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Mangala Lakshadweep: meri raah tujhse, meri chaah tujhse; mujhe bas yahin reh jaana - Kirti Solanki

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Small Station Board;
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Medium; Platform Pic; Large Station Board;
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NDLS/New Delhi (16 PFs)
ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ / نئی دِلّی     नई दिल्ली

Track: Quadruple Electric-Line

Type of Station: Regular
Number of Platforms: 16
Number of Halting Trains: 106
Number of Originating Trains: 86
Number of Terminating Trains: 86
PF-1; Paharganj, New Delhi 110055. PF-16; Nr New Delhi Metro Station, Ajmeri Gate 110002
State: Delhi NCT
add/change address
Elevation: 216 m above sea level
Zone: NR/Northern
Division: Delhi
60 Travel Tips
NDLS/New Delhi is in Recent News
Nearby Stations in the News

Rating: 4.2/5 (1292 votes)
cleanliness - good (166)
porters/escalators - good (162)
food - good (162)
transportation - excellent (165)
lodging - good (160)
railfanning - excellent (161)
sightseeing - excellent (157)
safety - good (159)

Nearby Stations

CSB/Shivaji Bridge 1 km     DSB/Sadar Bazar 2 km     TKJ/Tilak Bridge 2 km     DLI/Old Delhi Junction 2 km     SZM/Sabzi Mandi 4 km     PGMD/Pragati Maidan 4 km     DKZ/Delhi Kishan Ganj 4 km     DEE/Delhi Sarai Rohilla 5 km     VVKP/Vivekanand Puri Halt 6 km     DBSI/Dayabasti 7 km    
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Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 4894 News Items  next>>
  
Today (21:45) आउटसोर्सिग की राह पर रेलवे लोको, कोच मेंटीनेंस के कोर कार्यो में भी कर्मचारियों की संख्या कम होगी (epaper.jagran.com)
IR Affairs
NR/Northern
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News Entry# 393340  Blog Entry# 4459533   
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Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: Gonda Junction/GD added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: Lucknow Junction NER/LJN added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: Nadiad Junction/ND added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:46)
Station Tag: Lucknow Charbagh NR/LKO added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964
उदाहरण के लिए ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट)नॉन पावर ब्लॉक, ओएचई के अन्य कार्य, पीएसआइ (पॉवर सप्लाई इंस्टालेशन)मेंटीनेंस एवं पीएसआइ ऑपरेशन तथा टीपीसी (ट्रैक्शन पॉवर कंट्रोलर), ड्राइंग तथा तकनीकी एवं क्लेरिकल स्टाफ व हेल्पर के कार्य आउटसोर्स करने को कहा गया है। कोर गतिविधियों में भी नए मानकों के अनुसार इलेक्टिक लोको तथा कोच के मेंटीनेंस के लिए इलेक्टिक एवं मैकेनिकल कर्मचारियों की संख्या अब पहले से कम होगी। रेलवे में ये मुहिम सरकार के उस आदेश के बाद शुरू हुई है जिसमें सभी मंत्रलयों से फालतू कर्मचारियों में कमी करने तथा गैर-कोर गतिविधियों को आउटसोर्स करने को कहा गया है। ताजा मुहिम रेलवे में मार्च, 2020 तक 55 वर्ष से अधिक उम्र अथवा 30 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अक्षम कर्मचारियों और अधिकारियों को रिटायर करने के 27 जुलाई के पिछले आदेश के कार्यान्वयन के बीच में शुरू हुई है। इस संबंध में सरकार की ओर से लोकसभा में जवाब...
more...
दिया गया था कि रेलवे में 13 लाख कर्मचारी हैं और सरकार इनकी संख्या को घटाकर 10 लाख करना चाहती है। इसके लिए 2014 से 2019 के बीच ग्रुप ए तथा ग्रुप बी के 1.19 लाख अधिकारियों के कामकाज, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, हाजिरी तथा समयपालन की समीक्षा की गई है। तदनुसार सेवा नियमावली की ‘प्रीमेच्योर रिटायरमेंट क्लॉज’ के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए इनमें से अक्षम अधिकारियों को समय से पहले रिटायर करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे में कर्मचारियों संख्या कम करने तथा नॉन-कोर गतिविधियों को आउटसोर्स करने का आधार उसी दिन तैयार हो गया था जब 2016 में रेल बजट को खत्म कर इसे आम बजट का हिस्सा बना दिया गया था। तत्कालीन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने तब कहा था, ‘रेलवे का मुख्य कार्य ट्रेने चलाना है। जो चीजें इस मुख्य गतिविधि का प्रत्यक्ष हिस्सा नहीं हैं उन्हें आउटसोर्स किया जा सकता है। ’
सरकार का मानना है कि यदि भारतीय रेल को जापान और चीन से मुकाबला करना है तथा जनता को विश्वस्तरीय और हाईस्पीड सेवाएं प्रदान करनी है तो उसे कुशल और प्रतिस्पद्र्धी बनना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि वे कार्य अनुबंध पर निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएं जिनका सीधा संबंध ट्रेन ऑपरेशन से नहीं है। इंजन, वैगन और डिब्बों का निर्माण, पार्सल, स्टेशनों, कॉलोनियों, अस्पतालों तथा स्कूलों का प्रबंधन एवं रखरखाव जैसे अनेक कार्य इसी श्रेणी में आते हैं।
लोको, कोच मेंटीनेंस के कोर कार्यो में भी कर्मचारियों की संख्या कम होगी
  
Today (21:28) इसरो की सैटलाइट ट्रेन को समय पर पहुंचा रही है... लेकिन कैसे (epaper.navbharattimes.com)
New Facilities/Technology
NR/Northern
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News Entry# 393338  Blog Entry# 4459508   
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Oct 15 2019 (21:29)
Station Tag: Ambala Cantt. Junction/UMB added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964

Oct 15 2019 (21:29)
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Oct 15 2019 (21:29)
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Oct 15 2019 (21:29)
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Oct 15 2019 (21:29)
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Oct 15 2019 (21:29)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by ♤The Silent Traveller ♧♤*^~/206964
3 करोड़ अपडेट
(संभावित)
1.4 करोड़ अपडेट
5 लाख अपडेट
अक्टूबर 2020 तक
अक्टूबर
...
more...
2019 तक
जनवरी 2019 तक
रेलवे को रोजाना कितने अपडेट देता है इसरो
अगले साल तक सारी ट्रेनों पर होगी आसमान से नजर
रियल टाइम ट्रेन इन्फॉर्मेशन सिस्टम(RTIS)
कब शुरू हुआ काम
अक्टूबर 2020
सभी ट्रेनें इसरो से जुड़ सकती हैं (डेडलाइन)
अक्टूबर 2019
6000 इंजनों में डिवाइस लगीं, यह रेलवे का आधा नेटवर्क है
जनवरी 2019
कुछ बड़ी ट्रेनों में लोकेशन सिस्टम सफल रहा
जुलाई-सितंबर 2017
इसरो ने कुछ ट्रेनों में ट्रायल शुरू किया• यात्रियों को ट्रेन के समय की सटीक जानकारी।
• जहां स्टॉप नहीं वहां ट्रेन के रुकने की जानकारी, जिसे बाद में ठीक किया जा सकता है।
• ट्रेन की धीमी स्पीड पता चलती है, जिसे समय पर सुधारने की कोशिश होती है।
• ट्रेन कंट्रोलर को तुरंत अपडेट मिलने से वह प्राथमिकता के आधार पर ट्रेन आगे बढ़ाता है।
• 30 सेकंड पर ट्रेन की लोकेशन
• हर 30 सेकंड पर बढ़ने-घटने वाली स्पीड
• किसी रेलवे स्टेशन से गुजरने, पहुंचने और चलने की जानकारी
• जहां पर ट्रेन को रुकना नहीं, वहां रुक गई है तो।• रियलटाइम के लिए ट्रेन इन्फॉर्मेशन सिस्टम नाम
की डिवाइस ट्रेन इंजन के नीचे और ऊपर फिट की जाती है।
• यह डिवाइस इसरो के गगन (जिओपोजिशनिंग सिस्टम) का इस्तेमाल करके डेटा भेजने का काम करती है। यह सैटलाइट के संपर्क में होती है।
• ट्रेन चलाने वाले लोको पायलट भी एक बटन दबाकर कंट्रोल रूम में कोई इमरजेंसी मेसेज भेज सकते हैं।
रियलटाइम अपडेट के फायदे
क्या डेटा मिलता है...
क्या है सिस्टम
दिल्ली के कंट्रोल रूम में ट्रेनों की आवाजाही की डिटेल देखता एक अफसर।• ईटी ब्यूरो, नई दिल्ली
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात के 2.58 बजे हैं। रेलवे कंट्रोलर- देव का पूरा ध्यान ट्रेन नंबर 22340 (पठानकोट-दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस) पर है। यह ट्रेन कुछ ही देर पहले हरियाणा के करनाल से रवाना हुई है।
देव के लिए अगले आधे घंटे मुश्किल भरे होने वाले हैं। साथ ही रेलवे ट्रैक ठीक करने वाले उन कर्मचारियों के लिए भी जो पानीपत जंक्शन के पास ट्रैक के किनारे बैठे हैं। जैसे ही पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस पानीपत पहुंची, कर्मचारियों को ट्रैक पर काम करने के लिए हरी झंडी दे दी गई। अब जब तक अगला आदेश नहीं मिलता, ये कर्मचारी बिना किसी डर के ट्रैक पर काम करते रहेंगे।
इधर, देव ने पानीपत के स्टेशन मास्टर को फोन लगाया और कुछ बातें कीं। 15 मिनट के लिए ट्रैक को आवाजाही के लिए ब्लॉक करने की इजाजत देते वक्त देव को मालूम था कि अभी कई और ट्रेनें कतार में हैं। वह यह भी जानते हैं कि इन ट्रेनों को कैसे और किस वक्त पास देना है।
एक साल पहले तक ट्रेनों की आवाजाही के बारे में ऐसे फैसले रेलवे कंट्रोलर नहीं ले पाते थे। यह संभव हुआ है कि इसरो के गगन (जीपीएस पर आधारित एक नैविगेशन सिस्टम से)। यह सिस्टम सैटलाइट द्वारा संचालित है, जो कि पहले भारतीय एयरस्पेस के लिए बनाया गया था। अब यह सिस्टम से हर 30 सेकंड पर ट्रेनों की स्पीड और लोकेशन का डेटा देता है, जिससे ट्रेनों की टाइमिंग सटीक हो गई है।
रेलवे कंट्रोलर देव की पोस्टिंग उस सेक्शन में है, जो दिल्ली-अंबाला के बीच ट्रेनों की आवाजाही को मैनेज करते हैं। अपनी छह घंटे की ड्यूटी में देव के पास यह अधिकार है कि वह किसी भी ट्रेन को रोक सकते हैं और किसी ट्रेन को आगे कर सकते हैं। यहां तक पटरी पर अगर मरम्मत की जरूरत है, तो इसकी इजाजत भी दे सकते हैं।
पहले रेलवे कंट्रोलर की ड्यूटी मुश्किल थी। उसका ज्यादातर समय रजिस्टर में ट्रेनों का डेटा फीड करने में ही चला जाता है। ऐसे में वह जरूरत के हिसाब से ट्रेनों को चलाने की प्लानिंग नहीं कर पाता था। अब डेटा सीधा सैटलाइट से जुड़ जाने की वजह से देव को ज्यादा समय मिलता है। इसलिए वह प्राथमिकता के आधार पर ट्रेनों को समय से पहुंचाने का काम करते हैं। अगर कोई ट्रेन 60-70 की स्पीड में चल रही है और ट्रैक में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा सकती है, तो देव उस ट्रेन को स्पीड बढ़ाने का निर्देश देते हैं। जबकि पहले दो स्टेशनों के बीच कवर की गई दूरी के आधार पर ट्रेन की स्पीड मापी जाती थी। लेकिन अब यह हर 30 सेकंड में पता चलता रहता है।
देश के करीब आधे लोकोमोटिव इंजनों में नए सिस्टम लग गए हैं। मतलब वे सैटलाइट से जुड़ चुके हैं। इसमें 120 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इसरो का यह सैटलाइट रणनीतिक और गोपनीयता के नजरिए से महत्तपूर्ण है, इसलिए हम उस सैटलाइट का नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं। लेकिन नए सिस्टम से यह साफ है कि देव जैसे हजारों रेलवे कंट्रोलर ट्रेनों को टाइम से पहुंचाने लगे हैं।
रेलवे अपनी सभी ट्रेनों को एक सिस्टम के जरिए इसरो के सैटलाइट से जोड़ रहा है। ऐसा करने से फिलहाल 1.4 करोड़ रियलटाइम अपडेट रोजाना मिल रहे हैं। जैसे- ट्रेन कहां है और कितनी स्पीड से चल रही है। इस रिपोर्ट में एक रेलवे कंट्रोलर के काम को समझते हुए जानें कि कैसे जीपीएस डेटा का इस्तेमाल करके ट्रेनें समय की पाबंद हुई हैं।
इसरो की सैटलाइट ट्रेन को समय पर पहुंचा रही है... लेकिन कैसे/
  
Today (11:31) इसरो की सैटलाइटस की मदद से ट्रेनें चल रही है समय पर, जानिए कैसे (navbharattimes.indiatimes.com)
New Facilities/Technology
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News Entry# 393303  Blog Entry# 4458894   
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Oct 15 2019 (12:35)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by Saurabh®^~/1294142
Stations:  New Delhi/NDLS  
एक साल पहले तक ट्रेनों की आवाजाही के बारे में ऐसे फैसले रेलवे कंट्रोलर नहीं ले पाते थे। यह संभव हुआ है कि इसरो के गगन (जीपीएस पर आधारित एक नैविगेशन सिस्टम से)। यह सिस्टम सैटलाइट द्वारा संचालित है, जो कि पहले भारतीय एयरस्पेस के लिए बनाया गया था।
इसरो की मदद से भारतीय रेलवे अपने ट्रेनों को समय पर चलाने में सफल हो रहा है
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के सैटलाइट की मदद से ट्रेनें समय पर चल रही हैं
इसके
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जरिए रेलवे कंट्रोलर के काम में भी आसानी हुई है
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात के 2.58 बजे हैं। रेलवे कंट्रोलर- देव का पूरा ध्यान ट्रेन नंबर 22340 (पठानकोट-दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस) पर है। यह ट्रेन कुछ ही देर पहले हरियाणा के करनाल से रवाना हुई है। देव के लिए अगले आधे घंटे मुश्किल भरे होने वाले हैं। साथ ही रेलवे ट्रैक ठीक करने वाले उन कर्मचारियों के लिए भी जो पानीपत जंक्शन के पास ट्रैक के किनारे बैठे हैं। जैसे ही पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस पानीपत पहुंची, कर्मचारियों को ट्रैक पर काम करने के लिए हरी झंडी दे दी गई। अब जब तक अगला आदेश नहीं मिलता, ये कर्मचारी बिना किसी डर के ट्रैक पर काम करते रहेंगे।
इधर, देव ने पानीपत के स्टेशन मास्टर को फोन लगाया और कुछ बातें कीं। 15 मिनट के लिए ट्रैक को आवाजाही के लिए ब्लॉक करने की इजाजत देते वक्त देव को मालूम था कि अभी कई और ट्रेनें कतार में हैं। वह यह भी जानते हैं कि इन ट्रेनों को कैसे और किस वक्त पास देना है।
इसरो के 'गगन' का कमाल
एक साल पहले तक ट्रेनों की आवाजाही के बारे में ऐसे फैसले रेलवे कंट्रोलर नहीं ले पाते थे। यह संभव हुआ है कि इसरो के गगन (जीपीएस पर आधारित एक नैविगेशन सिस्टम से)। यह सिस्टम सैटलाइट द्वारा संचालित है, जो कि पहले भारतीय एयरस्पेस के लिए बनाया गया था। अब यह सिस्टम से हर 30 सेकंड पर ट्रेनों की स्पीड और लोकेशन का डेटा देता है, जिससे ट्रेनों की टाइमिंग सटीक हो गई है।
आसमान से ट्रेन की निगरानी
रेलवे कंट्रोलर देव की पोस्टिंग उस सेक्शन में है, जो दिल्ली-अंबाला के बीच ट्रेनों की आवाजाही को मैनेज करते हैं। अपनी छह घंटे की ड्यूटी में देव के पास यह अधिकार है कि वह किसी भी ट्रेन को रोक सकते हैं और किसी ट्रेन को आगे कर सकते हैं। यहां तक पटरी पर अगर मरम्मत की जरूरत है, तो इसकी इजाजत भी दे सकते हैं।
पहले रेलवे कंट्रोलर की ड्यूटी मुश्किल थी। उसका ज्यादातर समय रजिस्टर में ट्रेनों का डेटा फीड करने में ही चला जाता है। ऐसे में वह जरूरत के हिसाब से ट्रेनों को चलाने की प्लानिंग नहीं कर पाता था। अब डेटा सीधा सैटलाइट से जुड़ जाने की वजह से देव को ज्यादा समय मिलता है। इसलिए वह प्राथमिकता के आधार पर ट्रेनों को समय से पहुंचाने का काम करते हैं। अगर कोई ट्रेन 60-70 की स्पीड में चल रही है और ट्रैक में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा सकती है, तो देव उस ट्रेन को स्पीड बढ़ाने का निर्देश देते हैं। जबकि पहले दो स्टेशनों के बीच कवर की गई दूरी के आधार पर ट्रेन की स्पीड मापी जाती थी। लेकिन अब यह हर 30 सेकंड में पता चलता रहता है।
जानें क्या डेटा मिलता है
देश के करीब आधे लोकोमोटिव इंजनों में नए सिस्टम लग गए हैं। मतलब वे सैटलाइट से जुड़ चुके हैं। इसमें 120 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इसरो का यह सैटलाइट रणनीतिक और गोपनीयता के नजरिए से महत्तपूर्ण है, इसलिए हम उस सैटलाइट का नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं। लेकिन नए सिस्टम से यह साफ है कि देव जैसे हजारों रेलवे कंट्रोलर ट्रेनों को टाइम से पहुंचाने लगे हैं।
  
Today (09:45) आज से शुरू होंगी 10 नई 'सेवा सर्विस' ट्रेन, रेल मंत्री हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना (navbharattimes.indiatimes.com)
New/Special Trains
NR/Northern
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News Entry# 393292  Blog Entry# 4458754   
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Oct 15 2019 (09:45)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by 12302 ER King~/1996412

Oct 15 2019 (09:45)
Station Tag: Shamli/SMQL added by 12302 ER King~/1996412

Oct 15 2019 (09:45)
Train Tag: Shamli - Delhi Sewa Service Passenger/51918 added by 12302 ER King~/1996412

Oct 15 2019 (09:45)
Train Tag: Delhi - Shamli Passenger/51917 added by 12302 ER King~/1996412
ये सभी पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनमें कुछ रोजाना और कुछ ट्रेनें सप्ताह में 6 दिन चलेंगी। इनमें से एक ट्रेन दिल्ली और शामली के बीच चलेगी।
नई दिल्ली
यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे मंगलवार से 10 नई ट्रेनें शुरू करने जा रहा है। इन ट्रेनों को 'सेवा सर्विस' ट्रेन नाम दिया गया है। मंगलवार दोपहर 2 बजे रेल मंत्री पीयूष गोयल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर इन ट्रेनों को रवाना करेंगे। ये सभी पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनमें कुछ रोजाना
...
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और कुछ ट्रेनें सप्ताह में 6 दिन चलेंगी।
रोजाना सेवा वाली ट्रेनें दिल्ली और शामली, भुवनेश्वर और नारायणगढ़ शहर, मुरकंगसेलेक और डिब्रूगढ़, कोटा और झालावाड़ तथा कोयंबटूर और पलानी के बीच चलेंगी। वहीं, सप्ताह में 6 दिन चलने वाली ट्रेनें वडनगर और महेसाणा, असारवा और हिम्मतनगर, करूर और सलेम, यशवंतपुर और तुमुकुर तथा कोयंबटूर और पोल्लाची के बीच चलेंगी।नॉर्दर्न रेलवे के मुख्य प्रवक्ता दीपक कुमार के मुताबिक, रेल यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली और शामली के बीच एक नई दैनिक सेवा सर्विस ट्रेन (संख्या 51917/51918) की नियमित सेवा शुरू की जा रही है। ट्रेन संख्या 51917 दिल्ली जंक्शन से सुबह 08:40 बजे चलकर उसी दिन सुबह 11:50 बजे शामली पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 51918 उसी दिन दोपहर 2 बजे शामली से चलकर शाम 5:10 बजे दिल्ली जंक्शन पहुंचेगी।दोनों दिशाओं में इस ट्रेन की नियमित सेवा बुधवार से शुरू हो जाएगी। इसमें 11 जनरल कोच होंगे और ये शाहदरा, गोकलपुर, सबोली हॉल्ट, नौली, खेकड़ा, बागपत रोड, बड़ौत, कासिमपुर खेड़ी और कांदला स्टेशनों पर रुकती हुई जाएगी।
मंगलवार को दोपहर 2 बजे नई दिल्ली से शामली
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि चूंकि मंगलवार को दोपहर 2 बजे रेल मंत्री सेवा सर्विस ट्रेनों का उद्घाटन करेंगे, इसलिए मंगलवार को दोपहर 2 बजे नई दिल्ली से ट्रेन चलेगी, जो शाम 5:15 बजे शामली पहुंचेगी, लेकिन वापसी में शामली से दिल्ली के लिए ट्रेन नहीं आएगी। बुधवार से इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन तय किए गए नए शेड्यूल के अनुसार होने लगेगा।

1 Public Posts - Today

  
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Today (10:43)
ahm33966~   1863 blog posts
Re# 4458754-2            Tags   Past Edits
This is a good initiative by Government to provide rail connectivity to small towns ..... Good decision.......more such Seva service needs to be started by IR.

  
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Today (13:26)
brandonbuffard^~   18528 blog posts   10569 correct pred (74% accurate)
Re# 4458754-3            Tags   Past Edits
The only disheartening is the BBS Nayagarh one
Going as express train
Sad 💔💔

  
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Today (13:48)
ahm33966~   1863 blog posts
Re# 4458754-4            Tags   Past Edits
Yes....alll others r either passenger or Demu trains except this one which is a Express train

  
Rail News
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Today (14:31)
Snacks with chocolate~   352 blog posts
Re# 4458754-5            Tags   Past Edits
good decision

  
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Today (16:12)
brandonbuffard^~   18528 blog posts   10569 correct pred (74% accurate)
Re# 4458754-6            Tags   Past Edits
Not only that
Too many stoppages equivalent to passenger
  
Yesterday (15:20) VANDE BHARAT EXPRESS में आई खराबी, AC खराब होने पर यात्रियों ने जमकर किया हंगामा, घंटे भर खड़ी रही ट्रेन (www.jansatta.com)
NR/Northern
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News Entry# 393241  Blog Entry# 4458013   
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Oct 14 2019 (15:21)
Station Tag: Allahabad Junction/ALD added by Waiting for New Humsafar Now😄🤗SL3AC~/886143

Oct 14 2019 (15:21)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by Waiting for New Humsafar Now😄🤗SL3AC~/886143

Oct 14 2019 (15:21)
Station Tag: New Delhi/NDLS added by Waiting for New Humsafar Now😄🤗SL3AC~/886143

Oct 14 2019 (15:21)
Train Tag: New Delhi - Varanasi Vande Bharat Express/22436 added by Waiting for New Humsafar Now😄🤗SL3AC~/886143
VANDE BHARAT EXPRESS में आई खराबी, AC खराब होने पर यात्रियों ने जमकर किया हंगामा, घंटे भर खड़ी रही ट्रेन
वंदे भारत एक्सप्रेस फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस
भारत की प्रिमियम ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ (Vande Bharat Express) में खराबी की शिकायत सामने आई है। रविवार को वाराणसी से नई दिल्ली जा रहे यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। आलम यह रहा कि ट्रेन में खराबी आने के बाद यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और ट्रेन लगभग घंटे भर खड़ी रही। जानकारी के मुताबिक स्विच में खराबी आने की वजह से ट्रेन की चार
...
more...
बोगियों के एसी काम करना बंद कर दिए थे। ऐसे में यात्रियों ने परेशानी का सामना करने के बाद जब हंगामा किया तब टेक्निशन आया और स्विच ठीक किया। ऐसे में ट्रेन दिल्ली के लिए करीब 1 घंटे बाद ही रवाना हो पाई।
वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार यात्री जैसे ही वाराणसी से निकले तभी इलाहाबाद स्टेशन पर पहुंचने से 10 मिनट पहले शाम के करीब 4:50 बजे एसी ने काम करना बंद दिया। इसके बाद एसी को 6 बजे तक ठीक किया जा सका। इस दौरान ट्रेन के भीतर सारी सहूलियत और सुविधाएं लगभग ठप रहीं।
ऐसा नहीं है कि वंदे भारत एक्सप्रेस में खराबी का यह पहला वाकया सामने आया है। सबसे पहले इस ट्रेन में खराबी की बात मार्च में सामने आई थी। तब ट्रेन के एक कोच में आग लगने की घटना घटी थी। उस दौरान कोच के ट्रांसफॉर्मर में आग लगी थी। इसी साल जुलाई महीने में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस ट्रेन के निर्मातों के साथ मुलाकात की थी और सिक्यॉरिटी से जुड़े मसले को लेकर बातचीत भी की थी। गौरतलब है कि 15 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली- वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। इसे ट्रेन 18 के नाम से भी जाना जाता है। यह रेलगाड़ी पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक EMU (Electric Multiple Unit) से चेन्नई के कोच फैक्टरी में तैयार की गई है।
वंदे भारत एक्सप्रेस एक सेमी-हाईस्पीड ट्रेन है और यह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर तय करती सकती है। यह इलेक्ट्रिक ऑपरेटेड और इसके कोच बिल्कुल मेट्रो की तरह हैं। इसे तैयार करने में 100 करोड़ रुपये का खर्च आया है। गौरतलब है कि जब यह ट्रेन शुरू हुई थी, तभी दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर टुंडला रेलवे स्टेशन के पास इसका ब्रेक जाम हो गया था।

  
Rail News
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Yesterday (19:00)
sanjay07~   167 blog posts
Re# 4458013-1            Tags   Past Edits
Very Sad
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