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Maitree Express: মৈত্রী এক্সপ্রেস - দুই বাংলার সংস্কৃতি ও ভাতৃত্বের মেলবন্ধন - Joydeep Roy

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Close-up; Small Station Board;
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Night Pic; Small Station Board;
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BPL/Bhopal Junction (6 PFs)
بھوپال جنکشن     भोपाल जंक्शन

Track: Triple Electric-Line

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Type of Station: Junction
Number of Platforms: 6
Number of Halting Trains: 330
Number of Originating Trains: 32
Number of Terminating Trains: 32
Junction Point BINA/MKC/ET, Navbahar Colony, Bhopal, 462001
State: Madhya Pradesh
add/change address
Zone: WCR/West Central
Division: Bhopal
25 Travel Tips
No Recent News for BPL/Bhopal Junction
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Rating: 3.6/5 (411 votes)
cleanliness - average (55)
porters/escalators - good (53)
food - good (52)
transportation - good (53)
lodging - good (49)
railfanning - good (50)
sightseeing - good (48)
safety - good (51)

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Page#    Showing 1 to 20 of 3489 News Items  next>>
YRF एंटरटेनमेंट की पहली ओ.टी.टी. सीरीज़, द रेलवे मेन, दरअसल 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के गुमनाम नायकों को एक श्रद्धांजलि है। इस हादसे में कई लोगों की जान बचाने वाले बहादुर लोगों को सलामी देने के लिए, वाईआरएफ ने उसी दिन इस प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिस दिन इस त्रासदी ने 37 साल पहले भोपाल में क़हर बरपाया था। भारत का सबसे बड़ा और इकलौता प्रोडक्शन हाउस, यशराज फिल्म्स जो अपनी बातों पर टिका रहता है, भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल कंटेंट (ओवर-द-टॉप या OTT) क्षेत्र में अपना पहला कदम रख रहा है। वाईआरएफ के स्ट्रीमिंग कंटेंट प्रोडक्शन बिज़नेस का नाम वाईआरएफ एंटरटेनमेंट होगा और यह अपने पहले साल में पाँच विशाल प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी शुरुआत करेगा।
इस
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बैनर की ओर से पेश किया जाने वाला पहला बड़ा प्रॉजेक्ट है 'द रेलवे मेन', जो इंसानी भूल के कारण उत्पन्न हुई दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा, 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के गुमनाम नायकों को दी जाने वाली एक श्रद्धांजलि है। ये गुमनाम नायक भोपाल स्टेशन पर काम करने वाले रेलवे के कर्मचारी हैं। वाईआरएफ ने उसी दिन भोपाल के उन वीरों को सलामी देने के लिए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिन्होंने 37 साल पहले इस शहर पर मुसीबत के आने पर हजारों लोगों की जान बचाई थी। 'द रेलवे मेन' का निर्देशन पहली बार निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे शिव रवैल द्वारा किया जा रहा है। ये काफी समय से वाईआरएफ के साथ काम करते आ रहे हैं और इनका मार्गदर्शन आदित्य चोपड़ा कर रहे हैं।
शिव YRF एंटरटेनमेंट में एक सीज़न की सीमित सीरीज़ के साथ किसी आपदा की स्थिति में इंसान की आत्मा के लचीलेपन के बारे में काम करना शुरू करेंगे। द रेलवे मेन में आर माधवन, के के मेनन, दिव्येंदु शर्मा और बाबिल खान जैसे चार शानदार कलाकार नज़र आयेंगे। यह शो इन चार कलाकार पर आधारित होगा। वैसे यह कंपनी कुछ समय के बाद कई और ज़बरदस्त कलाकारों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किए जाने की भी घोषणा करेगी। द रेलवे मेन की शूटिंग 1 दिसंबर से शुरू हो गई है।
यश राज फिल्म्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अक्षय विधान ने कहा, "भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बुरी औद्योगिक दुर्घटना है, जिसने 37 साल पहले शहर में आई इस त्रासदी के बाद से कई लोगों पर अपना असर डाला है। वाईआरएफ में, हम दर्शकों के लिए सबसे अच्छी दिलकश कहानियों को तैयार करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं और यह प्रॉजेक्ट इस त्रासदी के उन गुमनाम नायकों को हमारी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने बदक़िस्मती से भरे उस दिन में हज़ारों लोगों की जान बचाई थी, पर वे दुनिया भर के लोगों के लिए अभी भी अनजान हैं।”
वाईआरएफ एंटरटेनमेंट के कार्यकारी निर्माता योगेंद्र मोगरे कहते हैं, “द रेलवे मेन उनकी भावना, उनकी हिम्मत और उनकी इंसानियत को सलाम करती है। यह एक ऐसी कहानी है जिसे दुनिया को सुनाना ज़रूरी है। हम इस कहानी को दुनिया भर के दर्शकों तक सबसे अच्छे ढंग से पहुँचाना सुनिश्चित करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ंगे ताकि वे भारत में हुई इस त्रासदी के कारण हुई तबाही की गहराई को समझ सकें।”
2 दिसंबर, 1984 की आधी रात के बाद, अमेरिकन यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन की एक कीटनाशक फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हो गया। ऐसा बताया गया है कि उस रात पाँच लाख से अधिक लोग जहर का शिकार बने थे और आधिकारिक मृत्यु का आंकड़ा 5,000 से ऊपर पहुँच गया था। बचे हुए हज़ारों लोग उनके बच्चे और पोते-पोतियाँ इस रिसाव के कारण कैंसर, अंधेपन, साँस, रोग प्रतिकारक शक्ति और तंत्रिका प्रणाली से जुड़ी समस्याओं जैसी बीमारियों से आज भी जूझ रहे हैं। देश को दहला देने वाले इस संकट के मद्देनजर इंसानियत और एक इतनी विशाल कुर्बानी को श्रद्धांजलि देने के तौर पर वाईआरएफ एंटरटेनमेंट की द रेलवे मेन को 2 दिसंबर, 2022 को OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करेगी।
Dec 02 (13:36) जबलपुर रेलवे स्‍टेशन पर ज्‍यादा कमाई के चक्‍कर में वेंडरों में होती है हाथापाई, चलते हैं चाकू (www.naidunia.com)
IR Affairs
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News Entry# 471392  Blog Entry# 5151542   
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Dec 02 2021 (13:36)
Station Tag: Kota Junction/KOTA added by Adittyaa Sharma/1421836

Dec 02 2021 (13:36)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by Adittyaa Sharma/1421836

Dec 02 2021 (13:36)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by Adittyaa Sharma/1421836
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्लेटफार्म पर खड़े हों या फिर ट्रेन में सफर कर रहे हो, भूख लगते ही आप वेंडरों को तलाशने लगते हैं, ताकि उनसे खाना खरीदकर अपनी भूख मिटा सके। यह सच है कि यात्री और खाने के बीच की एक कड़ी का काम वेंडर को सौंपा गया है, लेकिन इस जिम्मेदारी को सौपने वाला रेलवे इन दिनों उनसे खुद परेशान है। खाने को लेकर वैध वेंडरों के बीच हो रहे विवाद ने रेलवे का भी सिर दर्द बढ़ा दिया है। वेंडरों के बीच हो रहे विवाद मारपीट और चाकूबाजी तक आ पहुंचा है।
नईदुनिया ने वेंडरों के बीच बढ़ते विवाद की हकीकत जाननी चाही तो पता चला कि स्टेशन पर वेंडरों की बढ़ी संख्या और आपस में खाना
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बेचने को लेकर प्रतिस्पर्धा, विवाद की दो मुख्य वजह हैं।
ऐसे समझें: पहला- दोगुने हुई वेंडर की संख्या- रेलवे ने स्टेशन पर स्टॉल की संख्या के साथ इनमें तैनात वैध वेंडर की संख्या भी बढ़ा दी है। पहले खाने के एक स्टॉल में आठ वेंडर और दो मैनेजर होते थे, लेकिन रेलवे ने अपनी आय बढ़ाने के लिए इनकी संख्या 18 कर दी है, जिससे पहले की तुलना में स्टेशन पर वेंडर की संख्या दोगुनी हो गई है।
दूसरा- एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा- स्टेशन पर जितने स्टॉल हैं, उनके संचालक अलग-अलग हैं। सभी आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। कई बार दूसरे स्टॉल का वेंडर अन्य किसी स्टॉल के सामने खड़ा होकर खाना बेचता है, जिससे विवाद की स्थिति बनती है। जबलपुर स्टेशन पर दीवाली की रात वेंडर के बीच हुई चाकूबाजी की भी यही वजह थी।
यह भी है कारण: बिरयानी को लेकर विवाद- इन दिनों वेंडरों के बीच सबसे ज्यादा विवाद बिरयानी को लेकर हो रहा है। स्टॉल संचालक बताते हैं कि इसमें ज्यादा मुनाफा होता है। चावल और दो अंडे बनने वाली एक बिरयानी की लागत लगभग 18 से 20 स्र्पये आती है। रेलवे का दाम 70 स्र्पये है, लेकिन भीड़ के दौरान ज्यादा बेचने के लिए यह 25 स्र्पये तक बिरयानी बेच देते हैं।
बेचने का दायरा तय नहीं- प्लेटफार्म एक पर तैनात वेंडर, दो पर भी खाना बेचने चला जाता है। इन्हें रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में कमर्शियल विभाग और आरपीएफ के पास स्टॉफ ही नहीं। कई बार अपराधिक प्रवृत्ति के वेंडर कर्मचारी-अधिकारियों को भी धमका देते हैं।
जबलपुर समेत तीनों मंडल में शुरू अभियान: पश्चिम मध्य रेलवे के कमर्शियल विभाग ने स्टेशन और ट्रेन में खाने की गुणवत्ता सुधारने के साथ वेंडरों के विवादों को रोकने के लिए जांच अभियान शुरू कर दिया है। जबलपुर के बाद अब भोपाल और कोटा रेल मंडल में स्टेशन और ट्रेनों में जाकर रेलवे के जांच अधिकारी खाने की जांच करेंगे। वहीं वहां तैनात वेंडरों को पुलिस और मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच करेंगे। गड़बड़ी होने पर मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश पमरे जोन ने दे दिए हैं।
कम होगी वेंडर की तय संख्या: जबलपुर रेल मंडल में बढ़ते वेंडर के विवादों को रोकने के लिए कारणों की समीक्षा की गई। इस दौरान वेंडरों की संख्या कम करने का सुझाव सामने आया है। कमर्शियल विभाग ने पश्चिम मध्य रेलवे जोन के कमर्शियल विभाग को वेंडरों की तय संख्या कम करने का प्रस्ताव भेजा है। यदि प्रस्ताव पर सहमति बन जाती है तो तय संख्या में 25 फेीसदी तक की कटौती की जाएगी। अभी जबलपुर रेलवे स्टेशन में 300 वेंडर हैं।
------------------------
- जबलपुर, भोपाल और कोटा रेल मंडल में आरपीएफ द्वारा अभियान चलाकर वेंडरों की जांच की जाती है। यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आरपीएफ की जांच से बेहतर परिणाम भी मिले हैं।
प्रदीप कुमार गुप्ता, आईजी, आरपीएफ, पमरे
- वेंडरों को पुलिस सत्यापन किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर तैनात वेंडर की तय संख्या में कटौती की जा सकती है। खाने की जांच के लिए मंडल में लगातार अभियान चल रहा है।
विश्वरंजन, सीनियर डीसीएम, जबलपुर रेल मंडल
Dec 02 (13:25) रामपथ यात्रा ट्रेन के लिए बुकिंग शुरू:25 दिसंबर से चलेगी ट्रेन, 7560 और 12,600 रु. रहेगा पैकेज; इंदौर के पैसेंजर्स के लिए उज्जैन तो भोपाल वालों के लिए बैरागढ़ में रुकेगी (www.bhaskar.com)
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News Entry# 471387  Blog Entry# 5151517   
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Dec 02 2021 (13:25)
Station Tag: Sant Hirdaram Nagar/SHRN added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688

Dec 02 2021 (13:25)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688

Dec 02 2021 (13:25)
Station Tag: Ratlam Junction/RTM added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688

Dec 02 2021 (13:25)
Station Tag: Ujjain Junction/UJN added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688

Dec 02 2021 (13:25)
Station Tag: Indore Junction/INDB added by न्यूज अच्छी है चलो इसपर वीडियो बना देता हु/1084688
इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने भारत दर्शन ट्रेनों का संचालन पूरे देश में शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मप्र के यात्रियों के लिए आईआरसीटीसी आगामी 25 दिसंबर को मध्यप्रदेश के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से विशेष पर्यटन ट्रेन के माध्यम से रामपथ यात्रा के लिए रवाना करेगा। इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज सहित कई मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे। यह ट्रेन साबरमती, आनंद, छायापुरी, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हरिदाराम नगर(बैरागढ़), विदिशा, गंजबासौदा, बीना और झांसी स्टेशनों से होते हुए जाएगी। आईआरसीटीसी के अधिकारियों की माने तो प्रदेश के यात्री इन स्टेशनों से ट्रेन में सवार हो सकते है, जबकि इंदौर के यात्रियों के लिए उज्जैन स्टेशन ज्यादा नजदीक रहेगा।8 दिन की यात्रा, एक्सीडेंट इंश्योरेंस भीआईआरसीटीसी के अधिकारियों की मुताबिक 8 दिनों की इस यात्रा में आयोध्या, नंदीग्राम, वाराणसी, प्रयागराज, श्रंगवेरपुर एवं चित्रकुट के मंदिरों का दर्शन...
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कराया जाएगा। दर्शन करने जाने वाले यात्रियों को 7 हजार 560 रुपए (स्लीपर) प्रति व्यक्ति और 12 हजार 600 रुपए (एसी) प्रति व्यक्ति का खर्च आएगा। हालांकि इस पैकेज में यात्रियों के चाय, नाश्ते दोपहर और रात के भोजन के साथ ही रहने और घूमने की भी व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि टिकट शुक्ल में ही यात्रियों के चार लाख रुपए का एक्सीडेंट इंश्योरेंस भी शामिल रहेगा। वहीं यात्रा के दौरान कोविड नियमों का पालन भी होगा। सैनिटाइजर, मास्क और फेस शील्ड भी श्रद्धालुओं को दिए जाएंगे।
बुकिंग हो चुकी है शुरूइस ट्रेन की बुकिंग शुरू हो चुकी है। जो भी इस यात्रा पर जाना चाहे वे इसकी बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन और अधिकृत एजेंट के माध्यम से भी करा सकते है। इच्छुक व्यक्ति इन दोनों ही माध्यम से ट्रेन की बुकिंग करा सकते है।
Dec 01 (11:54) विवाद बढ़ा तो पश्‍चिम-मध्‍य रेलवे ने लगाई श्रमिक संघ की नवगठित कार्यकारिणी पर रोक (www.naidunia.com)
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News Entry# 471318  Blog Entry# 5150269   
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Dec 01 2021 (11:54)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP removed by Adittyaa Sharma/1421836

Dec 01 2021 (11:54)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by Adittyaa Sharma/1421836

Dec 01 2021 (11:54)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Bhopal Junction/BPL  
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। विवाद बढ़ता देख पश्चिम-मध्य रेलवे प्रबंधन ने रेलवे मजदूर संघ (डब्ल्यूसीआरएमए) की सीएम उपाध्याय व अशोक शर्मा वाली कार्यकारिणी पर रोक लगा दी है। रोक लगाने संबंधी जानकारी भोपाल रेल मंडल के डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय को भी प्रेषित कर दी है। जोन के अधिकारियों ने हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद रोक लगाने संबंधी आदेश मंगलवार को जारी किए। जोन के ही सहायक कार्मिक अधिकारी एवं कल्याण अभय कुमार गुप्ता ने 28 अक्टूबर को उक्त कार्यकारिणी को परिपत्रित किया था। जिसमें अशोक शर्मा और अनुज तिवारी का नाम भी शामिल है। जिस समय उक्त कार्यकारिणी को रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन का हवाला देते हुए परिपत्रित किया था, उसके पूर्व अशोक शर्मा और अनुज तिवारी पर जबलपुर के ओमती थाना में अपराध दर्ज हो चुका था। सूची में आरोपितों का नाम शामिल होने के बावजूद अधिकारियों ने उक्त कार्यकारिणी को सूचीबद्ध किया था और सभी डीआरएम और ब्रांच अधिकारियों को...
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इसकी सूचना भी दे दी थी। इसमें से अशोक शर्मा भोपाल रेल मंडल में वरिष्ठ लोको निरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं और पश्‍चिम-मध्‍य रेलवे मजदूर संघ में महामंत्री रह चुके हैं। इन्हें आरपी भटनागर द्वारा हटाने का दावा किया जा रहा है। अशोक शर्मा, अनुज तिवारी और अन्य पर यूनियन के खाते से 76.50 लाख रुपये निकालने के आरोप है। इसी मामले में ओमती थाने में अपराध भी दर्ज है। हाल ही में शर्मा को जमानत मिल गई है।
बता दें कि नई कार्यकारिणी को आरपी भटनागर ने अवैध बताया था। उनकी तरफ से सविता त्रिपाठी और एसके सिन्हा द्वारा हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें बताया था कि वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के चुनाव 2020 में हुए थे, जिसमें आरपी भटनागर को अध्यक्ष चुना गया है। उनका कार्यकाल दो वर्ष का है जो अभी खत्म नहीं हुआ है। उसके पहले ही भटनागर को छलपूर्वक इसलिए हटा दिया गया क्योंकि उन्होंने यूनियन के खाते से सदस्य रेलकर्मियों के जमा अंशदान में से 76.50 लाख् रुपये निकालने का विरोध किया था। राशि अशोक शर्मा, अनुज तिवारी व अन्य ने मिलकर निकाली है। इन पर ओमती थाने में अपराध दर्ज है। इसी बीच सीएम उपाध्याय अध्यक्ष पर पर काबिज हो गए थे। उपाध्याय व शर्मा ने कार्यकारिणी की सूची संशोधित कर ली और रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन को पेश कर दी थी। पूरा विवाद जाने बिना रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन ने उक्त कार्यकारिणी को सूचीबद्ध कर लिया था। इसी सूची को जोन ने भी परिपत्रित किया है, जो कि नियमों के खिलाफ है। इस दलील पर हाईकोर्ट ने 24 नवंबर को डब्ल्यूसीआरएमएस की कार्यकारिणी वाली सूची पर स्टे जारी कर दिया था। इसके आधार पर रेलवे ने भी उक्त सूची पर रोक लगा दी है।
नवीन सूची में जिनका नाम, उन्हें ही आपत्ति
इस पूरे घटनाक्रम में बड़ी बात यह है कि हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाली सविता त्रिपाठी और एसके सिन्हा डब्ल्यूसीआरएमएस की नवीन सूची में उपाध्यक्ष और सहायक महासचिव है। इन्होंने अपने पद की चिंता किए बिना हाईकोर्ट में नवीन सूची को चुनौती दी थी, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। जानकारों का कहना है कि यदि सबकुछ नियमों के तहत होता तो नवीन सूची में शामिल दोनों हाईकोर्ट की शरण नहीं लेते।
बड़ा सवाल, आरोपितों को कैसे कर दिया परिपत्रित
भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ लोको निरीक्षक अशोक शर्मा और रेलकर्मी अनुज तिवारी पर ओमती थाना में धारा 420, 409 और 120 बी के तहत अपराध दर्ज था, तब भी पश्चिम मध्य रेलवे के कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने आखिरकार किस आधार पर इन्हें सूचीबद्ध किया। रेलवे मामलों के जानकारों का कहना है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। अपराध दर्ज होने के बाद से लेकर अब तक आरोपित रेलकर्मियों को जोन व भोपाल मंडल द्वारा लाभ देने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जानी चाहिए। यह घटना रेलवे पर कई सवाल खड़े करती है।
Dec 01 (08:15) जबलपुर रेलवे : क्यूआर कोड स्केन करते ही पता चलेगी वेंडर की असलियत (www.naidunia.com)
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News Entry# 471295  Blog Entry# 5150076   
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Dec 01 2021 (08:15)
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Dec 01 2021 (08:15)
Station Tag: Satna Junction/STA added by Adittyaa Sharma/1421836

Dec 01 2021 (08:15)
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Dec 01 2021 (08:15)
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Dec 01 2021 (08:15)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by Adittyaa Sharma/1421836
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे स्टेशन में यात्रियों को परोसे जा रहे गुणवत्ताहीन और महंगे खाने को लेकर नईदुनिया द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर स्टेशनों पर दिखने लगा है। जबलपुर रेल मंडल से लेकर पश्चिम अध्य रेलवे के अधिकारियों द्वारा न केवल जांच की जा रही है, बल्कि जबलपुर के साथ भोपाल और कोटा मंडल में भी वेंडरों का सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है। वहीं प्लेटफार्म के स्टाल और जनआहार केंद्रों में कमर्शियल विभाग द्वारा खाने की जांच की जा रही है।
पश्चिम मध्य रेलवे ने अब यात्री और खाने के बीच की कड़ी वेंडर के असली और नकली की पहचान के लिए क्यूआरकोड युक्त आइकार्ड दिए जा रहे हैं। स्टेशन, स्टाल और ट्रेन में खाना बेंचने वाले
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वेंडरों के आइकार्ड में लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्केन कर न सिर्फ जांच अधिकारी बल्कि यात्री भी उसकी संपूर्ण जानकारी मोबाइल पर देख सकेंगे। रेलवे का दावा है कि इससे अवैध वेंडरों पर रोक लगेगी। वहीं खराब खाना परोसने वाले वेंडर की जानकारी लेकर तत्काल उसकी शिकायत की जा सकेगी।
365 को दिए क्यूआरकोड लगे आइकार्ड : जबलपुर रेल मंडल की सीमा में 100 से ज्यादा रेलवे स्टेशन आते हैं। इनमें लगभग 20 से ज्यादा महत्वपूर्ण स्टेशन हैं। मंडल में कुल ढाई सौ से ज्यादा स्टाल हैं जिन्हें करीब 50 संचालक चला रहे हैं। रेलवे के मुताबिक इनमें एक हजार से ज्यादा वैध वेंडर हैं। इनमें से अब तक 365 वेंडर का सत्यापन हो चुका है। रेलवे ने इन सभी वेंडरों को क्यूआरकोड लगे आइकार्ड दे दिए हैं। इन वेंडरों को ड्यूटी के दौरान आइकार्ड पहनना होगा। न पहनने वाले वेंडर का कार्ड रद कर दिया जाएगा।
गर्म खाना ही यात्रियों को परोसना होगा : खाने की गुणवत्ता सुधारने के लिए जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग के सीनियर डीसीएम ने स्टाल संचालकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट लहजे में कह दिया है कि खाने में गुणवत्ता और मात्रा में किसी तरह की कमी मिली तो रेलवे उनका टेंडर रद करने में जरा भी देरी नहीं करेगी। यात्रियों से मिले फीडबैक के आधार पर अंडा बिरयानी पर रोक लगाने के बाद यात्रियों को गर्म खाना परोसने के निर्देश दिए हैं।
ये किए गए बदलाव :
अभी: वेंडर के पुलिस सत्यापन और मेडिकल के लिए कोई निर्धारित समय सीमा नहीं है।
अब: वेंडर को अब हर छह माह में अपना पुलिस सत्यापन और मेडिकल कराना होगा।
अभी: खानापूर्ति के तौर पर हर माह वेंडर का वेरीफिकेशन होता है।
अब: हर छह माह में होगा, संचालक तीन बार ही वेंडर बदल सकता है।
अभी: स्टाल से लिए जाने वाले सैंपल में सीएचआइ की मनमर्जी चलती है।
अब: अब स्टाल से लिए जाने वाले सैंपल की समय सीमा तय होगी।
सात स्टेशनों पर पहुंची जांच टीम, स्टालों में परखा खाना : मंडल के सात प्रमुख स्टेशनों पर खाने के स्टाल और वेंडर की जांच की गई। इस दौरान खाने की गुणवत्ता में कमी मिलने पर जांच अधिकारियों ने वेंडर और संचालक के खिलाफ जुर्माना लगाया। मंडल में खाने की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान में अब तक 50 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है। वहीं खराब खाना परोसने और वेंडर द्वारा मारपीट की घटना को अंजाम देने के बाद कमर्शियल विभाग ने विशेष वितरण केंद्र और मेघना राजेंद्र कुमार फर्म का लाइसेंस पिछले सप्ताह सस्पेंड कर दिया था। निरीक्षकों द्वारा स्टेशनों पर खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच कर उसकी गुणवत्ता तथा सामग्री के मूल्य की जांच की जा रही है। वाणिज्य प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव तथा सहायक वाणिज्य प्रबंधक पंकज कुमार दुबे के नेतृत्व में जांच टीमों ने जबलपुर, मदन महल, कटनी, नरसिंहपुर, गाडरवारा, सतना, दमोह, सागर आदि स्टेशनों पर खाद्य सामग्रियों की जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने खाद्य सामग्री बेचने वाले को निर्देश दिया कि वे हमेशा उच्च गुणवत्ता की सामग्री उचित मूल्य पर ही रेल यात्रियों को बेचें।
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जबलपुर, सतना और कटनी में वेंडरों का सत्यापन किया जा रहा है। नए नियम में अब वेंडर को हर छह माह में पुलिस सत्यापन कराना होगा। खाने की गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर संचालक का टेंडर लाइसेंस भी रद किया जा सकता है।
-विश्वरंजन, सीनियर डीसीएम, जबलपुर रेल मंडल
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