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Wed Aug 23, 2017 11:56:28 IST
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MOZ/Muzaffarnagar (3 PFs)
مظفرنگر     मुजफ्फरनगर

Track: Construction - Electric-Line Doubling

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 65
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Station Rd, Civil Lines North, MuzaffarNagar
State: Uttar Pradesh
Elevation: 247 m above sea level
Zone: NR/Northern
Division: Delhi
 
 
MOZ/Muzaffarnagar is in Recent News
Nearby Stations in the News

Rating: 4.1/5 (48 votes)
cleanliness - good (6)
porters/escalators - good (6)
food - good (6)
transportation - good (6)
lodging - good (6)
railfanning - excellent (6)
sightseeing - good (6)
safety - excellent (6)

Nearby Stations

BMHR/Bamanheri 5 km     JDW/Jarauda Nara 5 km     RNA/Rohana Kalan 12 km     MSP/Mansurpur 13 km     KAT/Khatauli 23 km     DBD/Deoband 24 km     SKF/Sakhoti Tanda 32 km     THJ/Talheri Buzurg 34 km    

Station News

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Today (06:36)  87 किमी ट्रैक, 233 गैंगमैन, फिर भी हादसा (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 312836     
   Tags   Past Edits
Aug 23 2017 (06:36)
Station Tag: Muzaffarnagar/MOZ added by माएरी याद वो याद वो आएरी री😊^~/1421836

Posted by: माएरी याद वो याद वो आएरी री😊^~  1817 news posts
 
 
जासं, मुजफ्फरनगर : कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे की जांच में लापरवाही की परत दर परत खुल रही है। 87 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक पर यदि गैंगमैन लापरवाही न बरतते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। मुजफ्फरनगर जिले में रेलवे का सेक्शन सकौती पुल से शुरू होकर सहारनपुर जिले के टपरी तक पड़ता है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि 87 किलोमीटर के इस सेक्शन पर कुल 296 गैंगमैन तैनात हैं, जिसमें से वर्तमान में 233 गैंगमैन रेलवे ट्रैक पर मरम्मत के लिए पहुंचते हैं। बताया जा रहा है कि 63 गैंगमैनों के रिटायर या ट्रांसफर होने के बाद उनके पद खाली पड़े हैं। इस समय जितने गैंगमैन रेलवे ट्रैक पर कार्यरत हैं, उनमें से एक के हिस्से में पौने तीन किलोमीटर का रेलवे ट्रैक आता है। गैंगमैनों की लंबी-चौड़ी फौज होने के बावजूद ट्रैक की मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई। यदि गैंगमैन ही मेरठ या मुजफ्फरनगर में ट्रैक से पटरी...
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कटी होने की सूचना दे देते तो यह बड़ा हादसा होने से बच सकता था।जासं, मुजफ्फरनगर : कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे की जांच में लापरवाही की परत दर परत खुल रही है। 87 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक पर यदि गैंगमैन लापरवाही न बरतते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। मुजफ्फरनगर जिले में रेलवे का सेक्शन सकौती पुल से शुरू होकर सहारनपुर जिले के टपरी तक पड़ता है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि 87 किलोमीटर के इस सेक्शन पर कुल 296 गैंगमैन तैनात हैं, जिसमें से वर्तमान में 233 गैंगमैन रेलवे ट्रैक पर मरम्मत के लिए पहुंचते हैं। बताया जा रहा है कि 63 गैंगमैनों के रिटायर या ट्रांसफर होने के बाद उनके पद खाली पड़े हैं। इस समय जितने गैंगमैन रेलवे ट्रैक पर कार्यरत हैं, उनमें से एक के हिस्से में पौने तीन किलोमीटर का रेलवे ट्रैक आता है। गैंगमैनों की लंबी-चौड़ी फौज होने के बावजूद ट्रैक की मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई। यदि गैंगमैन ही मेरठ या मुजफ्फरनगर में ट्रैक से पटरी कटी होने की सूचना दे देते तो यह बड़ा हादसा होने से बच सकता था।
सुरेश प्रभु से मांगा इस्तीफा
कई के पास बीए व एमबीए जैसी डिग्रियां हैं, ज्यादातर समय छुट्टी पर रहते हैं या फिर मूल काम को छोड़कर दूसरे विभाग से अटैच हो गए हैं
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : मैन पॉवर की भारी कमी से जूझ रही रेलवे इन दिनों एक अजीबोगरीब उलझन में फंसी है। उसकी यह उलझन ट्रेनों के संचालन से जुड़े ट्रैक मैन, गैंग मैन जैसे पदों पर ऐसे कर्मचारियों का आ जाना है, जो इस काम के लिए मुफीद ही नहीं हैं। इनमें से ज्यादातर के पास बीए और एमबीए
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जैसी डिग्रियां हैं, जो किसी न किसी बहाने इन कामों से भाग रहे हैं। वह ज्यादातर समय छुट्टी पर रहते हैं या फिर मूल काम को छोड़कर किसी दूसरे विभाग से अटैच हो गए हैं। इसका असर यह है कि रेलवे का ट्रैक मेंटीनेंस जैसा काम प्रभावित हो रहा है। 1एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन सालों के दौरान रेलवे में ग्रुप सी और डी के पदों पर 50 हजार से ज्यादा भर्तियां हुईं। लेकिन, इनमें करीब 60 फीसद पदों पर इसकी जरूरत से ज्यादा पढ़े-लिखे लोग आ गए हैं। यह स्थिति तब है, जब रेलवे ने इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता मात्र हाईस्कूल पास की रखी थी। लेकिन बेरोजगारी के चलते अधिकतर ऐसे लोग आ गए हैं, जिनकी शैक्षणिक योग्यता बारहवीं से ज्यादा ही है। 1खास बात यह है कि जब इन पदों पर भर्ती हो रही थी, तो रेलवे यूनियनों ने इसका विरोध किया था। साथ ही बोर्ड को सलाह दी थी कि इन पदों के लिए अधिकतम शैक्षणिक योग्यता भी तय की जाए। इसके लिए यूनियनों ने मंत्रलय में चपरासी के पदों पर भर्ती का हवाला भी दिया, जिसमें अधिकतम शैक्षणिक योग्यता तय की गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो जब इन पदों के लिए आवेदन लिए जा रहे थे, तभी अलग-अलग रेलवे जोनों से बोर्ड को रिपोर्ट दी गई थी, क्योंकि बीए, बीई, एमए, एमएससी, एमबीए पास लोगों ने आवेदन किए थे। तब रेलवे बोर्ड ने नियमों का हवाला देकर ऐसे लोगों को किसी भी तरह से भर्ती से रोकने में असमर्थता जता दी थी। 1ढाई लाख से ज्यादा पद खाली1रेलवे मे मौजूदा समय में करीब ढाई लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। इनमें अकेले सुरक्षा से जुड़े 1.22 लाख पद हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से करीब एक लाख पदों को सालभर में भरने की तैयारी चल रही है। इनमें से 65 हजार पदों की भर्ती का जिम्मा आरआरसी को और 35 हजार पदों का जिम्मा आरआरबी को दिया गया है। हालांकि रेलवे के अंदर करीब 46 हजार कर्मचारी इस साल सेवानिवृत्त भी जाएंगे। ऐसे में खाली पदों को लेकर बड़ा गैप फिर भी बना रहेगा। 1जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : ॉउत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में रेलवे की लापरवाही सामने आने के बाद कांग्रेस ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि बीते तीन साल में राजग सरकार ने रेल किराए में 70 फीसद से ज्यादा वृद्धि कर यात्रियों पर बोझ डाला है। मगर सफर के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। इसीलिए नैतिकता का तकाजा है कि रेल मंत्री जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।1रेल मंत्री के इस्तीफे के साथ ही कांग्रेस ने दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 25 लाख रुपये और घायलों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की भी सरकार से मांग की है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा बड़े तामझाम से रेलवे का कायाकल्प करने के लिए सुरेश प्रभु को सरकार में लेकर आई थी। तब रेलवे का कायाकल्प करने से लेकर बुलेट ट्रेन चलाने के सपने दिखाए गए। 1मगर बीते तीन साल में 27 बड़ी रेल दुर्घटनाएं सरकार के इन दावों की पोल खोल रही हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बीते महीनों में अकेले उत्तर प्रदेश में छह बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें अधिकतर में रेलवे की लापरवाही सामने आई है। इससे साफ है कि रेलवे का कायाकल्प करने का सरकार का वादा हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख देने के हवाई वादे जैसा ही साबित हुआ है।
‘गाड़ियों का ग्रुप है, कैसे मिल जाएगा ब्लॉक’
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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर : कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के हादसाग्रस्त होने से बाधित हुआ ट्रैक रविवार रात को चालू कर दिया गया। मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन चलाकर ट्रायल किया गया। इसके बाद सोमवार सुबह को ट्रैक पर यातायात संचालन पूरी तरह सामान्य होकर बहाल हो गया। इस दौरान यहां से दर्जनों गाड़ियां गुजरीं। हादसास्थल पर गाड़ियों को बेहद कम गति से गुजारा गया। शाम को उत्कल भी इसी ट्रैक से गुजरी। 1रविवार रात में ही हटा दिया गया था मलबा1पुरी से हरिद्वार
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जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम 5.45 बजे खतौली रेलवे स्टेशन से करीब सात सौ मीटर दूर हादसाग्रस्त हो गई थी। तेरह डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में तीस लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। इसके बाद से यह ट्रैक पूरी तरह बंद था। एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने रविवार की रात में ट्रैक से पूरी तरह मलबा हटा दिया और नया ट्रैक बिछाकर चालू कर दिया गया। रविवार आधी रात के बाद पहले मालगाड़ी चलाकर ट्रायल लिया और फिर पैसेंजर का ट्रायल हुआ। बाद में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को भी निकाला गया। सोमवार सुबह से ट्रेनों का संचालन सुचारूहो गया। सुबह शालीमार एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, सहारनपुर पैसेंजर, अहमदाबाद एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ियां इसी ट्रैक से गुजरीं। शाम को उत्कल एक्सप्रेस भी इसी ट्रैक से गुजरी। सोमवार को इस ट्रैक से पैसेंजर समेत 21 गाड़ियां गुजरीं। 1कमिश्नर रेलवे ने माना, हादसे के पीछे मानवीय चूक 1सोमवार दोपहर बाद रेलवे कमिश्नर (सुरक्षा) शैलेष कुमार पाठक ने हादसास्थल का दौरा किया। पत्रकारों को बताया कि हादसे के पीछे बड़ी मानवीय चूक है। पीडब्ल्यूआइ (परमानेंट वे इंस्पेक्टर) की लापरवाही है। उन्हें ब्लॉक लेना चाहिए था। ब्लॉक नहीं मिला था तो अन्य एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए थे। पटाखे व बूमर लगाने चाहिए थे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव किया और हंगामा काटा। कमिश्नर ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर : कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के हादसाग्रस्त होने से बाधित हुआ ट्रैक रविवार रात को चालू कर दिया गया। मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन चलाकर ट्रायल किया गया। इसके बाद सोमवार सुबह को ट्रैक पर यातायात संचालन पूरी तरह सामान्य होकर बहाल हो गया। इस दौरान यहां से दर्जनों गाड़ियां गुजरीं। हादसास्थल पर गाड़ियों को बेहद कम गति से गुजारा गया। शाम को उत्कल भी इसी ट्रैक से गुजरी। 1रविवार रात में ही हटा दिया गया था मलबा1पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम 5.45 बजे खतौली रेलवे स्टेशन से करीब सात सौ मीटर दूर हादसाग्रस्त हो गई थी। तेरह डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में तीस लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। इसके बाद से यह ट्रैक पूरी तरह बंद था। एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने रविवार की रात में ट्रैक से पूरी तरह मलबा हटा दिया और नया ट्रैक बिछाकर चालू कर दिया गया। रविवार आधी रात के बाद पहले मालगाड़ी चलाकर ट्रायल लिया और फिर पैसेंजर का ट्रायल हुआ। बाद में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को भी निकाला गया। सोमवार सुबह से ट्रेनों का संचालन सुचारूहो गया। सुबह शालीमार एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, सहारनपुर पैसेंजर, अहमदाबाद एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ियां इसी ट्रैक से गुजरीं। शाम को उत्कल एक्सप्रेस भी इसी ट्रैक से गुजरी। सोमवार को इस ट्रैक से पैसेंजर समेत 21 गाड़ियां गुजरीं। 1कमिश्नर रेलवे ने माना, हादसे के पीछे मानवीय चूक 1सोमवार दोपहर बाद रेलवे कमिश्नर (सुरक्षा) शैलेष कुमार पाठक ने हादसास्थल का दौरा किया। पत्रकारों को बताया कि हादसे के पीछे बड़ी मानवीय चूक है। पीडब्ल्यूआइ (परमानेंट वे इंस्पेक्टर) की लापरवाही है। उन्हें ब्लॉक लेना चाहिए था। ब्लॉक नहीं मिला था तो अन्य एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए थे। पटाखे व बूमर लगाने चाहिए थे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव किया और हंगामा काटा। कमिश्नर ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर : कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के घायलों को मुआवजे के लिए इंतजार करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग से जारी सूची में घायलों के नाम व वल्दियत में अंतर है। प्रशासनिक अधिकारियों के पास आई घायलों की सूची में जांच के दौरान यह बात पकड़ में आई। हालांकि रेलवे विभाग ने सोमवार को घायलों को मुआवजा राशि दे दी। 1शनिवार शाम खतौली रेलवे स्टेशन के पास कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के हादसाग्रस्त होने के बाद प्रदेश सरकार ने गंभीर घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। घटना के दो दिन बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन को 203 घायलों को सूची दी, जिसमें गड़बड़ी भी है। प्रशासन घायलों की सूची की दोबारा जांच करा रहा है। घायलों की सूची में दिए गए नंबरों से सत्यापन की कोशिश की जा रही है। देर शाम तक इसमें अंतिम मुहर नहीं लग पाई थी। कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो कि घायलों की सूची को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। 1भर्ती के दौरान हुई गड़बड़ी1 ट्रेन हादसे के बाद मची चीख पुकार के दौरान किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। घायलों की चीख व भीड़ के आगे चिकित्सक भी सहमे थे। अस्पतालों में भर्ती के बाद रेफर होने वाले घायलों के नाम में ज्यादा त्रुटि है। 1घायलों को दी मुआवजा धनराशि1घायल हुए यात्रियों को जिला अस्पताल में रेलवे विभाग द्वारा मुआवजे की धनराशि वितरित की गई। मुआवजा राशि रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में डीआरयूसीसी सदस्य विजय शुक्ला ने पीड़ितों को दी। कोई 64 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। केंद्र सरकार की ओर से रेलवे ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 50-50 तथा मामूली घायलों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा राशि देने की घोषणा की थी। सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे रेलवे अधिकारी अधेश कुमार ने मुआवजे के हकदार सभी घायलों का सत्यापन किया। इस दौरान मामूली रूप से घायल जिला अस्पताल में भर्ती 11 रेल यात्रियों को 25-25 हजार रुपये की धनराशि मुआवजे के तौर पर दी गई। विजय शुक्ला ने बताया कि घर तक जाने का इंतजाम व खाने की व्यवस्था रेलवे की ओर से की गई है।मुआवजा दिलाने के लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। घायलों की सूची में नाम गड़बड़ हैं। मिलान कराने के तुरंत बाद मुआवजा दे दिया जाएगा। 1 सुनील सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।1ट्रैक पूरी तरह सामान्य हो गया है। हादसास्थल पर गाड़ियों की गति बेहद कम है। कुछ समय में यह भी सामान्य हो जाएगी। सुरक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाए जा रहे हैं। 1- राजेंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षकदीपक भारद्वाज, मेरठ1सजगता, गोपनीयता और सुरक्षा के मामले में रेलवे विभाग अव्वल माना जाता है, लेकिन ये जुमला अब गुजरे जमाने की बात हो गया है। खतौली में हुए भीषण रेल हादसे ने सजगता की पोल खोलकर रख दी है, जबकि रेलकर्मियों के वार्ता की वायरल ऑडियो क्लिप ने सुरक्षा व गोपनीयता को भी सरेआम कर दिया। रविवार को वायरल हुई क्लिप का शोर थमा नहीं था कि सोमवार को ड्यूटी के दौरान कंट्रोल रूम में कर्मियों के बीच बातचीत की क्लिप ने हलचल मचा दी। प्रस्तुत है बातचीत का ब्योरा : 1बीप की आवाज आती है..1पहला कर्मचारी - टपरी, टपरी1दूसरा कर्मचारी - टपरी1पहला कर्मचारी -दिल्ली-अंबाला एक्सप्रेस का 17-7 हो जाएगा थ्रू और नौचंदी हो जाएगा 17-2-101पहला कर्मचारी - लोड हमारा 45 और एक का है। छह हजार किलोमीटर वेलीडिटी है।1फिर बीप की आवाज आती है..1पहला कर्मचारी - खतौली1दूसरा कर्मचारी - हां जी पावर1परतापुर, अभी नहीं चली है जी उत्कल उठा दूं पावर1पहला कर्मचारी - परतापुर1दूसरा कर्मचारी - हां जी 17-7, 120551पहला कर्मचारी - खतौली 1दूसरा कर्मचारी -खतौली, अच्छा साहब ये पीडब्लूआइ बीस मिनट का ब्लॉक मांग रहे हैं। ये पता नहीं क्या कह रहे हैं। ग्लू ज्वाइंट बंद करने के लिए कह रहे हैं। लूप और मेन लाइन बंद हो जाएगी गाड़ियों का � f8wxzqmulmtl7w
Yesterday (10:54)  अब बाल-बाल बची जनशताब्दी (epaper.jagran.com)
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Major Accidents/DisruptionsNR/Northern  -  

News Entry# 312741     
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Aug 22 2017 (10:54)
Station Tag: Khatauli/KAT added by माएरी याद वो याद वो आएरी री😊^~/1421836

Aug 22 2017 (10:54)
Station Tag: Muzaffarnagar/MOZ added by माएरी याद वो याद वो आएरी री😊^~/1421836

Aug 22 2017 (10:54)
Train Tag: New Delhi - Dehradun Jan Shatabdi Express/12055 added by माएरी याद वो याद वो आएरी री😊^~/1421836

Posted by: माएरी याद वो याद वो आएरी री😊^~  1817 news posts
 
 
जासं, मुजफ्फरनगर : सोमवार को रेलवे विभाग ने ट्रैक दुरुस्त होने तथा यातायात सुचारु होने का दावा किया था, लेकिन रेलवे के अफसरों के दावों की पोल कुछ ही घंटों में खुल गई। शाम को जब इसी ट्रैक से जनशताब्दी गुजर रही थी तो वहां घूम रहे लोगों की निगाह ट्रैक पर पड़ी। उन्होंने देखा कि ट्रैक में कई जगह पेंड्रोल क्लिप ही नहीं हैं। एक जगह टूटे हुए रेलवे ट्रैक को जोड़ने के लिए पत्ती तो लगाई गई थी, लेकिन उसमें पर्याप्त बोल्ट नहीं थे। इंजीनियर मौके पर पहुंचे और बोल्ट लगवाए। इंजीनियर एके सिंह का कहना है कि अभी ट्रैक का ट्रायल किया जा रहा है। सभी कमियां दुरुस्त कर दी जाएंगी।जासं, मुजफ्फरनगर : सोमवार को रेलवे विभाग ने ट्रैक दुरुस्त होने तथा यातायात सुचारु होने का दावा किया था, लेकिन रेलवे के अफसरों के दावों की पोल कुछ ही घंटों में खुल गई। शाम को जब इसी ट्रैक...
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से जनशताब्दी गुजर रही थी तो वहां घूम रहे लोगों की निगाह ट्रैक पर पड़ी। उन्होंने देखा कि ट्रैक में कई जगह पेंड्रोल क्लिप ही नहीं हैं। एक जगह टूटे हुए रेलवे ट्रैक को जोड़ने के लिए पत्ती तो लगाई गई थी, लेकिन उसमें पर्याप्त बोल्ट नहीं थे। इंजीनियर मौके पर पहुंचे और बोल्ट लगवाए। इंजीनियर एके सिंह का कहना है कि अभी ट्रैक का ट्रायल किया जा रहा है। सभी कमियां दुरुस्त कर दी जाएंगी।
Yesterday (09:01)  जागा रेल महकमा, कसे जाने लगे पटरियों के नट-बोल्ट (www.amarujala.com)
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Other News

News Entry# 312711     
   Tags   Past Edits
Aug 22 2017 (09:01)
Station Tag: Pratapgarh Junction/PBH added by The Phenomenal One~/1469143

Aug 22 2017 (09:01)
Station Tag: Muzaffarnagar/MOZ added by The Phenomenal One~/1469143

Posted by: The Phenomenal One~  913 news posts
 
 
मुजफ्फरनगर में हुए रेल हादसे में 23 लोगों की मौत के बाद भी प्रतापगढ़ में रेल ट्रैक को लेकर बरती जा रही लापरवाही से संबंधित खबर ‘अमर उजाला’ में छपने के बाद आखिरकार रेल महकमे की नींद खुली। सोमवार को पटरियों की मरम्मत का काम शुरू हो गया। स्लीपर दुरुस्त किए जाने लगे। दिनभर नट-बोल्ट कसे जाते रहे।
कानपुर के बाद मुजफ्फरनगर खतौली के निकट टूटे ट्रैक पर उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें 23 लोगों की मौत हो गई। प्रतापगढ़ में भी रेल महकमा जर्जर पटरियों को लेकर लापरवाह बना था। स्टेशन के उत्तरी और दक्षिण छोर पर दो-दो किमी तक पटरियों को आपस में जोड़ने वाली नट-बोल्ट, पिनडाल्फ क्लिप तक गायब हो गए हैं। सुर्खी साइडिंग की डायमंड क्रासिंगों पर
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भी खतरा मंडराता दिख रहा है। यहां पर अक्सर प्वाइंट फंस जाता है। रेलवे के कर्मचारी लाठी और रॉड से ठोक पीटकर ठीक करते हैं। प्लेटफार्म बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं टंग लाइनों की हालत भी खराब हो गई है। सिग्नल के समय अक्सर दोनों पटरियों के बीच गैप रहता है। प्लेटफार्म के बगल रेलवे पटरियां मिट्टी से ढक गई हैं। पटरियों में लगाई गई चाभी भी नहीं दिखाई पड़ती है। ‘अमर उजाला’ ने सोमवार के अंक में इससे संबंधित खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की। तब जाकर रेलवे के अफसरों की नींद टूटी। सोमवार को ट्रैक की खामियां दूर की जाने लगीं।
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