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Blog Entry# 1406675  
Posted: Mar 25 2015 (10:05)

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General Travel
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Mar 25 2015 (10:05)  
 

Tushar Gaur   1437 blog posts
Entry# 1406675            Tags   Past Edits
भारतीय रेलवे, सी.एल.आर/हुबली डिवीजन एस डब्ल्यू आर में ट्रेकमेन के पद पर कार्यरत पृथ्वीराज मीणा निवासी मंडावरी दौसा ने सीनियर सैक्शन ईंजनीयर किशनलाल के शोषण और अत्याचारों से तंग आकर फांसी के फंदे से झूलकर जीवन लीला ही खत्म कर ली।
स्व.पृथ्वीराज मीणा द्वारा लिखे ‪#‎सुसाईड‬ नोट# में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि पिछले 15,फरवरी को उसकी शादी हुई थी वो हाल ही में अपने परिवार को साथ लाया था। ड्यूटी उसके निवास स्थान के पास लगाने को लेकर वो एस.एस.ई. के पास गया तो एस. एस.ई. किशनलाल ने उसे मां बहन की गाली दी और आॅफिस से बाहर निकाल दिया। तंग आकर मजबूरन वापिस उसे फैमली को घर छोड़कर आना पड़ा।जैसे ही वो परिवार को घर छोड़कर वापिस नौकरी पर गया
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तो उसे एस एस ई ने डाटा और गाली गलौच देकर बेईज्जत किया। और वापस नौकरी पर लेने के बदले पैसे कि मांग की। अगर घर की आर्थिक स्थिति ठीक होती तो गेंगमेन की नोकरी करने इतनी दूर कोन आता?
एस एस ई के इस अत्याचार से तंग आकर उसने सुसाईड कर लिया। हाँ और यह भी लिखा है कि वो एस एस ई सभी लोगों को तंग करता है अपना घर का व्यक्तिगत कार्य करवाता है।जो कार्य करने से मना करता है उसकी गैरहाजिरी लगा देता है।
स्व.पृथ्वीराज द्वारा उठाये गये आत्महत्या के फैसला का हम समर्थन नहीं करते।क्योंकि आत्महत्या करने से हम शोषण को खत्म नहीं कर सकते। शोषण को खत्म करने के लिए सबसे पहले हमें मन से मजबूत होना पड़ेगा।लड़ना पड़ेगा, अपने अधिकारों के प्रति जागरुक होना पड़ेगा। आदि ऐसे कार्य हैं जिनसे हम शोषण को खत्म कर सकते हैं........
इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएँ स्व.पृथ्वीराज के परिवार के साथ हैं।
इस डिवीजन में कार्यरत समाज के सभी अधिकारी और कर्मचारियों से हम निवेदन करते हैं कि इस घटना को गम्भीरता से लें। हो सके तो रेलवे यूनियन को भी साथ लेकर रेलवे जी एम, डी आर एम आदि अधिकारियों को एक ज्ञापन दें और दोषियों को सजा दिलायें।
इसकी CBI जाँच की मांग उठ चुकी हैं तभी पता चलेगा कि इस मर्डर के लिए कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार हैं या पूरा रेल सिस्टम यहाँ आज भी अंग्रेजो के काले कानून चलते हैं रेलवे में अफसरशाही हावी हैं और यही रेल की बर्बादी हैं
यदि आप रेल को काले अंग्रेजो से मुक्त करा करा कर वास्तविक भारतीय रेल बनाना चाहते हो तो इसे अधिक से अधिक शेयर करे जिससे एक आम भारतीय की आवाज रेल मंत्री के कान सुन सके...
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