर पर्यटन भवन स्थित कार्यालय और विभाग की वेबसाइट www. irctctourism.com पर अपनी बुकिंग करवा सकते हैं। इसके आइआरसीटीसी के हेल्पलाइन लाइन नंबर 8287930911/8287930912/8287930913/8287930914 और 8287930915 पर सम्पर्क कर सकते हैं। पैकेज की बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी।





दिवाली बाद बड़ी संख्‍या में लोग बाहर की सैर करने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों ने कई ट्रैवल एजेंसियों पर भी अपनी बुकिंग कराई है। साथ ही आइआरसीटी को मेल भेजकर पूर्वोत्‍तर राज्‍यों उड़ीसा, गोवा, केरल और शिमला जाने में रुचि दिखाई है। आइआरसीटीसी ने लोगों के लिए उनकी रूचि के अनुसार पैकेज तैयार कर लिए हैं। जल्‍द ही पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के अलावा दिसंबर में गोवा और केरल के पैकेज भी लांच किए जाएंगे।
Oct 27 2021 (11:07) Gujarat plans elevated railway lines in Gir Wildlife Sanctuary (m-timesofindia-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 468618  Blog Entry# 5104285   
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AHMEDABAD: The state forest department is looking at the option to set up elevated railway lines passing through that is home to the last surviving population of Asiatic. The proposal comes after the Indian Railways submitted in the Gujarat high court recently that it has shelved plans to upgrade the existing railway tracks in the sanctuary. The proposed project is on the lines of Pench Tiger Reserve running between Madhya Pradesh and Maharashtra where an elevated stretch helps protect animals around National Highway 44, said a senior forest department official. Last counted, Gujarat has 674 lions in 2020. The project to elevate the 14-km long railway line from Sasan to Kachiya cutting through the heart of the is at a nascent stage. The state forest department has held initial level talks with the Indian Railways, the official said. Presently, the railways has been asked to work out the financial aspects of...
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the project. It will be then taken at the Gujarat government level for further discussion before taking a final call, the official added. “If building elevated tracks in Gir sanctuary proves cost effective, we may also consider elevating all existing railway lines running through periphery and eco-sensitive zones of the lion habitat that are in need of upgradation,” said another senior forest department official. At the 19th Gujarat State Board for Wild Life meeting held on September 29, 2020, a proposal was submitted by Rail Vikas Nigam Ltd for upgrading the current meter gauge line to broad gauge with electrification. Gir Sanctuary has been declared as an eco-sensitive zone, and there is restriction on such construction activity within a radius of 10 kilometers from the sanctuary. The Railways authority and state government filed affidavits in response to the Gujarat high court’s query about a report submitted by amicus curiae Hemang Shah, taking exception to the track upgrade and laying of oil and gas pipelines through Gir sanctuary and its eco-sensitive zone. The lawyer presented his report and demanded cancellation of development projects in the protected areas in proceedings of a PIL, which the high court had filed suo motu for conservation of Asiatic lions. The state government has submitted before the court that it has returned the Railways’ proposal to the deputy conservator of forests and has not forwarded it to National Board for Wild Life (NBWL) for final approval.

Rail News
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Oct 27 2021 (12:30)
riz339
riz339~   4587 blog posts
Re# 5104285-1            Tags   Past Edits
Very good decision

Rail News
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Oct 27 2021 (13:52)
a2z
A2Z~   17460 blog posts
Re# 5104285-2            Tags   Past Edits
This should be a norm as other new line, guage conversion, doubling railway projects are also being not cleared for the same reason.

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Oct 27 2021 (13:53)
a2z
A2Z~   17460 blog posts
Re# 5104285-3            Tags   Past Edits
Doing GC as usual i.e. Ground level vs elevated lines.
Advantage of the later option are:
1) no severe speed restriction like 20/30 kmph. Faster train operation possible.
2) No tension for Locopilot to blow horn and keep extra vigilant eye while crossing the section
3)
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Lesser journey time/ faster average speed of section.
4) Much higher sectional capacity i.e. can run more trains on the route
5) Opportunity for IR to straighten the curves and improve track geometry in the section thereby removal of any permanent speed restriction and making section fit for Semi High Speed train operation in future.
Going by above, even a higher investment for elevated tracks seems to be justified

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Oct 27 2021 (19:07)
riz339
riz339~   4587 blog posts
Re# 5104285-4            Tags   Past Edits
The melghat tiger reserve problem can be solve by this for mahow khandwa akola #gc project
Oct 27 2021 (11:02) PSUs to compete with private firms in open market for rail contracts following Railway Board's new order (m-economictimes-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 468617  Blog Entry# 5104281   
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Synopsis

The Railway Board has issued an order that will now make public sector companies, including those under the national transporter, compete with the private sector in the open market for rail
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