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Wed Jan 24, 2018 14:54:56 IST
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OBR/Obra Dam (2 PFs)
اوبرا ڈیم     ओबरा डैम

Track: Construction - Doubling+Electrification

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 2
Number of Halting Trains: 18
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Power House Road, Obra
State: Uttar Pradesh
add/change address
Elevation: 209 m above sea level
Zone: ECR/East Central
Division: Dhanbad
 
 
No Recent News for OBR/Obra Dam
Nearby Stations in the News

Rating: 3.0/5 (8 votes)
cleanliness - average (1)
porters/escalators - average (1)
food - average (1)
transportation - average (1)
lodging - average (1)
railfanning - excellent (1)
sightseeing - good (1)
safety - average (1)

Nearby Stations

SLBN/Salai Banwa 6 km     BXLL/Billi Junction 6 km     PPKD/Phaphrakund 6 km     CPU/Chopan 12 km     MWF/Magardaha 13 km     KDRD/Khuldil Road 18 km     PPNI/Paras Pani 18 km     GMX/Gurmura 20 km     AGY/Agori Khas 23 km     JGF/Jogidih 26 km    

Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 49 News Items  next>>
Jan 04 2018 (12:54)  बीना-औड़ी मार्ग की पटरियां हुईं गायब, दुर्घटना की आशंका (epaper.jagran.com)
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Commentary/Human InterestECR/East Central  -  

News Entry# 326116     
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Jan 04 2018 (12:54)
Station Tag: Obra Dam/OBR added by NZM SRC Weekly SF Is My Dream Train😍😊^~/1421836
Stations:  Obra Dam/OBR  
 
 
प्रदूषण से राहत पहुंचाने का दावा महज दिखावा, कोयला मिश्रित उड़ रही धूल से लोग आक्रोशित
अनदेखी
रेलवे ने बिगाड़ दी संपर्क मार्ग की सूरत
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जागरण संवाददाता, बीना (सोनभद्र) :
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प्रदूषण से कराह रहे ऊर्जाचलवासियों को राहत मिलने की कवायद कहीं से सफल होती नहीं दिख रही है। परियोजना प्रबंधन व शासन प्रशासन द्वारा सही ढंग से दायित्व का निर्वहन न किए जाने से सड़क की पटरियों पर धूल की मोटी परत फैली हुई है। बीना-औड़ी के बीच कोल डस्ट के गुबार से पूरा क्षेत्र परेशान है। सड़क की दोनों पटरियों पर एकत्रित कोयले की गर्द लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। ऐसे में जहरीले वातावरण में जीने को क्षेत्रवासी विवश हैं। कड़े निर्देशों के बावजूद सड़क मार्ग से कोयले का परिवहन किया जा रहा है। 1सड़क पर वाहनों के तीव्र गति से चलने के कारण चारों तरफ धूल का गुबार छा जा रहा है। सड़क पर वाहनों से बचने के प्रयास में दो पहिया वाहन या पैदल राहगीर सड़क की पटरियों पर उतरता है तो पटरियों पर जमे कोल डस्ट की मोटी चादर में फंस जाता है। लोगों के समझ में नहीं आ रहा है कि प्रदूषण से कैसे राहत पाया जाए। परियोजना प्रबंधन व शासन द्वारा किए जा रहे प्रयास महज दिखावा बनकर रह गए हैं। पूर्व में शासन प्रशासन, कोल व तापीय परियोजना प्रबंधन, ट्रांसपोर्टर आदि के साथ कई दौर में हो चुकी बैठकों में सड़क की पटरियों पर एकत्रित कोल डस्ट को हटाने की सहमति बनी थी मगर आज तक सड़क की पटरियों से धूल को हटाया नहीं गया।1केबिल कटने से कालोनी में छाया रहा अंधेरा : शक्तिनगर (सोनभद्र) : एनसीएल खड़िया परियोजना के चैतन्य वाटिका के समीपस्थ डी-टाइप आवास का 10 मीटर विद्युत केबिल अज्ञात चोरों ने काट लिए जाने से आवासों में अंधेरा छाया रहा। मंगलवार की रात कबाड़चोरों द्वारा डी टाइप आवास में लगी विद्युत केबिल को काट लिया गया जिससे कई आवासों में रात भर अंधेरा छाया रहा। बिजली न रहने से अधिकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परियोजना के विद्युत कर्मियों द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए बुधवार की अपराह्न् सबस्टेशन से केबल जोड़कर विद्युत सेवा बहाल की गई। आए दिन कबाड़ चोरों के दुस्साहस से कालोनी वासी दहशत में हैं। परियोजना कर्मियों ने सुरक्षा को लेकर प्रबंधन व प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराया है।बीना-औड़ी मोड़ मार्ग की पटरी पर जमी धूल ’ जागरणगुरमा (सोनभद्र) : चोपन थाना क्षेत्र के जिला कारागार मार्ग पर चलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह गड्ढों में तब्दील पटरी विहीन सड़क पर चलना दुर्घटना को दावत देना है। 1 इस मार्ग पर रेलवे द्वारा अंडर ग्राउंड पुलिया का निर्माण कराया जा रहा था जो लंबे समय से अधूरा ही छोड़ दिया गया है। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण स्थिति दिन ब दिन और भी खराब होती जा रही है। मार्ग की मरम्मत न होने से अब तक दर्जन भर से अधिक छोटे वाहनों के साथ साइकिल सवार गिरकर यहां पर घायल हो चुके हैं। सड़क की मरम्मत के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार मांग भी की लेकिन इस ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर व्यवस्था में जल्दी सुधार नहीं किया गया तो हम लोग व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।पटरी विहीन गुरमा जिला कारागार मार्ग ’ जागरण
Jan 03 2018 (19:22)  इंजन फेल होने 70 मिनट खड़ी रही शक्तिपुंज एक्सप्रेस (m.livehindustan.com)
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Major Accidents/DisruptionsECR/East Central  -  

News Entry# 326051     
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Jan 03 2018 (20:31)
Station Tag: Obra Dam/OBR added by Miss You Dad*^~/567740
Stations:  Obra Dam/OBR   Billi Junction/BXLL  
 
 
हावड़ा से चलकर जबलपुर को जानेवाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस का बुधवार की सुबह 7.10 पर बिल्ली जंक्शन के पास ओबरा डाला मार्ग पर स्थित रेलवे क्रासिंग पर इंजन फेल हो गया। जिसके कारन ट्रेन लगभग 1 घंटा 10 मिनट तक खड़ी रही। इस दौरान रेलवे फाटक बंद होने की वजह से ओबरा डाला संपर्क मार्ग पर जाम लगा रहा।
इस बीच कृष्ण शिला से चलकर प्रयाग राज जाने वाली एक मालगाड़ी के बिल्ली जंक्शन स्टेशन पर आने के बाद उसका इंजन काटकर शक्तिपुंज एक्सप्रेस में लगाकर सुबह 8.20 पर शक्तिपुंज की आगे रवाना किया गया।
Jan 01 2018 (11:04)  जर्जर आवासों में रहने को मजबूर हैं रेलकर्मी (epaper.jagran.com)
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IR AffairsECR/East Central  -  

News Entry# 325844     
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Jan 01 2018 (11:04)
Station Tag: Obra Dam/OBR added by Happy New Year 2018😊^~/1421836
Stations:  Obra Dam/OBR  
 
 
फजीहत
रेलवे कर्मचारियों की दिक्कतें बढ़ीं, ओबरा में नई रेलवे कालोनी बनाने की कर्मचारियों ने उठाई मांग
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जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : चोपन-सिंगरौली रेलखंड के बढ़ते महत्व के बीच कर्मचारियों के आवास को लेकर उत्पन्न हो रही समस्या को लेकर नई रेल कालोनी की आवश्यकता जताई जा रही है।रेलवे के तमाम संगठनों ने ओबरा में नई रेलवे कालोनी बनाये
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जाने की मांग की है। अभी तक ज्यादातर कर्मचारी परियोजना कालोनी के सेक्टर दस में रहते हैं। परियोजना प्रशासन द्वारा अपेक्षित तौर पर कालोनी का अनुरक्षण और साफ-सफाई नही कराने के कारण रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 1रेलखंड के चल रहे आधुनिकीकरण के कारण आने वाले दिनों में यहां कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि संभव है। साथ ही ओबरा में मौजूद कैरेज एंड वैगेन विभाग और यार्ड में भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में ओबरा में नई रेलवे कालोनी की भारी आवश्यकता जताई जा रही है। यही नहीं वर्तमान में भारी संख्या में रेल कर्मचारी चोपन सहित अन्य स्थानों से ओबरा आते हैं। इसके अलावा जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को भी रिहायश की दिक्कतें सामने आ रही हैं।1कई संगठनों ने की नई कालोनी की मांग : ओबरा में नयी कालोनी के लिए रेलवे के कई कर्मचारी संगठन पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबन्धक को पत्र दे चुके हैं। पूर्व मध्य रेलवे मजदूर यूनियन, पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन एवं आल इण्डिया ओबीसी रेल कर्मचारी एसोसियेशन ने पूर्व मध्य रेल जोन के महाप्रबंधक को दिए पत्र में ओबरा में नई कालोनी बनाने के साथ कई अन्य मांगे की है। पूर्व मध्य रेलवे मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष आरके लाल,पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन के शाखाध्यक्ष सत्यनारायण वर्मा एवं आल इण्डिया ओबीसी रेल कर्मचारी एसोसियेशन के शाखा सचिव सुरेन्द्र कुमार सुमन ने महाप्रबंधक से नयी कालोनी सहित कई मांगों पर गंभीरता से कार्यवाही की मांग की है।1कई मांगें और भी 1संगठनों ने बताया कि ओबरा डैम के ए केबिन से रेल पम्प हाउस की रोड पूर्णतया जर्जर तथा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है,जिसके कारण कर्मचारियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क का तत्काल निर्माण किया जाना चाहिये। ओबरा सहित चोपन, रेनुकूट, सिंगरौली, कृष्णशिला आदि स्टेशनों पर एटीएम और सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाना चाहिए। संगठनों ने चोपन में स्थित हेल्थ यूनिट को पूर्णरूपेण अस्पताल का दर्जा दिए जाने की जोरदार वकालत की है।ओबरा के सेक्टर दस में जजर्र भवन ’ जागरण’>>रेलखंड के आधुनिकीकरण के चलते कर्मचारियों की बढ़ेगी संख्या1’>>आवासों की दिक्कतों से जूझ रहे जीआरपी व आरपीएफ के लोग
Dec 27 2017 (16:07)  विद्युतीकरण के साथ ट्रैक के जीर्णोद्धार व दोहरीकरण की प्रक्रिया तेज (www.jagran.com)
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Commentary/Human InterestECR/East Central  -  

News Entry# 325454   Blog Entry# 2941949     
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Dec 27 2017 (16:07)
Station Tag: Chopan/CPU added by Saurabh*^~/15807

Dec 27 2017 (16:07)
Station Tag: Obra Dam/OBR added by Saurabh*^~/15807
Stations:  Chopan/CPU   Obra Dam/OBR  
 
 
जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : देश के सबसे ज्यादा व्यस्ततम औद्योगिक मालवाहक रेल मार्गों में शुमार गढ़वा-चोपन-¨सगरौली मार्ग पर आधुनिकीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ट्रैक के जीर्णोद्धार, विद्युतीकरण एवं दोहरीकरण की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर 100 किमी प्रतिघंटा की गति से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। पूर्व-मध्य रेलवे के धनबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग पर विद्युतीकरण के साथ सिग्नल के आधुनिकीकरण का कार्य भी चल रहा है। छह फेज में इस कार्य को बांटा गया है। सिग्नलों के आधुनिकीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। वहीं विद्युतीकरण के परीक्षण के तौर पर गढ़वा से मराल ग्राम तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाई जा रही है। इसके अलावा दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। देश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के मुख्य परिवहन आधार चोपन-गढ़वा-¨सगरौली रेलमार्ग पर व्यस्तता तथा काफी पुराना होने के मद्देनजर रेल मंत्रालय ने कई दशक बाद गम्भीर होते...
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हुए भविष्य के लिहाज से इस रेलखंड में व्यापक बदलाव की योजना बनायी है। वर्तमान में एकल मार्ग तथा ट्रैक के काफी पुराना होने की वजह से परियोजनाओं का माल पहुंचने में देरी होती है। इसके कारण यात्री ट्रेनों को भी अक्सर देरी होती है। ऐसे में गत कई दशक से उपेक्षा का शिकार रहे चोपन-गढ़वा-¨सगरौली मार्ग का आधुनिकीकरण बड़ा कदम है।
महत्वपूर्ण है यह रेलमार्ग:
चोपन-गढ़वा-¨सगरौली मार्ग रेलमार्ग औद्योगिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रेलमार्ग है। देश की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निर्भरता इस मार्ग पर है। अगर इस मार्ग पर नजर डाला जाय तो नेशनल कोल फील्ड के साथ ओबरा तापीय परियोजना, डाला सीमेंट फैक्ट्री, ¨हडाल्को एल्युमीनियम प्लांट, अनपरा तापीय परियोजना, बीजपुर एवं शक्तिनगर तापीय परियोजना के साथ एनटीपीसी एवं ¨सगरौली स्थित तमाम परियोजनाओं को कोयला एवं तेल इसी मार्ग से जाता है। जिसके कारण इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण मालवाहक रेलमार्ग में शुमार किया जाता है। वर्तमान में आधा दर्जन से ज्यादा नई तापीय परियोजनाओं की स्थापना के साथ पुरानी परियोजनाओं के विस्तारीकरण की योजना भी चल रही है। इन परियोजनाओं की वजह से इस ट्रैक की व्यस्तता में भारी इजाफा होगा, लिहाजा इस ट्रैक के आधुनिकीकरण की आवश्यकता जरूरी थी। वैसे भी यह रेलखंड देश में तीसरे सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले धनबाद मंडल के अधीन है। धनबाद मंडल 11 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व देता है, जिसमें इस रेलखंड से बड़ा हिस्सा आता है। भविष्य में एनसीएल अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार करने वाला है। जिससे इस रेलखंड की राजस्व क्षमता में वृद्धि होगी।
दोहरीकरण के लिए 2675.64 करोड़
रमना से ¨सगरौली के बीच 160 किलोमीटर लंबी इस लाइन के दोहरीकरण पर 2675.64 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। इसके 2019-20 तक पूरा होने की संभावना है। धनबाद डिवीजन की यह लाइन झारखंड में गढ़वा, मध्य प्रदेश में ¨सगरौली तथा उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिलों से गुजरती है। अभी इस ¨सगिल लाइन पर 105 फीसद यातायात घनत्व है। जिससे ट्रेनों में विलंब होता है।
By Jagran

19 posts - Wed Dec 27, 2017 - are hidden. Click to open.

407 views
Jan 06 2018 (17:29)
Mukesh Kumar   3 blog posts
Re# 2941949-22            Tags   Past Edits
Dear, what's status of GHQ-CPU electrification?? Is it completed.
Dec 24 2017 (08:31)  विद्युतीकरण,ट्रैक के जीर्णोद्धार व दोहरीकरण की प्रक्रिया तेज (epaper.jagran.com)
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IR AffairsECR/East Central  -  

News Entry# 325255   Blog Entry# 2928853     
   Past Edits
Dec 24 2017 (08:31)
Station Tag: Salai Banwa/SLBN added by Padman On 26 January 2018😊^~/1421836

Dec 24 2017 (08:31)
Station Tag: Obra Dam/OBR added by Padman On 26 January 2018😊^~/1421836
Stations:  Obra Dam/OBR   Salai Banwa/SLBN  
 
 
महत्वपूर्ण है चोपन-सिंगरौली रेलमार्ग 1चोपन-गढ़वा-सिंगरौली मार्ग रेलमार्ग औद्योगिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रेलमार्ग है। देश की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निर्भरता इस मार्ग पर है। अगर इस मार्ग पर नजर डाला जाय तो नेशनल कोल फील्ड के साथ ओबरा तापीय परियोजना, डाला सीमेंट फैक्ट्री, ¨हडाल्को एल्युमीनियम प्लांट, अनपरा तापीय परियोजना, बीजपुर एवं शक्तिनगर तापीय परियोजना के साथ एनटीपीसी एवं सिंगरौली स्थित तमाम परियोजनाओं को कोयला एवं तेल इसी मार्ग से जाता है। जिसके कारण इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण मालवाहक रेलमार्ग में शुमार किया जाता है। वर्तमान में आधा दर्जन से ज्यादा नई तापीय परियोजनाओं की स्थापना के साथ पुरानी परियोजनाओं के विस्तारीकरण की योजना भी चल रही है। इन परियोजनाओं की वजह से इस ट्रैक की व्यस्तता में भारी इजाफा होगा, लिहाजा इस ट्रैक के आधुनिकीकरण की आवश्यकता जरूरी थी। वैसे भी यह रेलखंड देश में तीसरे सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले धनबाद मंडल के अधीन है। धनबाद मंडल 11...
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हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व देता है, जिसमें इस रेलखंड से बड़ा हिस्सा आता है। भविष्य में एनसीएल अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार करने वाला है। जिससे इस रेलखंड की राजस्व क्षमता में वृद्धि होगी।1
गढ़वा-चोपन-सिंगरौली रेलखंड के विकास के कार्य को मिली गति
बदलेगा कलेवर
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जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : देश के सबसे ज्यादा व्यस्ततम औद्योगिक मालवाहक रेल मार्गों में शुमार गढ़वा-चोपन-सिंगरौली मार्ग पर आधुनिकीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ट्रैक के जीर्णोद्धार, विद्युतीकरण एवं दोहरीकरण की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर 100 किमी प्रतिघंटा की गति से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। पूर्व-मध्य रेलवे के धनबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग पर विद्युतीकरण के साथ सिग्नल के आधुनिकीकरण का कार्य भी चल रहा है। छह फेज में इस कार्य को बांटा गया है। सिग्नलों के आधुनिकीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। वहीं विद्युतीकरण के परीक्षण के तौर पर गढ़वा से मराल ग्राम तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाई जा रही है। इसके अलावा दोहरीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। देश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के मुख्य परिवहन आधार चोपन-गढ़वा-सिंगरौली रेलमार्ग पर व्यस्तता तथा काफी पुराना होने के मद्देनजर रेल मंत्रलय ने कई दशक बाद गम्भीर होते हुए भविष्य के लिहाज से इस रेलखंड में व्यापक बदलाव की योजना बनायी है। वर्तमान में एकल मार्ग तथा ट्रैक के काफी पुराना होने की वजह से परियोजनाओं का माल पहुंचने में देरी होती है। इसके कारण यात्री ट्रेनों को भी अक्सर देरी होती है। ऐसे में गत कई दशक से उपेक्षा का शिकार रहे चोपन-गढ़वा-सिंगरौली मार्ग का आधुनिकीकरण बड़ा कदम है। 111गढ़वा-चोपन रेल मार्ग पर सलईबनवा के पास चलता दोहरीकरण का कार्य ’ जागरण

1048 views
Dec 24 2017 (11:37)
Sab moh maya hai~   1094 blog posts   471 correct pred (81% accurate)
Re# 2928853-1            Tags   Past Edits
sahi ja rhe hai
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