Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Admin
 Followed
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt

Follow my Trip (beta) Android app

The sweetest sounds in the universe - "chai chai"

Search News

News Posts by Vcpl Jbp

Page#    Showing 6 to 10 of 1178 news entries  <<prev  next>>
  
Oct 20 (17:22) रेलवे बोर्ड में भी छंटनी, 200 की बजाय 150 होगी सदस्य संख्या (www.palpalindia.com)
0 Followers
967 views

News Entry# 393616  Blog Entry# 4464192   
  Past Edits
This is a new feature showing past edits to this News Post.
नर्ई दिल्ली. देश भर में रेल कर्मचारियों की छंटनी की खबरों के बीच में रेलवे ने बड़ा कदम उठाते हुए उसने रेलवे बोर्ड में सदस्य संख्या घटाने का निर्णय लिया है. अभी बोर्ड में सदस्य, डायरेक्टर सहित अन्य अफसरों की संख्या 200 है, जिसे घटाकर 150 किया जा रहा है. रेल मांत्रालय जल्द ही 200 सदस्यों वाले रेलवे बोर्ड में छांटनी करने जा रहा है. निर्णय के अनुसार अब बोर्ड में 150 सदस्य होंगे. इसमें 50 सदस्यों को कम कर दिया जाएगा. इससे रेलवे का बोर्ड पर होने वाले खर्च में कमी आएगी. बोर्ड से कम किए गए अधिकारियों को जोनल कार्यालयों में पदस्थ किया जाएगा.
खर्च घटाने पर है रेलवे का फोकस
बोर्ड
...
more...
और सहित रेलवे में अधिकरियों, कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक है, जिसकी वजह से रेलवे पर आमदनी से अधिक खर्च का भार रहता है. रेलवे पर खर्च का बोझ कम करने के लिए साल 2000 में उस समय की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने रेलवे बोर्ड से अधिकारी सदस्यों की संख्या कम करने का प्रस्ताव दिया था. उस समय इस प्रस्ताव पर निर्णय नहीं लिया गया. अब रेल मंत्री पीयुष गोयल ने 100 दिन के एजेण्डे में शमिल इस प्रस्ताव पर निर्णय लेना तय किया. जिस पर रेलवे बोर्ड अध्यक्ष वीके यादव ने अमल किया है. 2015 में भारतीय रेलवे पर विवेक देबरॉय समिति ने रिपोर्ट में रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन का सुझाव दिया था.
  
Oct 18 (20:53) मां से की अभद्रता तो जीजा की हत्या करके रेल लाइन पर डाला शव, जीआरपी ने साले को किया गिरफ्तार (www.palpalindia.com)
Crime/Accidents
0 Followers
736 views

News Entry# 393535  Blog Entry# 4462447   
  Past Edits
Oct 18 2019 (21:26)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by 12302 ER King^~/1996412

Oct 18 2019 (21:26)
Station Tag: Madan Mahal/MML added by 12302 ER King^~/1996412
पलपल संवाददाता, जबलपुर. मां से अभद्रता करने पर साले को अपने जीजा पर इतना अधिक गुस्सा आया कि पहले तो उसने उसकी हत्या कर दी और बाद में मदन महल स्टेशन के समीप ट्रेक पर डाल दिया, ताकि पूरा मामला हत्या न लगे, बल्कि आत्महत्या या हादसा प्रतीत हो, लेकिन जीआरपी ने मामले की गुत्थी सुलझा ली और हत्या के आरोपी साले को गिरफ्तार कर लिया.
जीआरपी के मुताबिक साले ने जीजा के हाथ-पैर बांधे और उसे ऑटो में डाल दिया. अंधेरे में ऑटो खड़ा कर गमछे से गला घोंटकर जीजा को मौत के घाट उतारा. इसके बाद वह लाश को मदन महल स्थित रेलवे ट्रैक पर ले गया. वहां उसने एक बार फिर लाश का गला दबाया और उसे ट्रैक पर
...
more...
रख दिया. घर लौटने पर आरोपी ने बहन को कहा कि उसने जीजा को मदन महल थाने में बंद करा दिया है. जांच के बाद जीआरपी की टीम ने आरोपी साले को गिरफ्तार कर लिया. यह जानकारी शुक्रवार को रेल एसपी सुनील जैन ने दी.
रूई से गहराया संदेह, तीन दिन बाद पहचान
उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को मदन महल स्थित डाउन ट्रैक पर एक युवक की लाश मिली. लाश ट्रैक पर थी, लेकिन नाक में लगी रूई और घटना स्थल देखकर मामला हत्या का प्रतीत हुआ. जीआरपी थाना प्रभारी मंजीत सिंह, चौकी प्रभारी राजेश राज व अन्य की टीम को जांच में पता चला कि मृतक स्नेह नगर लिंक रोड निवासी नितिन पटेल उर्फ नीतेश है. वह मूलत: नरसिंहपुर का रहने वाला है और यहां ससुराल में पत्नी नेहा, सास व साले विनय के साथ रहता था.
भाई ने थाने में बंद कराया है
नेहा ने पूछताछ में जीआरपी को बताया कि 12 अक्टूबर को नितिन नशे में धुत होकर घर पहुंचा. उससे व उसकी मां से अभद्रता कर दी. तब नेहा ने अपने भाई विनय को बुलाया. पहले तो विनय ने नितिन को पीटा और फिर उसे ऑटो में डालकर मदन महल थाने ले जाने की बात कही. लौटने के बाद विनय ने नेहा से कहा कि वह नितिन को मदन महल थाने में बंद करा आया है. अब वह चार पांच दिन बाद छूटेगा.
पूछताछ पर टूटा विनय
पेशे से ऑटो चालक विनय को जीआरपी ने पकड़ा. पूछताछ की, तो वह टूट गया. विनय ने बताया कि आए दिन नितिन उसकी बहन नेहा और मां से अभद्रता करता था. कई बार समझाने पर भी वह नहीं माना. 12 अक्टूबर को जब वह घर पहुंचा, तब भी नितिन हंगामा कर रहा था. तब उसने नितिन को पीटा और हाथ पैर बांधकर ऑटो में डालकर ले गया. अंधेरे में ऑटो खड़ा कर उसने नितिन का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया.
ट्रेन के रवाना होने पर ट्रैक पर रखी लाश
वह लाश को रेलवे ट्रैक के पास ले गया. जहां नितिन की लाश की नाक में उसने रूई लगाई. ट्रैक पर लाश रखने के बाद उसने दोबारा लाश का गला घोंटा. उसने देखा कि मदन महल स्टेशन पर ट्रेन खड़ी थी. जब ट्रेन वहां से रवाना हुई, तो उसने लाश को ट्रैक पर रखा और दूर हट गया. वह चाहता था कि लाश ट्रेन से कट जाए और किसी को यह संदेह न हो कि उसने जीजा की हत्या की है.

  
Rail News
431 views
Oct 18 (22:38)
Jai Ho ™^~   15657 blog posts   150088 correct pred (76% accurate)
Re# 4462447-1            Tags   Past Edits
Is it related to Railways!
  
पलपल संवाददाता, जबलपुर. यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन के द्वारा पश्चिम मध्य रेल से चलने वाली जबलपुर-पुणे-जबलपुर स्पेशल ट्रेन को कुछ और समय तक अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.
इस संबंध में मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पमरे, जबलपुर श्रीमती प्रियंका दीक्षित ने बताया कि गाड़ी संख्या 01656 जबलपुर-पुणे एक्सपे्रस प्रत्येक सोमवार को आगामी 04 नवम्बर 2019 से 30 दिसंबर 2019 तक एवं वापसी में गाड़ी संख्या 01655 पुणे-जबलपुर एक्सपे्रस प्रत्येक मंगलवार को 05 नवम्बर 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक के लिए बढ़ाया गया है.
  
पलपल संवाददाता, जबलपुर. केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय के उस निर्णय के खिलाफ, जिसमें देश के प्रमुख मार्गों में चलने वाली 150 ट्रेनों व 50 प्रमुख स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया गया है, के खिलाफ वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डबलूसीआरईयू) आक्रोशित हो गया है और इसके खिलाफ पमरे के जबलपुर, कोटा व भोपाल मंडलों में आगामी 23 अक्टूबर को जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
इस संबध में आल इंडिया रेलवेमैंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के असिस्टेंट जनरल सेक्रेट्री व डबलूसीआरईयू के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय द्वारा भारतीय रेलवे के निजीकरण की अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है. इस दिशा में एक समिति नीति आयोग के सीईओ, सीआरबी और
...
more...
अन्य के साथ नियुक्त की गई थी. इस देश और रेलवे के लोगों के लिए समय आ गया है कि वे गरीब आदमी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम, यानी भारतीय रेलवे को कॉर्पोरेट दिग्गजों के चंगुल से बचाएं, जिसका उद्देश्य रेलवे की संपत्ति के हजारों करोड़ रुपये लूटना है.
इस निर्णय के खिलाफ एआईआरएफ ने पूरे भारतीय रेलवे में विरोध प्रदर्शन करने का निणय लिया है, जिसके तहत आगामी 23 अक्टूबर को पूरे देश के सभी रेल जोनों व मंडलों के साथ-साथ पमरे के तीनों रेल मंडलों जबलपुर, कोटा व भोपाल में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार की रेलवे के निजीकरण की नीति का पुरजोर विरोध किया जायेगा.
डबलूसीआरईयू के महामंत्री मुकेश गालव, जोनल अध्यक्ष आरके जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष व जबलपुर मंडल सचिव नवीन लिटोरिया, जोनल कोषाध्यक्ष इरशाद खान, जबलपुर मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला, कपिलदेव यादव, विक्टर क्लेटन, प्रदीप चावला, हेमंत राठौर, टीके गौतम, एसके भार्गव, मनीष यादव, पीआर मिश्रा, फिलिप ओमन, संजय जैन, सतीश चौहान आदि ने रेल कर्मचारियों से कहा है कि अब वक्त आ गया है, केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ एकजुटता का और समय आ गया है कि सरकार को दिखा दिया जाये कि रेलवे का निजीकरण किसी भी कीमत पर रेल कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेेंगे और इसके लिए आर-पार का संघर्ष करना पड़े तो कदम पीछे नहीं हटाएंगे.
  
नई दिल्ली. रेलवे को निजीकरण करने की दिशा में रेल मंत्रालय ने विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की आवश्यकता का नए सिरे से आकलन कर नॉन-कोर गतिविधियों को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. इसके तहत रेलवे के लगभग 3 लाख कर्मचारियों पर नौकरी से निकाले जाने की तलवार लटक रही है.
एक हिंदी वेबसाईट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे बोर्ड की ओर से विभिन्न कार्यो के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता के नए मानदंड निर्धारित किए जा रहे हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि वे नए मानकों के मुताबिक हर विभाग में विभिन्न कार्यो के लिए आवश्यक कर्मचारियों की संख्या का नए सिरे से आकलन करें और इस बात का पता लगाएं कि किस विभाग के कितने कार्यों
...
more...
को आउटसोर्स किया जा सकता है, ताकि रेलवे को फालतू सरकारी कर्मचारियों के बोझ से छुटकारा दिलाया जा सके और वेतन सहित अन्य खर्चो में कमी की जा सके.
इन विभागों के काम पर खास नजर
रिपोर्ट के अनुसार रेलवे के जिन विभागों के कार्यों का आकलन करने के लिए कहा गया है, उसमें ओएचई नॉन पावर ब्लॉक, ओएचई के अन्य कार्य, पीएसआइ मेंटीनेंस एवं पीएसआइ आपरेशन तथा टीपीसी, ड्राइंग तथा तकनीकी एवं क्लेरिकल स्टाफ व हेल्पर के कार्य जैसे शामिल हैं. कोर गतिविधियों में भी नए मानकों के अनुसार इलेक्ट्रिक लोको तथा कोच के मेंटीनेंस के लिए इलेक्ट्रिक एवं मैकेनिकल कर्मचारियों की संख्या भी अब पहले से कम होगी. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि रेल मंत्रालय ने विभिन्न विभागों में कर्मचारियों का नए सिरे से आकलन कर कर्मचारियों में कमी करने तथा गैर-कोर गतिविधियों को आउटसोर्स करने को कहा गया है, जिसके बाद कर्मचारियों के पुनराकलन की ये मुहिम सरकार के उस आदेश के बाद शुरू हुई है.
लोकसभा में सरकार रेलकर्मियों की संख्या 10 लाख करने की बात कह चुकी
उल्लेखनीय है कि पूर्व में केद्र सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब देते हुए कहा है कि रेलवे में 13 लाख कर्मचारी हैं और सरकार इनकी संख्या को घटाकर 10 लाख करना चाहती है. इसके लिए 2014 से 2019 के बीच ग्रुप ए तथा ग्रुप बी के 1.19 लाख अधिकारियों के कामकाज, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, हाजिरी तथा समयपालन की समीक्षा की गई है. सेवा नियमावली की प्रीमेच्योर रिटायरमेंट क्लॉज के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए इनमें से अक्षम अधिकारियों को समय से पहले रिटायर करने का निर्णय लिया गया है.
सरकार का मानना है कि यदि भारतीय रेल को जापान और चीन से मुकाबला करना है तथा जनता को विश्वस्तरीय और हाईस्पीड सेवाएं प्रदान करनी है तो उसे कुशल और प्रतिस्पर्धी बनना होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि वही कार्य निजी कंपनियों को सौंप दिये जाएं, जिनका सीधा संबंध ट्रेन आपरेशन से नहीं है. इंजन, वैगन और डिब्बों का निर्माण, पार्सल, स्टेशनों, कालोनियों, अस्पतालों तथा स्कूलों का प्रबंधन एवं रखरखाव जैसे अनेक कार्य इसी श्रेणी में आते हैं.
Page#    1178 news entries  <<prev  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Desktop site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy