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Large Station Board;

GRE/Gola Road (1 PFs)
     गोला रोड

Track: Single Electric-Line

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 1
Number of Halting Trains: 4
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Elevation: 340 m above sea level
Zone: SER/South Eastern
Division: Ranchi
 
 
No Recent News for GRE/Gola Road
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Station News

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Aug 29 2017 (07:17)  गोला रोड-मुरी में हो सकता है हादसा (epaper.jagran.com)
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IR AffairsSER/South Eastern  -  

News Entry# 313636     
   Past Edits
Aug 29 2017 (07:17)
Station Tag: Gola Road/GRE added by ॐ शांति ॐ स्टार भारत पर शाम 6 बजे🙏^~/1421836

Aug 29 2017 (07:17)
Station Tag: Muri Junction/MURI added by ॐ शांति ॐ स्टार भारत पर शाम 6 बजे🙏^~/1421836

Aug 29 2017 (07:17)
Station Tag: Ranchi Junction/RNC added by ॐ शांति ॐ स्टार भारत पर शाम 6 बजे🙏^~/1421836
 
 
मुख्य बातें
वेतन रेलवे का, चाकरी कर रहे अफसरों के घर में
20-30 किमी स्पीड के बदले धड़धड़ाती हुई दौड़ी ट्रेन, रेलवे ही भूल गया चालकों को कॉशन ऑर्डर देना
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शक्ति
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सिंह ’ रांची 1रांची रेल मंडल में भी मुजफ्फरनगर रेल दुर्घटना की कहानी दोहराई जा सकती थी। गोला रोड - मुरी के बीच ट्रैक पर काम चल रहा है। जहां काम होता है गाड़ी धीमी गति से चलाने का कॉशन आर्डर स्टेशन मास्टर जारी करते हैं। 20 किलोमीटर गति सीमा यानी अति संवेदनशील स्थिति। मगर इसी 26 अगस्त को इस रूट पर ट्रेन 20-30 के स्पीड के बदले धड़धड़ाती हुई दौड़ती रही। दरअसल स्टेशन मास्टर ने छह के बदले सिर्फ तीन कॉशन आर्डर जारी किया था। यानी इस रूट के तीन हिस्से में स्पीड को लेकर सावधानी बरतनी थी। इसी तरह की चूक के कारण मुजफ्फरनगर में रेल हादसा हुआ था, दर्जनों लोग मारे गए थे। शुक्र है गोला रोड-मुरी रूट के ट्रेन चालक की ट्रैक बोर्ड पर नजर पड़ी और आनन-फानन में ब्रेक मार ट्रेन की गति धीमी की जाती रही।1 लोको पायलट को स्टेशन मास्टर की चूक का एहसास तक हुआ जब उसकी नजर ट्रैक के किनारे साइन बोर्ड पर गई, जिसमें ट्रेन की गति सीमा दर्शायी गई थी। मामला तब उजागर हुआ जब इसकी शिकायत मालगाड़ी के लोको पायलट ने मुरी के क्रू लॉबी में की। 26 अगस्त को यह घटना मालगाड़ी 27964 के साथ हुई और रेलवे पदाधिकारियों को इसकी जानकारी सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद मिली। अगर लोको पायलट इसकी शिकायत नहीं करता तो, न जाने कितनी ट्रेनें सिर्फ तीन कॉशन पर गोला रोड और मुरी के बीच दौड़ती रही। उत्तर प्रदेश में हुई रेल दुर्घटना के बाद वरीय अधिकारियों द्वारा रेलवे के सुरक्षित परिचालन और सुरक्षा को लेकर बैठक हुई थी।जागरण संवाददाता, रांची : रेलवे में सब कुछ उल्टा-पुल्टा चल रहा है। आए दिन विभाग में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रहीं हैं। कार्रवाई भी हो रही है, लेकिन रेलवे है कि मानता नहीं। अब इसी कड़ी में एक नया मामला सामने आया है। रेलवे ने वैसे कई कर्मियों की पहचान की है, जो वेतन तो रेलवे से ले रहे हैं, लेकिन लगे हैं अफसरों के घर चाकरी करने में। ऐसे 300 कर्मियों की पहचान हुई है। इनमें अधिकतर ट्रैक मैन शांिमल हैं। अब रेलवे इन कर्मियों को अफसरों के घरों से हटाकर फिल्ड में भेजने की तैयारी में है। इस बाबत सीनियर डीइएन को आदेश जारी कर दिया गया है।1 मिली जानकारी के अनुसार रेल कर्मचारियों को रेलवे में मिले दायित्व के अनुसार रेलवे वेतन देता हैं, परंतु रांची रेलमंडल के कुछ अधिकारी अपने पद और पावर का रौब दिखाते हुए उन्हें अपने-अपने घरों पर निजी कार्य में लगा रखे थे। यह भी जानकारी मिली है कि जो कर्मी विरोध करते हैं, उनके साथ बुरा बर्ताव किया जाता है और उन्हें चार्जशीट देने की धमकी तक दी जाती हैं। 1शिकायत के बाद हरकत में आया रेलवे : जब इसकी शिकायत दक्षिण पूर्व रेलवे के अपर महाप्रबंधक के पास पहुंची, तो हड़कंप मच गया। इसके बाद दक्षिण पूर्व रेलवे ने कार्रवाई करते हुए सीनियर डीइएन विशाल आनंद को निर्देश दिया है कि जिनका जिस कार्य के लिए रेलवे में बहाली हुई है, उन्हें उसी कार्य में लगाएं। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि यदि जांच में कर्मचारियों को गलत ।इन तीन क्षेत्रों को नहीं दर्शाया गया था कॉशन ऑर्डर में 1गोला रोड से मुरी के बीच छह में से सिर्फ तीन कॉशन ऑर्डर को अंकित किया गया था। जबकि गोला रोड से हारूबेरा के बीच 375/ 16-15 के बीच 20 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा, बरलंगा से हारूबेरा 370 /16-15 के बीच 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा और बरलंगा यार्ड के 363 /12-87 के बीच 20 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित थी। पर इन्हें सभी कॉशन को देना ही रेलवे अपने चालकों को भूल गया । 1कई ट्रेनों के साथ इसी तरह की बरती गई लापरवाही 1संभावना जताई रही है कि इस लापरवाही को सिर्फ मालगाड़ी की नहीं बल्कि पैसेंजर ट्रेनों के साथ भी बरती गई है। अब जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि किन-किन ट्रेनों के साथ ऐसी लापरवाही बरती गई।यह बड़ी लापरवाही है। इस मामले को लेकर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। अब यह देखना होगा कि चूक किस स्तर पर हुई है। 1नीरज कुमार, 1सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडलपूर्व में भी इस तरह के मामले आ चुके हैं सामने 1पूर्व में भी रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के वरीय अधिकारी गैंग मैन और ट्रैक मैन से अपने घर पर काम करवाते रहे हैं। प्राप्त सूचना के अनुसार मंडल में तीन सौ ट्रैक मैन को इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने अपने घरों में खाना बनाने के लिए रखा था, जबकि सौ कर्मियों को कार्यालय में लगाया गया था।1ऐसे हुआ मामला उजागर 117 अगस्त को दक्षिण पूर्व रेलवे के अपर महाप्रबंधक एक कार्यक्रम में भाग लेने रांची आए हुए थे। कार्यक्रम उपरांत ट्रैक मैन (फोर ) त्रिशूल साहू ने अपनी पीड़ा सुनाई। उसने सेटलमेंट एइएन अजय कुमार की शिकायत की थी। बताया था कि 16 अप्रैल से उक्त अधिकारी के यहां वह खाना बना रहा है। जब 15 अगस्त से खाना बनाने से इन्कार किया, तो उसे चार्जसीट थमा देने की धमकी दी गई और फोन पर धमकी भरा एसएमएस भी दिया गया। जांच में इंजीनियरिंग विभाग के की और आला अधिकारियों के यहां भी कर्मचारियों को निजी कार्य करते हुए पाया गया। गौरतलब है कि रेलवे के वरीय अधिकारियों को ऐसी शिकायत मिल रही थी कि कुछ अफसर कर्मचारियों की ऑफिस की जगह घरों पर काम करवाते हैं। इसके बाद मामले की जांच करवाई गई।ट्रैक की जांच की जगह ऑफिस काम में लगाया 1 ट्रैक मैन नरेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, गोविंद चंद्रा पॉल, रिजवान अंसारी, सुरेश लाल रजक, अभिषेक कुमार, पी महतो, जितेंद्र कुमार, ब्रजेश कुमार भरती, महेंद्र शर्मा, मुकेश कुमार, आरएन राव व अशोक साव इन सभी की बहाली ट्रैक मैन के रूप में हुई है, लेकिन अधिकारियों ने इन्हें ऑफिस काम में लगा रखा है। इसके अलावा कई ऐसे कर्मचारी हैं,जो कार्यालय के बदले घरों में काम कर रहे हैं। ऐस कर्मियों को हटाने का आदेश है।1जिसका जो काम है, वहीं करेंगे। दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय से इस संबंध में निर्देश आ गया है। कर्मचारियों की नियुक्ति मूल कार्य स्थल पर की जाएगी।1 वीके गुप्ता, डीआरएम, रांची रेलमंडल।’2009 जांच के दौरान सामने आया मामला1’2009 300 ट्रैक मैन अधिकारियों के घर का बना रहे थे खाना 1’2009 शिकायत मिलने के बाद मचा हड़कंप, जोनल ऑफिस से आया निर्देश1’2009 जोनल ऑफिस से निर्देश के बाद अब अधिकारियों के आवास पर काम कर रहे कर्मियों की फिल्ड में लगाई जाएगी ड्यूटी
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