Full Site Search  
Tue Jan 23, 2018 15:29:40 IST
PostPostPost Stn TipPost Stn TipUpload Stn PicUpload Stn PicAdvanced Search
Large Station Board;
Platform Pic; Large Station Board;


CUR/Churu Junction (4 PFs)
     चूरू जंक्शन

Track: Single Diesel-Line

Type of Station: Junction
Number of Platforms: 4
Number of Halting Trains: 26
Number of Originating Trains: 3
Number of Terminating Trains: 3
National Highway 65, Court Road,Churu 331001
State: Rajasthan
add/change address
Elevation: 288 m above sea level
Zone: NWR/North Western
Division: Bikaner
 
 
1 Travel Tips
No Recent News for CUR/Churu Junction
Nearby Stations in the News

Rating: 3.9/5 (39 votes)
cleanliness - good (5)
porters/escalators - average (5)
food - average (5)
transportation - excellent (5)
lodging - good (5)
railfanning - excellent (4)
sightseeing - good (5)
safety - excellent (5)

Nearby Stations

KSLL/Khasoli 5 km     DEP/Depalsar 8 km     BUB/Bissau 12 km     ASLU/Aslu 15 km     JOH/Juharpura 17 km     MWR/Mahansar 18 km     SMNN/Shri Makri Nath Nagar 21 km     RSWT/Ramgarh Shekhawati 23 km     SRSL/Sirsala 23 km     MIO/Molisar 26 km    

Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 52 News Items  next>>
Jan 09 2018 (19:20)  26 दिन तक खड़े-खड़े 5 लाख का डीजल पी गया चूरू-सीकर ट्रेन का इंजन, इस राशि से 18 दिन तक इसी ट्रैक पर ट्रेन चल सकती थी (m.bhaskar.com)
back to top
NWR/North Western  -  

News Entry# 326574     
   Past Edits
Jan 09 2018 (19:21)
Station Tag: Sikar Junction/SIKR added by Tejas get New Locomative Engine/532278

Jan 09 2018 (19:21)
Station Tag: Churu Junction/CUR added by Tejas get New Locomative Engine/532278
 
 
Track तैयार होने के बाद चूरू-सीकर के बीच ट्रेन शुरू हो गई, लेकिन जितना खर्च इस ट्रेन को चलाने पर हो रहा है, लगभग उसका 50 फीसदी खर्च इस ट्रेन के सीकर चूरू में 18 घंटे तक खड़े रहने वाले इंजन पर हो रहा है। चूरू से सीकर के बीच एक फेरा लगाने वाली डेमू ट्रेन आवागमन में 4 घंटे लेती है और इसके बाद 12 घंटे सीकर में और 6 घंटे चूरू में खड़ी रहती है। इस दौरान डेमू का इंजन स्टार्ट रहता है। चूंकि डेमू में आगे-पीछे दोनों ओर इंजन लगे होते हैं। इसलिए ये दोनों इंजन खड़े-खड़े एक घंटे में करीब 20 लीटर के हिसाब से रोज 360 लीटर डीजल बेकार ही पी जाते हैं। अब तक ये ट्रेन चूरू-सीकर के बीच 26 फेरे लगा चुकी है। यानी इस दौरान करीब 8460 लीटर डीजल डेमू का इंजन खड़े-खड़े बेकार जल चुका है। डीजल की बाजार कीमत 64 रुपए...
more...
प्रति लीटर है। रेलवे को एकमुश्त 60 रुपए में भी डीजल मिले तो भी 4 लाख 51 हजार 600 रुपए डीजल व्यर्थ खप चुका है। डेमू के रैक का एक फेरा चूरू-सीकर के बीच और लगाया जाता तो रेलवे को प्रतिदिन 25 हजार का राजस्व प्राप्त होता और डेमू का भी उपयोग हो जाता है। डीजल भी व्यर्थ नहीं खपता। इस संबंध में सीनियर डीसीएम सीआर कुमावत का कहना है कि चूरू-सीकर डेमू का रैक बेकार खड़ा रहता है। इसके बारे में रेलवे बोर्ड काे सूचना दी जा चुकी है। एक और फेरा चलाने के प्रस्ताव भी भिजवाए गए हैं।
डेमू ट्रेन के चूरू-सीकर पहुंचने के बाद ड्राइवर इसके इंजन को चालू छोड़कर चले जाते है। डेमू के इंजन ड्राइवरों का कहना है कि खड़े-खड़े इंजन में प्रति घंटा 10 लीटर डीजल खर्च हो जाता है। इसका कारण है कि चूरू लोको में डेमू के इंजन को चालू करने वाले मैकेनिक नहीं है। इसलिए डेमू का इंजन चालू रहता है। लोको के एक ड्राइवर ने बताया कि इंजन को बंद करना तो आसान है लेकिन इसे फिर से शुरू करने में कम से कम 25 लीटर डीजल खर्च होता है। वहीं दूसरी ओर इंजन के एक किलोमीटर चलने में 15 लीटर डीजल खर्च होता हैं। ऐसे में इंजन को चालू रखना ही ज़्यादा बेहतर होता है। लोको इंचार्ज बीरबल मीणा का कहना है कि हमे डेमू के इंजन को बंद नहीं करने का कहा गया है।
चूरू-सीकर डेमू ट्रेन सुबह 9.30 चूरू पहुंच जाती है। स्टेशन अधीक्षक देबूराम मीणा का कहना है कि इसे सुबह 10 बजे चूरू से सीकर के लिए चलाया जाए तो ये ट्रेन सीकर से दोपहर 2.30 बजे तक वापस सकती है। एक फेरा बढ़ जाने से यात्रीभार रोज का बढ़ जाएगा। इसका कारण ये है कि चूरू से सीकर के बीच दिन में कोई ट्रेन नहीं है। सुबह ट्रेन चलाने पर यात्रियों की संख्या दो हजार तक हो सकती है। यानी प्रतिदिन चूरू-सीकर रेलवे को 25 हजार रुपए की इनकम बढ़ सकता है। 26 दिन में रेलवे 6.5 लाख रुपए कमा लेता। इतना ही नहीं इस ट्रेन के चलने से चूरू से जाने वाली भगत की कोठी-दिल्ली दिल्ली-बीकानेर ट्रेन में जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
9 दिसंबर को चूरू-सीकर के बीच पहली डेमू ट्रेन शुरू हुई। पहले दिन केवल स्पेशल ट्रेन चली। दूसरे दिन चूरू से सीकर जाने का समय शाम 5.40 बजे का है तथा वापसी में सीकर से 7.30 बजे चलकर सुबह 9.35 बजे चूरू पहुंचने का है। सुबह सीकर से 9.30 बजे चूरू पहुंचने के बाद डेमू का रैक प्लेटफार्म नंबर दोपहर 3.45 बजे तक खड़ा रहता है, जिसे 3.45 बजे मेड़ता भेज दिया जाता है। इसके बाद बीकानेर से 2.30 बजे चूरू आने वाले डेमू के रैक को सीकर भेजा जाता है। सुबह 9.35 से 3.45 बजे तक सीकर से आने वाले डेमू रैक स्टेशन पर खड़ा रहता है। इसी तरह सीकर में रोज 7.30 बजे डेमू ट्रेन के पहुंचने के बाद सुबह 7.30 बजे स्टेशन पर खड़ा रहता है।
सप्ताह में 3500 किमी की बजाय 3160 किमी ही चलती है डेमू
डेमू ट्रेन को सप्ताह में 3500 किमी चलाना पड़ता है। रेलवे ने ये टार्गेट दे रखा है, मगर चूरू-सीकर डेमू का इंजन सप्ताह में 3160 किमी ही चल पाता है। हालांकि शाम को इसे मेड़ता तक चलाया जाता है, फिर भी साप्ताहिक लक्ष्य पूरा नहीं होता। सप्ताह में 340 किमी बच जाता है। रेलवे को इससे नुकसान हो रहा है। अब इसके फेरे बढ़ाने पर विचार चल रहा है।
Dec 30 2017 (14:57)  19 दिन पहले जिस प्लेटफाॅर्म का रेल राज्यमंत्री ने उद‌्घाटन किया उसे तोड़ फिर से बनाएगा रेलवे, लंबाई पर थी सीआरएस को आपत्ति (m.bhaskar.com)
back to top
NWR/North Western  -  

News Entry# 325759   Blog Entry# 2953470     
   Past Edits
Dec 30 2017 (14:57)
Station Tag: Churu Junction/CUR added by Tejas get New Locomative Engine/532278

Dec 30 2017 (14:57)
Train Tag: Churu - Sikar DEMU/74858 added by Tejas get New Locomative Engine/532278

Dec 30 2017 (14:57)
Train Tag: Sikar - Churu DEMU/74857 added by Tejas get New Locomative Engine/532278
 
 
चूरूस्टेशन के जिस प्लेटफार्म का 9 दिसंबर को रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन ने उद‌्घाटन किया था, उसे तोड़कर दुबारा बनाया जाएगा। पहले इस पर 10 लाख रुपए खर्च हुए थे। लेकिन सीआरएस ने इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई पर आपत्ति जता दी थी। इसलिए इसे तोड़कर फिर से बनाया जाएगा। अब इस पर करीब 40 लाख रुपए खर्च होंगे। इसके लिए पूरे प्लेटफार्म को तोड़ दिया गया है, लोहे की ग्रिल और फर्श की टाइलाें को उखाड़ा जा रहा है।
यात्री हैरान हैं कि अचानक नए प्लेटफार्म पर तोड़फोड़ किसलिए की जा रही है। ये प्लेटफार्म भी पहले बने तीन अन्य प्लेटफार्म की तरह ही बनेगा। ये पूरी कवायद सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सुरक्षा) सुशील चंद्रा की अापत्ति दर्ज कराने के
...
more...
बाद रेलवे द्वारा की जा रही है। जानकारी के अनुसार उद‌्घाटन के दौरान बनाया गया प्लेटफार्म नंबर चार मीडियम श्रेणी का था, जिसे अब हाईलेवल का बनाया जाएगा। इसकी ऊंचाई, लंबाई और चौड़ाई पहले की तुलना में बढ़ जाएगी। ऊंचाई बढ़ने के बाद फर्श दुबारा तैयार करवाया जाएगा। यानी पूरे प्लेटफार्म को नया स्वरूप देने के लिए 10 रोज से मजदूर लगे हुए हैं। काम शुरू हो चुका है। इसे मार्च 2018 से पहले कंपलीट करना होगा। रेलवे को इससे दोहरी चपत लगेगी। मोटे अनुमान के अनुसार नए काम पर करीब 35 से 40 लाख रुपए खर्च होंगे।
मापदंड : हाईलेवल प्लेटफाॅर्म की 580 मीटर होती है लंबाई
हाईलेवल प्लेटफार्म की लंबाई 580 मीटर होती है, चौड़ाई 10 मीटर और ऊंचाई करीब पौने तीन फीट होती है। चूरू के इस प्लेटफार्म पर 48 मीटर का शैड बनेगा और स्टेशन पर एक दूसरे प्लेटफार्म पर आने जाने का पुल भी बनेगा। पहले इसकी लंबाई 420 मीटर ही थी। इसी तरह चौड़ाई 6 मीटर और ऊंचाई महज डेढ़ फीट ही थी। शैड नहीं था और पुल भी नहीं बनाया गया था।
फायदा : अन्य प्लेटफाॅर्म की तरह मिलेगी सुविधाएं
प्लेटफार्मनंबर 4 की लंबाई, चाैड़ाई ऊंचाई बढ़ने के साथ ही यहां पहले से मौजूद 3 प्लेटफार्म की तरह यात्रियों को इस प्लेटफार्म पर भी सुविधा मिलेगी। सीकर की ट्रेन पकड़ने के लिए अब यात्री पुल का उपयोग कर सकेंगे। जिस तरह प्लेटफार्म नंबर दो तीन पर आने के लिए यात्री पुल का उपयोग करते हैं, उसी तरह प्लेटफार्म नंबर 4 पर कर सकेंगे। यानी चार नंबर से किसी भी दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जा सकेंगे।
हाईलेवल का बन जाएगा प्लेटफार्म नंबर चार
^चूरू-सीकरब्रॉडगेज ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनों के लिए बनाया गया प्लेटफार्म मीडियम श्रेणी का था। सीआरएस की आपत्ति के बाद इसे हाईलेवल का बनाया जा रहा है, इससे यात्रियों को फायदा होगा। कोई भी ट्रेन इस प्लेटफार्म पर सकेगी। -सीआरकुमावत, सीनियर डीसीएम, बीकानेर रेलवे
चूरू-सीकर के नए ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन के लिए चूरू रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 4 बनाया गया है। रेलवे अधिकारियों ने आनन-फानन में इस प्लेटफार्म को मीडियम श्रेणी का बना दिया। 19 सितंबर 2017 को सीआरएस सुशील चंद्रा चूरू-फतेहपुर ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंचे तो वे प्लेटफार्म को देखकर नाराज हुए और उन्होंने अपनी रिपोर्ट में ट्रैक को तो आेके बता दिया, मगर रेलवे स्टेशन पर बने प्लेटफार्म नंबर 4 के लेवल, शैड पुल नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने रिपोर्ट में यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए सुविधाएं मुहैया करवाने की बात कही। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने आनन-फानन में दुबारा प्लान बनाकर काम शुरू करना पड़ा। सीआरएस की आपत्ति के बाद प्लेटफार्म नंबर 4 भी पहले बने 1, 2 3 नंबर प्लेटफार्म की तरह ही हो जाएगा। नवनिर्माण के बाद इस प्लेटफार्म पर 16 कोच की ट्रेन खड़ी हो सकेगी। अभी इसकी लंबाई 420 मीटर है, जो बढ़कर 580 मीटर होगी। इससे यात्रियों को आवागमन में राहत होगी।
चूरू.प्लेटफार्म नंबर 4 पर काम करते मजदूर।

1 posts - Sat Dec 30, 2017 - are hidden. Click to open.

1237 views
Dec 31 2017 (16:06)
a2z~   2345 blog posts
Re# 2953470-2            Tags   Past Edits
PF No4 shall be a high level or low level one should be decided during planning of the project and much before its actual construction. Now CRS asking to break the newly constructed PF is a matter of surprise and is case of wastage of resources or of poor planning.
Dec 11 2017 (23:20)  After Two Year Hiatus, Churu Gets Broad Gauge Line (cdn.epaper.dnaindia.com)
back to top
New Facilities/TechnologyNWR/North Western  -  

News Entry# 324415   Blog Entry# 2878791     
   Past Edits
Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Sikar Junction/SIKR added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335

Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Delhi Sarai Rohilla/DEE added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335

Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Jaipur Junction/JP added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335

Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Sikar Junction/SIKR added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335

Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Degana Junction/DNA added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335

Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Phulera Junction/FL added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335

Dec 11 2017 (23:20)
Station Tag: Churu Junction/CUR added by Sai Vineet Mohan Sinha/1431335
 
 
JAIPUR: Here is good news for the people of Shekhawati region, including armymen, ex-servicemen and traders' community seeking direct broad gauge rail connectivity to Delhi. Six months after starting broad gauge rail connectivity from Sikar to Delhi was started via Jhunjhunu, similar connectivity was started on Saturday from Sikar to Delhi this time via Churu, Bikaner.
With this, majority of the Shekhawati region, including Sikar, Jhunjhunu, Fatepur, Churu, Sadulpur and Bikaner, get directly connected to Delhi.
On Saturday minister of states for rail, Rajen Gohain flagged off the train between Sikar and Churu
...
more...
on the broad gauge track. In the near future people can expect direct train to Delhi from Sikar via Churu and Fatehpur Shekhawati.
"It will certainly boost tourism in the area as the foreign tourists attracted towards Havelis of Shehkhawati and other monuments can directly enter into Shekhawati region after landing in Delhi, " said Anurag Sharma, a manager at a leading telecommunication company at Churu said.
Train from Sikar to Delhi Sarai Rohilla train via Churu will take 2 hours less than what it used to take on meter gauge line. It will also enable the army men, ex-servicemen, para military forces and trader community to direct go to Delhi without even coming to Jaipur.
"It was actually problematic for the people of Churu, Sikar and Fatehpur to go to Delhi by train as earlier they had to take train on broad gauge track from Jaipur to Delhi which was time consuming. Now, with the start of this route Sikar, Fatehpur, Sadulpur, Bikaner, Jhunjhunu is directly connected to Delhi," said Tarun Jain, chief public relations officer, NWR.

5398 views
Dec 11 2017 (23:34)
12301HowrahRajdhaniTheGod~   2448 blog posts   1 correct pred (100% accurate)
Re# 2878791-1            Tags   Past Edits
Dec 06 2017 (20:06)  दो साल के इतंजार के बाद नौ दिसंबर को चूरू से सीकर के बीच रेल सेवा बहाल हो जाएगी (m.patrika.com)
back to top
New/Special TrainsNWR/North Western  -  

News Entry# 324096     
   Past Edits
Dec 06 2017 (20:06)
Station Tag: Sikar Junction/SIKR added by Tejas get New Locomative Engine/532278

Dec 06 2017 (20:06)
Station Tag: Churu Junction/CUR added by Tejas get New Locomative Engine/532278
 
 
सीकर-चूरू जिले के लाखों यात्रियों को रेल सेवा के लिए जिस पल का इंतजार है वह दो दिन बाद आने वाला है। दो साल के इतंजार के बाद नौ दिसंबर को चूरू से सीकर के बीच रेल सेवा बहाल हो जाएगी। रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन चूरू पहुंच कर स्टेशन पर चूरू से फतेहपुर तक ट्रैक का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के बाद चूरू से सीकर के बीच चलने वाली टे्रन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

डीआरएम व सीनियर डीसीएम ने लिया जायजा
मंगलवार
...
more...
को उत्तर-पश्चिम रेल मंडल बीकानेर के डीआरएम एके दूबे व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सीआर कुमावत ने चूरू स्टेशन पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। डीआरएम दूबे ने स्टेशन पर मिली कमियों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। स्टेशन पर प्याऊ सहित जगह-जगह लगे पम्फलेट्स को शीघ्र हटवाने के लिए पाबंद किया। इसके अलावां टूट-फूट को दो दिन के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने स्टेशन स्थित रेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर वरिष्ठ मंडल समन्वय अभियंता एनके शर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर चूरू नवल कुमार यादव व सीटीआई राजपाल सिंह आदि मौजूद थे।
शुरू में चलेगी एक ट्रेन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुमावत ने बताया कि लोकार्पण के बाद दूसरे दिन से एक टे्रन चूरू-सीकर के बीच नियमित चलेगी। एक बार चूरू से सीकर व एक बार सीकर से चूरू के बीच चलेगी। इसके बाद और टे्रने बढ़ाई जाएंगी। कार्यक्रम को लेकर स्टेशन पर साफ-सफाई सहित अन्य सैंदर्यकरण का काम तेज कर दिया गया है। स्टेशन पर देर शाम तक काम किया जा रहा है। वहीं डीआरएम ने भी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान को कहा है।
जयपुर तक सफर के लिए करना होगा डेढ़ साल इंतजार
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुमावत ने बताया कि मार्च 2019 तक सीकर से जयपुर के बीच ट्रेक की शुरूआत होने की संभावना है। चूंकि रींगस में फ्लाई ओवर को लेकर अड़चन बनी हुई है। यह मामला सुलझने के बाद काम जल्दी पूरा हो जाएगा।फिर भी कोशिश की जा रही है कि डेढ़ साल के अंदर जयपुर तक का ट्रेक चालू हो जाए।
यह रहेगा राज्य मंत्री का कार्यक्रम
सांसद राहुल कस्वां ने बताया कि रेल राज्य मंत्री गोहेन दिल्ली से चूरू ट्रेन से आएंगे।वे यहां करीब ११.३० बजे तक पहुंचेंगे। इसके बाद चार नंबर प्लेट फार्म पर चूरू-फतेहपुर तक के ट्रेक का लोकार्पण करेंगे और चूरू से सीकर के बीच चलने वाली ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से उनका स्वागत भी किया जाएगा। वे अल्प समय के लिए समारोह को संबोधित भी करेंगे। सांसद कस्वां के मुताबिक आठ दिसंबर को तैयारियों का पुन : जायजा लिया जाएगा। इस दौरान डीआरएम भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की फाइनल रूपरेखा भी तय की जाएगी।
ट्रेक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
15 नवंबर 2015 को बंद हुई मीटर गेज टे्रन
28-29 सितंबर को ट्रेक का सीआरएस हुआ
09 दिसंबर को ब्रॉडगेज टेन का सफर शुरू
Dec 02 2017 (14:10)  सबसे बड़ी खुशखबरी : दो साल का इंतजार हुआ खत्म, अब इस दिन सीकर पहुंचेगी ब्रॉडगेज की नई ट्रेन (m.patrika.com)
back to top
New/Special TrainsNWR/North Western  -  

News Entry# 323822     
   Past Edits
Dec 02 2017 (14:10)
Station Tag: Sikar Junction/SIKR added by Tejas get New Locomative Engine/532278

Dec 02 2017 (14:10)
Station Tag: Churu Junction/CUR added by Tejas get New Locomative Engine/532278
 
 
9 दिसम्बर को रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन उदघाटन ट्रेन को चूरू से सीकर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
बिसाऊ. कस्बे सहित क्षेत्र के लोगों का सीकर के लिए ट्रेन का दो साल का इंतजार 9 दिसम्बर को पूरा होने वाला है। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन उदघाटन ट्रेन को चूरू से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान चूरू सांसद राहुल कस्वा सहित रेलवे के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि सीकर से फतेहपुर के बीच पहले से पैंसेजर ट्रेन चल रही है। ऐसे में चूरू-से फतेहपुर के ट्रैक
...
more...
के शुरू होते ही सीकर तक ट्रेन चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। चूरू-सीकर ट्रेक को शुरू करवाने के लिए चूरू सांसद कस्वा सक्रिय रहे और रेल मंत्री, रेल सचिव आदि से मिलकर दो साल से बंद पड़े ट्रेक को चालू करने की मांग की।




इस बारे में सांसद राहुल कस्वा ने बताया कि रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन का कार्यक्रम तय हो चुका है। शनिवार 9 दिसम्बर को दिल्ली से ट्रेन में बैठकर मंत्री गोहेन के साथ सांसद कस्वा सुबह 11.30 बजे चूरू पहुंचेंगे और उदघाटन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सीकर के लिए रवाना करेंगे। सन 2009 तक मीटरगेज लाइन पर जयपुर-बीकानेर के बीच ट्रेन चलती थी।
अब दोनों ही जगहों के लिए ट्रेन नहीं होने से लोगों को मजबूरन अधिक किराया खर्च कर प्राइवेट, लोक परिवहन और रोडवेज बसों में सफर करना पड़ रहा है। हालांकि अभी सीकर से जयपुर तक का ब्रॉडगेज काम जारी है। लेकिन रेलवे सीकर से बीकानेर ? तथा गंगानगर के लिए जल्द ट्रेन शुरू कर सकता है।
सीकर रेलवे स्टेशन की जमीन पर बनेंगी होटलें
सीकर. ब्रॉडगेज का काम पूरा होने के बाद सीकर देश के प्रत्येक कोने से जुडऩे के साथ रेलवे की जमीनें भी शहर के विकास में सहभागी बनेगी। रेलवे स्टेशन के पास शेष बची जमीन को होटल व अन्य व्यवसायिक कार्य की योजना बना रहा है। यह जमीनें रेलवे की ओर से लीज पर दी जाएगी। इसके बाद इन जमीनों पर होटल व व्यवसायिक कॉम्पलेक्स बनाए जा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार सीकर में स्टेशन के पास रेलवे की करीब २० बीघा जमीन है।
मध्य में है स्टेशन
रेलवे स्टेशन शहर के मध्यम में स्थित है। नवलगढ़ रोड पुलिया के पास व्यावसायिक क्षेत्र में भी रेलवे की काफी जमीन है। इस जमीन पर पर्यटन को बढ़ावा देने वाले होटल व अन्य कार्य किए जाए तो रेलवे को आर्थिक लाभ रहेगा। हालांकि रेलवे ने इससे पहले रसीदपुरा में प्याज गोदाम के लिए जमीन लीज पर देने का निर्णय किया था, लेकिन उस दौरान किसी ने भी इसके लिए आवेदन नहीं किया।
होगा चिन्हीकरण
रेलवे के डवलपमेंट विभाग ने व्यवसायिक गतिविधियों के लिए जमीन का सर्वे कर लिया है। अब इसके लिए चिह्नीकरण किया जाएगा। रेलवे के पीआरओ तरुण जैन का कहना है कि रेलवे में डवलमेंट के कार्य जारी है। उदयपुर में हाल ही में रेलवे की जमीन पर होटल का निर्माण हुआ है। सीकर के लिए रेलवे की जमीन पर विकास के प्रस्ताव है।
यात्रियों के गले सूखे
रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रोनिक इंटरलोकिंग का कार्य पूरा होने के बाद दो नंबर प्लेट फार्म से भी रेलों का संचालन कर दिया गया है, लेकिन यहां पर पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों के गले सूखे हैं। इस प्लेटफार्म पर पांच स्थानों पर पानी की टंकियां बनी हुई है, लेकिन एक में भी पानी नहीं आ रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण के दौरान पाइन लाइन टूट गई। जल्द ही इसे जोड़ दिया जाएगा।
Page#    Showing 1 to 20 of 52 News Items  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom


Go to Desktop site
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.