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Fri Jul 28, 2017 22:38:31 IST
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RTM/Ratlam Junction (7 PFs)
رتلام جنكشن     रतलाम जंक्शन

Track: Double Electric-Line

Type of Station: Junction
Number of Platforms: 7
Number of Halting Trains: 156
Number of Originating Trains: 15
Number of Terminating Trains: 15
Jn point NAD/MGN/INDB/COR, Station Road Ratlam-457001
State: Madhya Pradesh
Elevation: 495 m above sea level
Zone: WR/Western
Division: Ratlam
10 Travel Tips
RTM/Ratlam Junction is in Recent News
Nearby Stations in the News

Rating: 3.9/5 (77 votes)
cleanliness - good (10)
porters/escalators - good (10)
food - excellent (9)
transportation - good (10)
lodging - good (9)
railfanning - good (9)
sightseeing - good (10)
safety - good (10)

Nearby Stations

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Station News

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Today (08:47)  प्रतिबंध के बाद भी ट्रेन की दाल में लग रहा तड़का (www.patrika.com)
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Other News

News Entry# 309839     
   Tags   Past Edits
Jul 28 2017 (08:47)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by The Phenomenal One~/1469143

Posted by: The Phenomenal One~  871 news posts
रतलाम। उज्जैन में करीब तीन वर्ष पूर्व रेलवे स्टेशन पर सिलेंडर फटने की घटना के बाद रेलवे ने भोजन निर्माण स्टेशन व ट्रेन में करने पर रोक लगाई। इसके बजाए बोर्ड ने पश्चिम रेलवे के रतलाम सहित अन्य स्टेशनों पर बेस किचन बनाने पर जोर दिया। तब से अब तक मिलीभगत का खेल एेसा कि न ट्रेन में खाना बनना रुका, न बेस किचन का निर्माण हुआ।
रेलवे ने उज्जैन की घटना के बाद तीन वर्ष पूर्व लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन में पेंट्रीकार में निर्माण कार्य पर रोक लगाई। इसमें ये छूट जरूर दी कि यात्री को गर्म चाय, नाश्ता व भोजन मिले तो वे गर्म करके इसे दे सकते हैं। गैस का सिलेंडर नहीं उपयोग कर सकते, लेकिन अन्य
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संसाधन के उपयोग की छूट दी। रेलवे बोर्ड के माकेटिंग निदेशक पैसेंजर विक्रमसिंह ने आदेश में स्पष्ट लिखा था कि रेलवे बेस किचन निर्माण पर जोर देगी। इसके बाद रतलाम, इंदौर, उज्जैन, नागदा, चित्तौडग़ढ़ सहित अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए बोर्ड से बेस किचन की अनुमति जारी हुई।
ये होता बेस किचन
रेलवे के बेस किचन में हाईजैनिक व पोष्टिकता वाले भोजन निर्माण पर जोर दिया गया। ये अलग बात है कि पैंट्रीकार की निविदा लेने वालों में इतनी शक्ति रही की उन्होने मंडल के किसी भी रेलवे स्टेशन पर अब तक बेस किचन निर्माण कार्य की शुरुआत ही नहीं होने दी। बेस किचन में बना भोजन अलग-अलग ट्रेन में यात्रियों के लिए चढ़ाया जाना योजना में शामिल था। इसके बाद पैंट्रीकार से ये यात्रियों को दिया जाता।
अभी ये है वास्तविकता
अभी वास्तविकता ये है कि रेलवे के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते मंडल मुख्यालय से निकलने वाली हर वो ट्रेन जिसमे पैंट्रीकार की सुविधा है, धड़ल्ले से भोजन से लेकर अन्य खाद्य व पेय पदार्थ का निर्माण होता है। इनमे गंदगी से लेकर सफाई न होना आदि की खबरे तो अब पुरानी हो गई है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में इसी बात को रेखांकित किया है कि अनुमति के बगैर निर्माण किस तरह से हो रहा है।
करते हैं कार्रवाई
मंडल में वाणिज्य विभाग दो तरह से कार्रवाई करता है। एक तो जब सोशल मीडिया से शिकायत मिलती है तब कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा प्रतिमाह अलग-अलग ट्र्रेन में वाणिज्य विभाग के निरीक्षक जांच का अभियान चलाते है। गड़बड़ी पाए जाने पर आर्थिक जुर्माने की पश्चिम रेलवे से सिफारिश की जाती है।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
रतलाम। गुजरात के अहदाबाद व राजकोट मंडल के मध्य मियामा स्टेशन के पास बना रेलवे ट्रैक पानी में बहने के बाद वहां का रेल यातायात चरमरा गया है। इससे वहां की अनेक यात्री ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से मंगलवार को चलाया गया। इसके चलते मंडल में नियमित रूप से समय पर आने वाली ट्रेनों पर गंभीर असर पड़ा। हालाकि अचानक ट्रेनों के मार्ग बदलने से स्टेशन पर ट्रॉली व स्टॉल का संचालन करने वालों ने मुफ्त में भोजन के पैकेट वितरीत कर सहृदयता का परिचय भी दिया।
रात 2 बजते बाद से शाम तक अहमदाबाद से अलग-अलग मार्ग से चलने वाली अनेक ट्रेनों को बड़ोदरा से रतलाम होते हुए कोटा व मंदसौर-नीमच सेक्शन के रास्ते चलाया गया। इन ट्रेनों को पहले तो
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10-10 मिनट का ठहराव यहां दिया गया, लेकिन जब देखा कि स्टॉल व ट्रॉली वालों के साथ केंटीन के सदस्य नि:शुल्क भोजन पैकेट वितरीत कर रहे है तो इनका ठहराव थोड़ा बढ़ाया भी गया। सुरेंद्र नगर व पिपावय स्टेशन के बीच ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक सहित वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे है व रखरखाव कार्य रेलवे ने शुरू कर दिया है।
ये ट्रेनें निकली यहां से
- आश्रम एक्सपे्रस
- दिल्ली सरायरोहिला-बांद्रा एक्सपे्रस
- रणकपुर एक्सपे्रस
- स्वर्णजयंति राजधानी
- बिकानेर मुंबई एक्सपे्रस
- ओखा जयपुर एक्सपे्रस
- अरावली एक्सपे्रस
- बंगलुरू भगत की कोठी एक्सपे्रस
- अहमदाबाद आगरा एक्सपे्रस
ये ट्रेनों पर पड़ा देरी का असर
- सोमनाथ जबलपुर डेढ़ घंटे से अधिक देरी से आई।
- गांधीनगर इंदौर एक घंटे से अधिक देरी से आई।
- अहमदाबाद दरभंगा साबरमती 40 मिनट देरी से आई।
- अहमदाबाद पटना 50 मिनट देरी से आइ्र्र।
- उदयपुर इंदौर 55 मिनट देरी से आई।
- अवंतिका एक्सपे्रस 35 मिनट देरी से आई।
- गोल्डन टेंपलमेल एक घंटे देरी से आई।
- झांसी-सूरत चार घंटे देरी से आई।
- मुंबई दिल्ली दुरंतो 45 मिनट देरी से आई।
- सर्वोदय एक्सपे्रस डेढ़ घंटे देरी से आई।
- दाहोद भोपाल तीन घ्ंाटे देरी से आई।
- मरुसागर एक्सपे्रस डेढ़ घंटे देरी से आई।
- इंदौर उदयपुर 55 मिनट देरी से आई।
- नागदा रतलाम 40 मिनट देरी से आई।
- बांद्रा देहरादून 50 मिनट देरी से आई।
- बांद्रा झांसी सवा घंटे देरी से आई।
- हल्दीघाटी पैसेंजर 45 मिनट देरी से आई।
रतलाम। यात्री रतलाम से जिस डेमू व मेमू ट्रेन में भरोसे के साथ यात्रा करते हैं, उन्हें इस बारे में पता भी नहीं है कि वो ट्रेन सिर्फ एक चालक के भरोसे चलती है। इन ट्रेन में उज्जैन से रतलाम होते हुए दाहोद व भीलवाड़ा तक ट्रेन को एक ही चालक चलाता है। कभी चलती ट्रेन में किसी चालक को कुछ हो जाए तो सोचा जा सकता है कि हजारों जिंदगियों का क्या होगा। करीब तीन वर्ष पूर्व एक घटना हुई है, जिसमें चालक होम सिग्नल पार कर गया था।
रेल संगठनों का दावा है कि रेलवे का ये नियम है कि रात में डेमू या मेमू स्तर की ट्रेन को नहीं चलाया जाता। इसके पीछे के कारण यात्रियों की सुरक्षा बताया
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गया है। पश्चिम रेलवे में मुंबई तक में स्थानीय ट्रेन रात 12 बजे से अलसुबह 4 बजे तक बंद रहती है। रेल संगठनों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं होता, लेकिन यहां नियम को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। न सिर्फ पश्चिम रेलवे बल्कि देश में कहीं भी यात्रियों की सुरक्षा की वजह से रात में ट्रेन को नहीं चलाया जाता है।
ट्रेन को रुकवाया
मंडल मुख्यालय से रात 1 बजे बाद मेमू ट्रेन दाहोद तक जाती है। इसमें एक ही चालक होता है। इस ट्रेन के चालक के साथ करीब तीन वर्ष पूर्व हादसा हुआ था। थांदला रोड स्टेशन पर रात में चालक का स्वास्थ्य खराब होने के बाद होम सिग्नल को पार कर गए थे। तब गार्ड ने आपात बे्रक लगाकर ट्रेन को रुकवाया था।
गंभीर मामला है
ये यात्री सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। इसे पश्चिम रेलवे में अगली बैठक में उठाया जाएगा। कम से कम एक अतिरिक्त चालक होना चाहिए।
- दिलीप गुप्ता, सदस्य, पश्चिम रेलवे उपभोक्ता रेल सलाहकार समिति
गंभीरता से विचार जरूरी
यात्रियों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं होता है। ट्रेन में अतिरिक्त चालक होना चाहिए। आखिर हम हजारों यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किस तरह कर सकते हैं। इस मामले में गंभीरता से विचार जरूरी है।
- बीके गर्ग, मंडल मंत्री, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ
चालक से चलाने का नियम
डेमू व मेमू ट्रेन को एक ही चालक से चलाने का नियम है। इसके अलावा आपात स्थिति के लिए गार्ड रहता है।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
Jul 12 2017 (08:50)  मेमू का बे्रक फेल, रेड सिग्नल क्रॉस (naidunia.jagran.com)
News Entry# 308139     
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Jul 12 2017 (08:50)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by The Phenomenal One~/1469143

Jul 12 2017 (08:50)
Train Tag: Dahod Ratlam MEMU/69187 added by The Phenomenal One~/1469143

Posted by: The Phenomenal One~  871 news posts
रतलाम। नईदुनिया प्रतिनिधि
रेल मंडल के बोरड़ी सेक्शन में रात को मेमू पैसेंजर ट्रेन के रेड सिग्नल क्रॉस करने का मामला सामने आया है। हालांकि ड्राइवर ने कंट्रोल में इंजन के बे्रक फेल होने की सूचना दी। इसके बाद मालगाड़ी इंजन को जोड़कर ट्रेन को रतलाम लाया गया। यहां से फिर गाड़ी को दाहोद व गोधरा के लिए रवाना किया। घटना के बाद इंजन की जांच के लिए रेल मंडल से सुपरवाइजर को बड़ौदा तलब किया गया है।
यह वाकिया सोमवार रात धामहड़ा-बोरड़ी सेक्शन का है। ट्रेन संख्या 69187/69119 गोधरा-दाहोद-रतलाम मेमू पैसेंजर दाहोद
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से चलकर धामहड़ा पहुंची। यहां से चलकर रात करीब 10 बजे बोरड़ी सेक्शन में पहुंची। स्टेशन से पहले होम सिग्नल पर रेड सिग्नल होने पर ट्रेन को ठहराना था। लेकिन ड्राइवर ने ट्रेन नहीं रोकते हुए रेड सिग्नल क्रॉस कर लिया। बाद में इमरजेंसी बे्रक लगाकर ट्रेन रोकी गई। वहां से कंट्रोल में सूचना की गई कि इंजन के बे्रक फेल हो गए हैं। इसलिए होम सिग्नल पर गाड़ी नहीं रोकी जा सकी। मालगाड़ी इंजन से शंटिंग कर ट्रेन को रात 12.30 बजे रतलाम तक लाया गया। यहां से फिर से ट्रेन चलकर दाहोद व गोधरा पहुंची। मामले की सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बड़ौदा मंडल के सीनियर डीईई टीआरओ ने जांच शुरू की। इसके लिए यहां से परिचालन के दौरान इंजन को जांचने वाले सुपरवाइजर को भी बड़ौदा तलब किया गया है।
Jul 11 2017 (08:49)  INDIAN_RAILWAY - रेलवे वृद्ध यात्रियों को अगस्त से पूछेगा, सब्सिडी लेंगे या छोड़ेंगे (www.patrika.com)
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New Facilities/Technology

News Entry# 308033   Blog Entry# 2349392     
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Jul 11 2017 (08:49)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by The Phenomenal One~/1469143

Posted by: The Phenomenal One~  871 news posts
रतलाम। रेलवे में गिव इट अप स्कीम के बारे में दावा किया जा रहा है कि इसमें रेलवे यात्रियों को रेल टिकट पर मिल रही सब्सिडी छोडऩे की बात कहने वाली है, जबकि रेलवे ने ये स्पष्ट किया है कि इस मामले में नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए वे तीन विकल्प देने जा रहे हैं। इसमें यात्रियों को तय करना होगा कि वे क्या पसंद करते हंैं। रेलवे की नई योजना अगस्त में आएगी।
अब रेलवे भी इस तरह की योजना लाएगी, ये बात कुछ दिन से विभिन्न सोशल मीडिया पर आ रही है। अब रेलवे ने इस बारे में चुप्पी तोड़ी है। बोर्ड के पैसेंजर मार्केटिंग शाखा के निदेशक ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को तीन विकल्प इसमें दिए जाएंगे।
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वरिष्ठ उम्र के यात्रियों को ये तय करना होगा कि वे क्या चाहते हैं।
मंडल में प्रभाव
अगस्त से लागू होने वाले इस निर्णय का असर मंडल में भी होगा। टिकट खिड़की व ऑनलाइन मिलाकर प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक यात्री अलग-अलग ट्रेन में यात्रा करते हैं। रेलवे के इस निर्णय के बाद सब्सिडी छोडऩे के बारे में मंडल के वृद्ध यात्री भी सहमति जता सकते हैं।
ये रहेंगे विकल्प
रेलवे बोर्ड के अधिकारी के अनुसार पहले दो विकल्प में तो सब्सिडी लेना है या छोडऩा है शामिल है, लेकिन इसके अलावा तीसरा विकल्प रहेगा कि यात्री सब्सिडी आधा लेना चाहता है, पूरा लेना चाहता है। इन तीन विकल्प पर ही वृद्ध यात्रियों को निर्णय आरक्षण कराते समय लेना होगा। यात्रियों को दी जा रही 43 प्रतिशत सब्सिडी छोडऩे के बारे में निर्णय नहीं लिया है।
तीन विकल्प
वृद्ध यात्रियों के लिए अगस्त से सब्सिडी छोडऩे के बारे में तीन विकल्प रेलवे देने जा रही है। सभी यात्रियों के लिए इस बारे में निर्णय नहीं लिया गया है।
- विक्रमसिंह, निदेशक, मार्केटिंग डायरेक्टर, रेलवे बोर्ड

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Jul 11 2017 (15:20)
a2z~   1528 blog posts
Re# 2349392-1            Tags   Past Edits
Subsidy lene walon se poonchna chahiye ki -subsidy loge ya chhodoge
jinhe subsidy nahin mil rahi hai, unhein subsidy ke naam pe, loot-ne ki scheme lag rahi hai.
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